अमित शाह का दावा: मोदी सरकार ने 12 वर्षों में 70 करोड़ गरीबों को दीं बुनियादी सुविधाएं
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर में 28 जून 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में 70 करोड़ गरीब नागरिकों के जीवन में आमूल परिवर्तन लाया है। शाह के अनुसार, आवास, बिजली, शौचालय, पेयजल, रसोई गैस, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी ज़रूरतें पूरी कर देश का सबसे व्यापक गरीबी उन्मूलन अभियान चलाया गया है।
कार्यक्रम का संदर्भ
गृह मंत्री शाह गांधीनगर में पीएम फैमिली केयर ट्रैकर (PM-FCT) पायलट परियोजना और हेल्थ पासपोर्ट के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2014 से सरकार का प्रमुख लक्ष्य गरीबों के जीवन स्तर में सुधार करना रहा है।
शाह ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के अपने पुराने दौरों का उल्लेख करते हुए कहा, “जब मैं उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में गया तो मुझे वास्तविक गरीबी का एहसास हुआ। लोगों के पास रहने के लिए घर नहीं थे। घर नहीं था तो बिजली भी नहीं थी। अनगिनत घरों में शौचालय नहीं थे। जहां झोपड़ी थी, वहां भी घर के भीतर पानी की सुविधा नहीं थी।”
12 वर्षों की उपलब्धियां: शाह के दावे
गृह मंत्री ने कहा कि उस दौर में महिलाएं पारंपरिक चूल्हों पर घंटों खाना बनाती थीं और अधिकांश परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच से बाहर थीं। उनके शब्दों में, “माताएं पूरी जिंदगी धुएं वाले चूल्हे पर खाना बनाती थीं। आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि बीमारी होने पर इलाज के नाम पर भगवान से प्रार्थना करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता था।”
शाह ने दावा किया, “सिर्फ 12 वर्षों में 70 करोड़ गरीबों को पक्के घर, बिजली, नल से जल, शौचालय, गैस सिलेंडर, प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम खाद्यान्न और ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया है।” उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 3 करोड़ घरों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 1 करोड़ और घर निर्माणाधीन हैं।
पाँच पीढ़ियों का सपना
गृह मंत्री ने कहा कि अनेक लाभार्थियों ने उन्हें बताया कि उनके परिवार की पाँच पीढ़ियों में पहली बार ऐसा हुआ है जब वे ऐसे घर में रह रहे हैं जहां गैस, शौचालय, पीने का पानी, खाद्यान्न और बिजली जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, “12 वर्षों में उनकी पाँच पीढ़ियों का सपना पूरा हुआ है।”
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल सरकारी कल्याण योजनाओं की ज़मीनी पहुंच और क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते रहे हैं। गौरतलब है कि नीति आयोग की बहुआयामी गरीबी सूचकांक रिपोर्टें भी इस अवधि में गरीबी में उल्लेखनीय कमी दर्ज करती हैं, हालांकि स्वतंत्र अर्थशास्त्री योजनाओं की गुणवत्ता और स्थायित्व पर अलग-अलग राय रखते हैं।
पीएम फैमिली केयर ट्रैकर: अगला कदम
शाह ने पीएम फैमिली केयर ट्रैकर (PM-FCT) को कल्याणकारी योजनाओं के अगले चरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इस एकीकृत प्रणाली के ज़रिए गरीब परिवारों के बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण और शिक्षा उपलब्ध कराने की निगरानी की जाएगी। हेल्थ पासपोर्ट के साथ मिलकर यह परियोजना गुजरात से पायलट के रूप में शुरू हो रही है और आगे देशभर में विस्तार की संभावना है।