अमित शाह का गांधीनगर दौरा: ₹340 करोड़ की परियोजनाएं, ग्राम पंचायतें बनीं ग्रामीण विकास का केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 28 मई 2026 को गांधीनगर, गुजरात के दौरे पर ₹340 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सोनीपुर गांव में आयोजित जनसभा में उन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, पेयजल और सीमा सुरक्षा पर केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि मोदी सरकार में ग्राम पंचायतें मजबूत होकर ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनी हैं।
मुख्य उद्घाटन और शिलान्यास
शाह ने कलोल (गांधीनगर) में नए ग्राम पंचायत कार्यालय का उद्घाटन किया। इसके साथ ही गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में तालाबों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया गया। सर्व शिक्षा अभियान के तहत बने नए मोतीभोयन प्राथमिक विद्यालय का लोकार्पण भी इस दौरे का हिस्सा रहा।
शाह ने कहा कि विद्यालय किसी भी समाज के भविष्य की मजबूत नींव होते हैं और बच्चों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है।
सीमा सुरक्षा पर बड़े दावे
जनसभा में गृह मंत्री ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, 'हमने चुनाव के दौरान कहा था कि सरकार बनने के कुछ ही दिनों के भीतर बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम शुरू कर देंगे और हमने वह कर दिखाया।' शाह ने यह भी बताया कि चिकन नेक क्षेत्र में 121 हेक्टेयर भूमि केंद्र सरकार को सौंप दी गई है।
पश्चिम बंगाल और BSF को भूमि हस्तांतरण
शाह ने पश्चिम बंगाल के संदर्भ में कहा कि राज्य में सरकार बदलने के बाद BSF को 600 हेक्टेयर जमीन केवल सात दिनों के भीतर सौंप दी गई। उन्होंने इस कदम की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम बताया। गृह मंत्री ने दावा किया कि पूर्व सरकार के दौरान बांग्लादेश से प्रतिदिन घुसपैठ होती थी, जबकि अब घुसपैठ में कमी आई है — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीण विकास और पंचायती राज
शाह ने अपने एक्स पोस्ट में जोर देकर कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में ग्राम पंचायतों को संसाधन और अधिकार दोनों मिले हैं, जिससे वे जमीनी स्तर पर विकास की धुरी बन सकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पंचायती राज संस्थाओं को डिजिटल और वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है।
आगे क्या
गांधीनगर में शिलान्यास की गई परियोजनाओं के पूरा होने की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है। सीमा सुरक्षा से जुड़े कदमों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया और जमीनी क्रियान्वयन की निगरानी आने वाले हफ्तों में महत्वपूर्ण होगी।