PM मोदी ने एक्स पर गिनाईं 12 साल की नारी सशक्तिकरण उपलब्धियाँ, बोले — 'नारीशक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक श्रृंखलाबद्ध पोस्ट के ज़रिए एनडीए सरकार के 12 वर्षों की महिला-केंद्रित उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि भारत की नारीशक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है और देश की माताएं, बहनें व बेटियाँ हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से मातृभूमि का गौरव बढ़ा रही हैं।
महिला-नेतृत्व वाले विकास पर ज़ोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'पिछले 12 सालों में एनडीए सरकार ने महिला-नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किया है। इसका प्रभाव हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।' उन्होंने वित्तीय समावेशन, उद्यमिता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, आवास, खेल, विज्ञान और सुशासन को उन प्रमुख क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया जहाँ महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
मोदी ने आगे कहा, 'एनडीए सरकार के प्रयास सम्मान, अवसर और सशक्तिकरण के सिद्धांतों पर आधारित हैं। इन पहलों ने ऐसा वातावरण तैयार किया है जहाँ महिलाएं अपनी पूर्ण क्षमता का विकास कर सकें और राष्ट्र निर्माण में और अधिक प्रभावी योगदान दे सकें।'
विज्ञान, अंतरिक्ष और ड्रोन तकनीक में महिलाओं की भूमिका
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से विज्ञान, अंतरिक्ष और इनोवेशन के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा, 'मुझे विशेष रूप से यह देखकर खुशी होती है कि भारत की नारीशक्ति विज्ञान, अंतरिक्ष और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही है।' ड्रोन तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को उन्होंने नए अवसरों और विकास की नई दिशा से जोड़ा।
मोदी ने स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता में केंद्रीय भूमिका निभाने वाला बताया और कहा कि सरकार इन्हें सक्रिय रूप से समर्थन दे रही है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या और उनकी आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ी से विस्तार पा रही हैं।
संस्कृत सुभाषितम् से नारीशक्ति को श्रद्धांजलि
एक अलग पोस्ट में प्रधानमंत्री ने 'संस्कृत सुभाषितम्' साझा करते हुए लिखा — 'नारी त्रैलोक्यजननी, नारी त्रैलोक्यरूपिणी। नारी त्रिभुवनाधारा, नारी शक्तिस्वरूपिणी।' इस श्लोक का अर्थ है कि नारी तीनों लोकों की जननी है, तीनों लोकों की अभिव्यक्ति है, पूरे संसार का आधार है और शक्ति का वास्तविक स्वरूप है।
गौरतलब है कि यह पोस्ट श्रृंखला ऐसे समय में आई है जब सरकार महिला-नेतृत्व वाले विकास के अपने एजेंडे को व्यापक जनसंचार के ज़रिए सामने रखने की कोशिश कर रही है।
आगे क्या
प्रधानमंत्री की इस पोस्ट श्रृंखला को एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के संदर्भ में देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि उपलब्धियों के दावों को सत्यापन-योग्य आँकड़ों से पुष्ट किया जाना चाहिए, विशेषकर महिला श्रम बल भागीदारी दर और ग्रामीण स्तर पर स्वयं सहायता समूहों की वास्तविक आय के संदर्भ में। सरकार के समर्थकों का तर्क है कि पिछले एक दशक में महिला उद्यमिता और डिजिटल समावेशन में ठोस प्रगति हुई है।