14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अमित शाह का बड़ा ऐलान: बंगाल में सीमा फेंसिंग पूरी होते ही घुसपैठ पर लगेगी लगाम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अमित शाह का बड़ा ऐलान: बंगाल में सीमा फेंसिंग पूरी होते ही घुसपैठ पर लगेगी लगाम

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने भुज में BSF जवानों को संबोधित करते हुए साफ किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के एक हफ्ते में ही फेंसिंग के लिए ज़मीन मिली — जो वर्षों से अटकी थी। भौतिक और तकनीकी फेंसिंग का यह दोहरा मोर्चा भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा की सबसे बड़ी खामी को पाटने की कोशिश है।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 मई 2026 को भुज के बॉर्डर आउटपोस्ट जी7 पर BSF जवानों से संवाद किया।
पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर अधूरी फेंसिंग को शाह ने देश की सीमा सुरक्षा की सबसे बड़ी कमज़ोरी बताया।
बंगाल में BJP सरकार बनने के एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री ने फेंसिंग के लिए ज़मीन की सैद्धांतिक मंजूरी दी।
भौतिक फेंसिंग के बाद जंगल, नदियों और नालों वाले क्षेत्रों के लिए तकनीकी फेंसिंग सिस्टम पर काम जारी है।
केंद्र की 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी परियोजना' में ड्रोन, रडार और वॉच टावर शामिल हैं।
पाकिस्तान और बांग्लादेश — दोनों सीमाओं पर तकनीकी निगरानी प्रणाली को पारंपरिक प्रबंधन से जोड़ा जा रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 मई 2026 को गुजरात के भुज स्थित बॉर्डर आउटपोस्ट जी7 पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों से संवाद के दौरान स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम तेज़ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा फेंसिंग पूरी होते ही बड़े पैमाने पर घुसपैठ रोकना संभव हो जाएगा।

बंगाल की अधूरी फेंसिंग: सुरक्षा की सबसे बड़ी कमज़ोरी

शाह ने पश्चिम बंगाल में अधूरी सीमा फेंसिंग को भारत की सीमा सुरक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी कमज़ोरियों में से एक करार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में भौगोलिक चुनौतियाँ अवश्य हैं, परंतु जहाँ ज़मीन उपलब्ध थी, वहाँ भी फेंसिंग का काम अटका रहा — क्योंकि पिछली सरकार ने भूमि हस्तांतरण की अनुमति नहीं दी।

नई भाजपा सरकार की त्वरित कार्रवाई

गृह मंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के एक सप्ताह के भीतर ही मुख्यमंत्री ने फेंसिंग परियोजना के लिए आवश्यक सभी ज़मीन देने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा, 'अभी कुछ ही दिन पहले, बंगाल के लोगों के आशीर्वाद से, वहाँ पूरी तरह से लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा सरकार बनी और एक सप्ताह के अंदर ही मुख्यमंत्री ने फेंसिंग के लिए जरूरी सारी जमीन देने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी।' भूमि के कुछ हिस्सों का हस्तांतरण पहले ही शुरू हो चुका है।

तकनीकी फेंसिंग और स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी

शाह ने बताया कि भौतिक बाड़ पूरी होने के बाद केवल जंगल, नदियाँ और नाले ही ऐसे क्षेत्र बचेंगे जहाँ से घुसपैठ का खतरा हो सकता है। इन क्षेत्रों के लिए सरकार तकनीकी फेंसिंग सिस्टम पर तेज़ी से काम कर रही है। उन्होंने केंद्र की 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी परियोजना' का भी उल्लेख किया, जिसमें ड्रोन, रडार, वॉच टावर और अन्य आधुनिक निगरानी प्रणालियाँ शामिल हैं।

पाकिस्तान और बांग्लादेश — दोनों मोर्चों पर सतर्कता

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार पाकिस्तान और बांग्लादेश — दोनों सीमाओं पर पारंपरिक सीमा प्रबंधन के साथ-साथ टेक्नोलॉजी-आधारित निगरानी प्रणालियों को भी एकीकृत कर रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ और तस्करी की घटनाएँ राष्ट्रीय सुरक्षा विमर्श में केंद्रीय मुद्दा बनी हुई हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा की लंबाई लगभग 2,216 किलोमीटर है, और इसका एक बड़ा हिस्सा वर्षों से अनफेंस्ड रहा है। सीमा फेंसिंग पूरी होने के बाद यह क्षेत्र की सुरक्षा वास्तुकला में निर्णायक बदलाव साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भूमि विवाद और प्रशासनिक अड़चनों में उलझती रही है। 'स्मार्ट बॉर्डर' का वादा नया नहीं है; इसे धरातल पर उतरते देखना बाकी है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने बंगाल की सीमा फेंसिंग को लेकर क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर अधूरी फेंसिंग देश की सीमा सुरक्षा की सबसे बड़ी कमज़ोरी रही है। उन्होंने बताया कि फेंसिंग पूरी होते ही बड़े पैमाने पर घुसपैठ रोकना संभव हो जाएगा।
बंगाल में सीमा फेंसिंग के लिए ज़मीन की मंजूरी कब मिली?
पश्चिम बंगाल में BJP सरकार बनने के एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री ने फेंसिंग परियोजना के लिए आवश्यक सभी ज़मीन देने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। भूमि के कुछ हिस्सों का हस्तांतरण पहले ही शुरू हो चुका है।
स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी परियोजना क्या है?
केंद्र सरकार की 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी परियोजना' में ड्रोन, रडार, वॉच टावर और अन्य आधुनिक निगरानी प्रणालियों का उपयोग शामिल है। यह परियोजना पारंपरिक सीमा प्रबंधन को तकनीकी निगरानी से जोड़ती है और पाकिस्तान व बांग्लादेश — दोनों सीमाओं पर लागू की जा रही है।
जंगल और नदी वाले इलाकों में घुसपैठ कैसे रोकी जाएगी?
शाह के अनुसार भौतिक फेंसिंग पूरी होने के बाद केवल जंगल, नदियाँ और नाले ही संभावित घुसपैठ के रास्ते बचेंगे। इन क्षेत्रों के लिए सरकार तकनीकी फेंसिंग सिस्टम पर तेज़ी से काम कर रही है।
अमित शाह भुज में BSF जवानों से मिलने क्यों गए थे?
गृह मंत्री अमित शाह ने 29 मई 2026 को गुजरात के भुज स्थित बॉर्डर आउटपोस्ट जी7 पर BSF जवानों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा की मौजूदा स्थिति, बंगाल फेंसिंग परियोजना और स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी योजना पर विस्तार से जानकारी दी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 6 महीने पहले