बंगाल BJP सरकार ने 7 दिनों में BSF को सौंपी 600 हेक्टेयर जमीन, अमित शाह ने की सुवेंदु अधिकारी की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 28 मई 2026 को गांधीनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए घोषणा की कि पश्चिम बंगाल की नवगठित भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी को गति देने के लिए मात्र सात दिनों के भीतर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 600 हेक्टेयर भूमि सौंप दी है। यह कदम BJP के उस चुनावी वादे की पूर्ति बताया जा रहा है, जिसमें सत्ता मिलते ही सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया गया था।
भूमि हस्तांतरण का विवरण
अमित शाह ने बताया कि 600 हेक्टेयर भूमि के अतिरिक्त चिकन नेक क्षेत्र में भी 121 हेक्टेयर भूमि केंद्र सरकार को सौंपी गई है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को इस त्वरित कार्रवाई के लिए बधाई दी। गौरतलब है कि चिकन नेक क्षेत्र — जिसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी कहा जाता है — रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि यह पूर्वोत्तर भारत को शेष देश से जोड़ता है।
घुसपैठ पर दावे
शाह ने कहा, 'हमने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि यदि आप हमें सत्ता सौंपते हैं तो हम कुछ ही दिनों के भीतर बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू कर देंगे।' उन्होंने यह भी दावा किया कि बंगाल में सरकार परिवर्तन के बाद से ही सीमा पर घुसपैठ की घटनाएं कम हो गई हैं। शाह के अनुसार, 'पहले हर दिन घुसपैठ होती थी, लेकिन अब घुसपैठिए खुद ही वापस लौटने लगे हैं।' हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।
राजनीतिक संदर्भ
अमित शाह ने हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि BJP ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व वाली सरकार को निर्णायक रूप से पराजित किया। उन्होंने कहा, 'आज BJP देश के 80 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में शासन कर रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि BJP का 'भगवा झंडा' अब 'उत्तराखंड से गंगासागर तक' लहरा रहा है।
गांधीनगर में विकास परियोजनाएँ
गांधीनगर जिले के सोनीपुर गाँव में ₹340 करोड़ की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में शाह ने बताया कि पिछले 10 दिनों में कलोल और गांधीनगर उत्तर विधानसभा क्षेत्रों में ₹1,200 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन या शुभारंभ किया गया है। इन परियोजनाओं में पेयजल सुविधाएँ, सौंदर्याकृत आंगनबाड़ी केंद्र और ग्राम विकास कार्य शामिल हैं। इनका श्रेय राज्य सरकार, केंद्र सरकार और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधि को दिया गया।
आगे की राह
BSF को भूमि सौंपे जाने के बाद बाड़बंदी कार्य की वास्तविक प्रगति और समयसीमा पर सरकारी स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा है। सीमा सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भूमि हस्तांतरण एक अनिवार्य प्रारंभिक कदम है, किंतु वास्तविक बाड़बंदी में वित्त, तकनीकी सर्वेक्षण और स्थानीय समन्वय की भी आवश्यकता होगी।