अमित शाह ने भुज में BSF के जी-7 और जी-13 बॉर्डर आउट पोस्ट का लोकार्पण किया, जवानों के जज्बे को सलाम
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 29 मई 2026 को गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित जी-7 बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों से संवाद किया और जी-7 एवं जी-13 बॉर्डर आउट पोस्ट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर शाह ने कहा कि विषम जलवायु और अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद BSF के जवान हंसते हुए चेहरों के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, जो हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
लोकार्पण समारोह में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव और BSF के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम BSF की स्थापना के 60वें वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया।
जवानों की कठिन परिस्थितियों का उल्लेख
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि BSF के जवानों को माइनस 45 डिग्री से लेकर 45 डिग्री से अधिक तापमान तक हर परिस्थिति में तैनात रहना पड़ता है। उन्होंने कच्छ के दुर्गम रेगिस्तान, सरक्रीक और हरामी नाले की दलदली जमीन, राजस्थान के रेत के टीलों, कश्मीर की बर्फीली चोटियों और सुंदरबन के जंगलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी मोर्चों पर BSF ने छह दशकों से 'फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस' की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। शाह ने बताया कि बल के 2,000 जवानों ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया है।
स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी और चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड की घोषणा
गृह मंत्री ने बताया कि BSF की स्थापना के 60वें साल में सीमा सुरक्षा की अवधारणा को पूरी तरह बदलने का निर्णय लिया गया है। आने वाले दिनों में एक 'चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड' बनाया जाएगा और 'बॉर्डर सुरक्षा' की जगह 'टेरिटोरियल सुरक्षा' का नया कॉन्सेप्ट लॉन्च किया जाएगा। इसमें जनता, सिविल प्रशासन, स्थानीय पुलिस, सेना और BSF की संयुक्त जिम्मेदारी होगी। उन्होंने स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन, रेडार, वॉच टावर और अत्याधुनिक तकनीक में हजारों करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी दी।
बंगाल में फेंसिंग और घुसपैठ रोकने की योजना
शाह ने कहा कि सुरक्षा ग्रिड की सबसे बड़ी कमी बंगाल में अधूरी बॉर्डर फेंसिंग थी। उन्होंने बताया कि हाल ही में बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के भीतर फेंसिंग के लिए जमीन देने का सैद्धांतिक फैसला किया है और कुछ जमीन दे भी दी गई है। गौरतलब है कि जंगलों और नदी-नालों के रास्ते घुसपैठ रोकने के लिए तकनीकी फेंसिंग का काम भी तेजी से किया जा रहा है।
बनासकांठा जागरूकता केंद्र और जनभागीदारी
अमित शाह ने बताया कि बनासकांठा में एक जागरूकता केंद्र स्थापित किया गया है ताकि आम नागरिक BSF जवानों की कठिन ड्यूटी को समझ सकें। उन्होंने बताया कि बीते एक महीने में 2.5 लाख से अधिक लोग इस केंद्र का भ्रमण कर चुके हैं। फीडबैक सर्वे में कई महिलाओं ने लिखा कि यदि उनके बच्चे BSF में जाएं तो उन्हें गर्व होगा। यह फीडबैक फॉर्म अब ऑनलाइन भी उपलब्ध करा दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दो वर्षों में सरक्रीक और हरामी नाले के क्षेत्र को पूरी तरह 'लीक प्रूफ' बनाने का लक्ष्य रखा गया है।