14 जुलाई 2026
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स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट पर अमित शाह: 'कोई भी सीमा तोड़ने की हिम्मत नहीं करेगा', BSF का कॉन्सेप्ट बदलेगा

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स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट पर अमित शाह: 'कोई भी सीमा तोड़ने की हिम्मत नहीं करेगा', BSF का कॉन्सेप्ट बदलेगा

सारांश

BSF के 60वें साल पर भुज से अमित शाह का बड़ा ऐलान — सीमा पहरेदारी का पुराना ढाँचा बदलेगा। हजारों करोड़ के 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट' में ड्रोन, रडार और बहु-एजेंसी नेटवर्क से पाकिस्तान-बांग्लादेश सीमा पर अभेद्य सुरक्षा ग्रिड बनाने की तैयारी है।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने BSF के 60वें स्थापना वर्ष पर गुजरात के भुज से 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट' की घोषणा की।
प्रोजेक्ट में ड्रोन, रडार, वॉच टावर और अत्याधुनिक तकनीक शामिल होगी; निवेश हजारों करोड़ रुपये प्रस्तावित, अभी योजना चरण में।
नया मॉडल भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश दोनों सीमाओं पर लागू होगा; नागरिक प्रशासन, स्थानीय पुलिस, सशस्त्र बल और सीमावर्ती समुदाय भी शामिल होंगे।
शाह ने बंगाल की अधूरी बॉर्डर फेंसिंग को सुरक्षा घेरे की 'सबसे बड़ी कमी' बताया; कहा — BJP सरकार बनते ही एक सप्ताह में भूमि आवंटन का सैद्धांतिक निर्णय हुआ।
सरकार कुछ और क्षेत्रों में BSF के अधिकार क्षेत्र विस्तार पर विचार कर रही है, लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार, 30 मई 2025 को गुजरात के भुज स्थित बॉर्डर आउटपोस्ट जी7 पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित करते हुए घोषणा की कि सरकार ने BSF की सीमा सुरक्षा की अवधारणा को पूरी तरह बदलने का निर्णय लिया है। BSF के 60वें स्थापना वर्ष पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अब BSF केवल पारंपरिक सीमा-पहरेदारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एक व्यापक 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट' के तहत क्षेत्रीय सुरक्षा का नया मॉडल अपनाएगी। यह प्रोजेक्ट भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश दोनों सीमाओं पर लागू होगा।

क्षेत्रीय सुरक्षा का नया कॉन्सेप्ट

शाह ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित प्रणाली में केवल BSF जवान नहीं, बल्कि नागरिक प्रशासन, स्थानीय पुलिस, सशस्त्र बल और सीमावर्ती समुदाय भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा, 'हम सिर्फ सीमा सुरक्षा के बजाय क्षेत्रीय सुरक्षा का एक नया कॉन्सेप्ट शुरू करेंगे।' यह चौतरफा मॉडल देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर एक व्यापक सुरक्षा नेटवर्क खड़ा करेगा, जिसमें आम जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

गृह मंत्री के अनुसार, इस एकीकृत प्रणाली का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 'किसी में भी हमारी सीमाओं को तोड़ने की हिम्मत न हो।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत की पश्चिमी और पूर्वी सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियाँ लगातार चर्चा में हैं।

तकनीकी उन्नयन: ड्रोन, रडार और आधुनिक निगरानी

शाह ने बताया कि 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट' में ड्रोन, रडार, वॉच टावर और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों को BSF जवानों के साथ एकीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इन सभी घटकों को मिलाकर हम एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड स्थापित करेंगे।' गृह मंत्री के अनुसार यह प्रोजेक्ट अभी योजना के चरण में है और इसमें हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि तकनीकी उन्नयन से दूरदराज के इलाकों में तैनात जवानों की कठिनाइयाँ भी कम होंगी। उल्लेखनीय है कि इस प्रोजेक्ट के तहत कुछ कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।

बंगाल की बॉर्डर फेंसिंग पर विशेष जोर

शाह ने पश्चिम बंगाल की अधूरी सीमा-बाड़बंदी को देश के सुरक्षा घेरे की 'सबसे बड़ी कमी' बताया। उन्होंने कहा कि पहले बाड़ लगाने के लिए जमीन ही उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। उनके अनुसार, बंगाल में भाजपा सरकार बनते ही केवल एक सप्ताह में मुख्यमंत्री ने फेंसिंग के लिए जमीन देने का सैद्धांतिक निर्णय ले लिया और कुछ भूमि BSF को सौंप भी दी गई है। गौरतलब है कि बंगाल में अभी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार है; शाह के इस बयान को राजनीतिक टिप्पणी के रूप में भी देखा जा रहा है।

BSF के अधिकार क्षेत्र के विस्तार पर विचार

गृह मंत्री ने संकेत दिया कि सरकार कुछ और क्षेत्रों में BSF के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने पर विचार कर रही है, हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। BSF के अधिकार क्षेत्र का विस्तार पहले भी विवाद का विषय रहा है — 2021 में पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में BSF की परिचालन सीमा बढ़ाने के केंद्र के फैसले पर कई राज्य सरकारों ने आपत्ति जताई थी।

जवानों की सराहना और आगे की राह

शाह ने रेगिस्तान, दलदली क्षेत्रों, जंगलों और पहाड़ी इलाकों जैसी विषम भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभाने वाले BSF जवानों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नई तकनीक इन जवानों का बोझ हल्का करेगी, न कि उनकी जगह लेगी। BSF के 60वें स्थापना वर्ष पर यह घोषणा बल के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण नीतिगत संकेत है। प्रोजेक्ट की विस्तृत रूपरेखा और निवेश का अंतिम आँकड़ा योजना चरण पूरा होने के बाद सार्वजनिक होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'हजारों करोड़ रुपये' की अस्पष्ट राशि और 'योजना चरण' की स्वीकारोक्ति यह सवाल उठाती है कि यह नीतिगत दृष्टि कब और कैसे ज़मीन पर उतरेगी। BSF के अधिकार क्षेत्र विस्तार का संकेत — बिना अंतिम निर्णय के — पंजाब और बंगाल जैसे राज्यों के साथ पुराने केंद्र-राज्य तनाव को फिर से हवा दे सकता है। बंगाल की फेंसिंग पर टिप्पणी तथ्यात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका राजनीतिक संदर्भ भी स्पष्ट है। असली कसौटी यह होगी कि प्रोजेक्ट का विस्तृत खाका, निवेश का सत्यापन-योग्य आँकड़ा और क्रियान्वयन की समयसीमा कब सामने आती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट' क्या है?
यह भारत सरकार की एक प्रस्तावित सीमा सुरक्षा पहल है, जिसमें BSF के पारंपरिक मॉडल को बदलकर ड्रोन, रडार, वॉच टावर और बहु-एजेंसी नेटवर्क के ज़रिये एक व्यापक सुरक्षा ग्रिड बनाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश दोनों सीमाओं पर लागू होगा और अभी योजना चरण में है।
इस प्रोजेक्ट में कितना निवेश होगा और कब शुरू होगा?
गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार इस प्रोजेक्ट में हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, हालाँकि अभी तक सटीक राशि सार्वजनिक नहीं की गई है। प्रोजेक्ट अभी योजना चरण में है और कुछ प्रारंभिक कार्य पूरा हो चुका है।
नए मॉडल में BSF के अलावा और कौन शामिल होगा?
प्रस्तावित क्षेत्रीय सुरक्षा मॉडल में BSF जवानों के साथ-साथ नागरिक प्रशासन, स्थानीय पुलिस, सशस्त्र बल और सीमावर्ती समुदाय भी शामिल होंगे। यह चौतरफा कॉन्सेप्ट सीमा प्रबंधन को एकल-एजेंसी से बहु-एजेंसी ढाँचे में बदलेगा।
बंगाल की बॉर्डर फेंसिंग पर अमित शाह ने क्या कहा?
शाह ने पश्चिम बंगाल की अधूरी सीमा-बाड़बंदी को देश के सुरक्षा घेरे की 'सबसे बड़ी कमी' बताया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनते ही एक सप्ताह में मुख्यमंत्री ने फेंसिंग के लिए जमीन देने का सैद्धांतिक निर्णय लिया और कुछ भूमि BSF को सौंपी भी गई।
BSF के अधिकार क्षेत्र विस्तार पर क्या स्थिति है?
गृह मंत्री ने संकेत दिया कि सरकार कुछ और क्षेत्रों में BSF के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने पर विचार कर रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इससे पहले 2021 में भी BSF की परिचालन सीमा बढ़ाने के फैसले पर कई राज्यों ने आपत्ति जताई थी।
राष्ट्र प्रेस
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