'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर पीएम मोदी ने सभी दलों से समर्थन की अपील की
सारांश
Key Takeaways
- पीएम मोदी ने सभी दलों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन की अपील की।
- यह अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाएगा।
- संविधान की बारीकियों पर चर्चा की गई है।
- 2029 का चुनाव महिला आरक्षण के बाद होगा।
- सभी दलों को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर उनसे समर्थन का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि हम सभी को एकजुट होकर इस संशोधन को पारित कराने के लिए एकजुट होना चाहिए और अधिक से अधिक सांसदों को इस विषय पर अपने विचार संसद में प्रस्तुत करने चाहिए। यह अवसर किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर है।
अपने पत्र में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "16 अप्रैल से देश की संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है। यह बैठक हमारे लोकतंत्र को और मजबूत बनाने का एक अवसर है। यह हम सभी की प्रतिबद्धता को दोहराने का मौका है कि हम सबको साथ लेकर चलें।"
उन्होंने आगे कहा, "एक समाज तभी तरक्की करता है जब वहां महिलाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और नेतृत्व करने का अवसर दिया जाता है। भारत ने जो विकसित भारत का संकल्प लिया है, उसकी सिद्धि के लिए आवश्यक है कि नारी शक्ति अपनी पूरी क्षमता के साथ इस यात्रा में शामिल हो। हमारी बहनें और बेटियाँ हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, चाहे वह स्पेस, खेल, सशस्त्र बल या स्टार्ट-अप्स हों।"
पीएम मोदी ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण पर चर्चाएँ दशकों से हो रही हैं। उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा, "2023 में संसद में सभी दलों के सांसदों ने एक साथ आकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन किया था। यह हमारी एकजुटता का एक अविस्मरणीय क्षण था।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति हमारी जनसंख्या के लगभग आधे हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है। इस कदम से राजनीति में उनकी भागीदारी को बढ़ाने पर हमारी सहमति बनी थी।
उन्होंने कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा में संसद के सभी सदस्यों का योगदान रहा। इस चर्चा के दौरान इसे लागू करने के समय पर भी विचार किया गया था। सभी दलों के नेताओं ने इसे मुखरता से समर्थन दिया था।"
पीएम मोदी ने राजनीतिक दलों के नेताओं को लिखे पत्र में कहा कि अब वक्त आ गया है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को अपनी पूर्ण भावना के साथ लागू किया जाए। उचित होगा कि 2029 का लोकसभा चुनाव और सभी विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण को पूरी तरह लागू करने के बाद हों। इससे भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों में नई ऊर्जा का संचार होगा।
उन्होंने सभी दलों से अपील करते हुए कहा, "हम सभी को एक स्वर में इस संशोधन को पारित कराने के लिए एकजुट होना चाहिए। हम सभी दलों ने लंबे समय से महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की इच्छा जताई है। अब इसे वास्तविकता में बदलने का यही सही समय है।"
पीएम मोदी ने कहा कि यह देश की नारी शक्ति की सिद्धि का विषय है, 140 करोड़ देशवासियों की सिद्धि का विषय है। मुझे विश्वास है कि हम सभी एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे और संसद में यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त करेंगे।
उन्होंने पत्र में लिखा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने वाले संसद के सदस्य हमेशा इस बात पर गर्व करेंगे कि उन्होंने इस महान कार्य में योगदान दिया है। यह अवसर हमें नहीं छोड़ना चाहिए।"
उन्होंने अपील की, "आइए, हम अपने लोकतंत्र की महान परंपराओं को जीवंत बनाएं और इस ऐतिहासिक परिवर्तन के लिए कदम उठाएं।"