रक्षाबंधन 2026: अमित शाह ने महिला सशक्तीकरण को बताया विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 27 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर गुजरात और समस्त देशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए महिला सशक्तीकरण को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत करार दिया। 28 अगस्त को पर्व के अवसर पर जारी अपने संदेश में उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और राष्ट्र-निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
रक्षाबंधन का संदेश और महिला सम्मान
शाह ने अपने संदेश में कहा कि रक्षाबंधन का पर्व केवल भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्म-सम्मान के प्रति प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे महिलाओं के सम्मान और उनकी क्षमताओं को राष्ट्रीय प्रगति से जोड़ने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
सरकारी योजनाओं का उल्लेख
केंद्रीय मंत्री शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार द्वारा चलाई जा रही कई प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया। इनमें 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', 'सुकन्या समृद्धि योजना', 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना', 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना', 'लखपति दीदी' और 'नमो ड्रोन दीदी' शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य देश की लड़कियों और महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
शाह ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में BJP सरकार, विकास के केंद्र में महिला सशक्तीकरण को रखकर 'नारी शक्ति' को राष्ट्रीय ताकत बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है।'
महिला आरक्षण अधिनियम — एक ऐतिहासिक कदम
केंद्रीय मंत्री ने महिला आरक्षण अधिनियम का विशेष उल्लेख करते हुए इसे एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब महिला नेतृत्व को लेकर राष्ट्रीय विमर्श तेज हो रहा है।
महिला-नेतृत्व वाले विकास की ओर
शाह ने जोर देकर कहा कि सरकार का ध्यान केवल महिलाओं को सशक्त बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें देश के विकास में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए और अधिक अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि 'लखपति दीदी' जैसी पहल करोड़ों महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की राह पर ले जा रही है। उनके अनुसार, मोदी सरकार के निर्णय भारत की यात्रा को 'महिला सशक्तीकरण' से आगे बढ़ाकर 'महिला-नेतृत्व वाले विकास' की ओर ले जा रहे हैं।
समाज से अपील
केंद्रीय मंत्री ने नागरिकों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि देश की हर लड़की सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर हो। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन के इस पर्व पर उनका यह संदेश महिला अधिकारों और राष्ट्र-निर्माण में उनकी केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।