मोदी सरकार के 12 साल: अमित शाह बोले — 'विमेन-लेड डेवलपमेंट' से नारी शक्ति को मिला नया मुकाम
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने 12 जून 2026 को सरकार की महिला-केंद्रित नीतियों की व्यापक समीक्षा प्रस्तुत की। शाह ने कहा कि मोदी सरकार का 'विमेन-लेड डेवलपमेंट' मॉडल नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण का नया अध्याय लिख रहा है। इसी क्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के आँकड़े साझा किए।
मुख्य घोषणाएँ और योजनाओं का लेखा-जोखा
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा, 'मोदी सरकार का 'विमेन-लेड डेवलपमेंट' मॉडल नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण का नया अध्याय लिख रहा है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से लेकर उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन और 12 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण तक महिलाओं के सम्मान और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।'
शाह ने यह भी रेखांकित किया कि मुद्रा योजना के तहत लाभार्थियों में 70 प्रतिशत महिलाएँ हैं, जिन्हें बिना गारंटी ऋण देकर स्वरोजगार से जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त 'लखपति दीदी', 'करोड़पति दीदी' और स्वयं सहायता समूह जैसी योजनाओं को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय दिया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राजनीतिक भागीदारी
गृह मंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस कानून ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर महिलाओं की राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की माँग तेज़ हो रही है।
शाह ने कहा कि इन प्रयासों का परिणाम है कि आज महिलाएँ सेना, अंतरिक्ष, खेल, अनुसंधान और उद्योग समेत हर क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत की नारी शक्ति राष्ट्रीय विकास की प्रमुख प्रेरक शक्ति बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि सम्मान, आर्थिक सशक्तीकरण और विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका के माध्यम से महिलाएँ आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ भारत के भविष्य को आकार दे रही हैं।
सिंह ने रक्षा क्षेत्र का विशेष उदाहरण देते हुए बताया कि 2014 में सेना में महज 3,000 महिलाएँ थीं, जिनकी संख्या 2025 तक 11,000 तक पहुँच गई है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ अब परिचालन, रणनीतिक और नेतृत्वकारी भूमिकाओं में अमूल्य योगदान दे रही हैं, जिससे सशस्त्र बलों और देश की सुरक्षा को मजबूती मिल रही है।
आम जनता और महिलाओं पर असर
सरकार के अनुसार, उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण और मुद्रा ऋण जैसी पहलों ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी महिलाओं के जीवन स्तर में ठोस बदलाव लाया है। गौरतलब है कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को जोड़ने की यह मुहिम पिछले एक दशक में तेज़ हुई है।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह महिला-नेतृत्व वाले विकास और महिलाओं के लिए अधिक अवसर सृजित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। आने वाले समय में इन योजनाओं के विस्तार और नए कार्यक्रमों की घोषणा की संभावना जताई जा रही है।