13 जुलाई 2026
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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत श्लोक, बोले — चौतरफा विकास से राष्ट्र को मिलती है नई गति

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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत श्लोक, बोले — चौतरफा विकास से राष्ट्र को मिलती है नई गति

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने 13 जुलाई को एक्स पर संस्कृत श्लोक के साथ संदेश दिया कि चौतरफा विकास और हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव ही राष्ट्र की प्रगति की असली नींव है। यह उनकी साप्ताहिक सुभाषित श्रृंखला का हिस्सा है, जो 'विकसित भारत' के दर्शन को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बन रही है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 13 जुलाई 2026 को एक्स पर सुभाषित साझा कर कहा — चौतरफा विकास से राष्ट्र को नई गति मिलती है।
उन्होंने संस्कृत श्लोक 'कन्यानां सम्प्रदानञ्च…' साझा किया, जो कन्या-हित, युवा-संरक्षण और राष्ट्र-प्रबंधन को जनप्रतिनिधि का नित्य कर्तव्य बताता है।
9 जुलाई के सुभाषित में दृढ़ विश्वास और सतत प्रयास को सफलता की कुंजी बताया गया था।
8 जुलाई की पोस्ट में धैर्य को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति कहा गया था।
यह श्रृंखला मोदी के 'विकसित भारत' संवाद का नियमित हिस्सा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक प्रेरक सुभाषित साझा करते हुए कहा कि जब चौतरफा विकास के साथ हर देशवासी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है, तभी राष्ट्र की प्रगति को नई गति मिलती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसी प्रेरक भावना के साथ सरकार भारत के सामर्थ्य को निरंतर मज़बूती देने में जुटी है।

मुख्य सुभाषित और संस्कृत श्लोक

मोदी ने अपनी पोस्ट में संस्कृत श्लोक 'कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्। राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे नित्यं विधानमिदमाचरेत्॥' भी साझा किया। इस श्लोक का भाव है कि कन्याओं के हितों की समुचित व्यवस्था करना, नई पीढ़ी का संरक्षण एवं विकास सुनिश्चित करना, तथा राष्ट्र की एकता, सुरक्षा, समृद्धि और सुव्यवस्थित संचालन के लिए निरंतर प्रबंधन करना — ये प्रत्येक जनप्रतिनिधि के नित्य कर्तव्य हैं।

पिछले सप्ताह के सुभाषित: उत्साह और दृढ़ विश्वास का संदेश

इससे पूर्व 9 जुलाई को मोदी ने एक्स पर लिखा था, 'दृढ़ विश्वास, सतत प्रयास और सकारात्मक सोच सफलता की असली कुंजी है। हमारे युवा साथी इन्हीं गुणों के साथ पूरे समर्पण भाव से विकसित भारत के निर्माण में जुटे हैं।' उन्होंने संस्कृत श्लोक 'अनिर्वेदः श्रियो मूलमनिर्वेदः परं सुखम्। अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तकः॥' भी साझा किया था, जिसका आशय है कि उन्नति का मूल आधार उत्साह और निरंतर पुरुषार्थ है — जो व्यक्ति निराश हुए बिना अपने लक्ष्य की ओर प्रयासरत रहता है, वह अंततः सफल होता है।

8 जुलाई का संदेश: धैर्य राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति

8 जुलाई को साझा की गई पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा था, 'धैर्य किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। इससे कठिन चुनौतियों के बीच भी देश को एकजुट रहने के साथ ही प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।' साथ में श्लोक 'चलन्ति गिरयः कामं युगान्तपवनाहताः। कृच्छ्रेऽपि न चलत्येव धीराणां निश्चलं मनः॥' उद्धृत किया गया, जिसका भाव है कि प्रलयकाल की प्रचंड वायु से पर्वत भी विचलित हो जाते हैं, किंतु धैर्यवान का मन विपत्तियों में भी अचल बना रहता है।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी नियमित रूप से एक्स पर संस्कृत श्लोकों और सुभाषितों के माध्यम से शासन-दर्शन और राष्ट्रीय मूल्यों को रेखांकित करते रहे हैं। यह श्रृंखला उनके 'विकसित भारत' के व्यापक संवाद का हिस्सा है, जिसमें सामाजिक समरसता, युवा सशक्तिकरण और राष्ट्रीय एकता के सूत्र बुने जाते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि ये वैचारिक संदेश किस नीतिगत पहल का आधार बनते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल डिजिटल उपस्थिति का हिस्सा बनकर रह जाते हैं — इसकी कसौटी ज़मीनी परिणाम ही तय करेंगे।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 13 जुलाई को एक्स पर क्या साझा किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने 13 जुलाई 2026 को एक्स पर सुभाषित साझा करते हुए कहा कि चौतरफा विकास से हर देशवासी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होने पर राष्ट्र की प्रगति को नई गति मिलती है। उन्होंने कन्या-हित और राष्ट्र-प्रबंधन पर केंद्रित संस्कृत श्लोक भी उद्धृत किया।
मोदी के 13 जुलाई के संस्कृत श्लोक का क्या अर्थ है?
श्लोक 'कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्…' का आशय है कि कन्याओं के हितों की व्यवस्था, नई पीढ़ी का संरक्षण और राष्ट्र की एकता व समृद्धि के लिए निरंतर प्रबंधन — ये सभी जनप्रतिनिधि के नित्य कर्तव्य हैं।
मोदी की सुभाषित श्रृंखला में जुलाई में और क्या संदेश आए?
9 जुलाई को मोदी ने दृढ़ विश्वास और सतत प्रयास को सफलता की कुंजी बताया था, और 8 जुलाई को धैर्य को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति कहा था। तीनों पोस्ट में संस्कृत श्लोक और उनके हिंदी भावार्थ भी शामिल थे।
PM मोदी नियमित रूप से एक्स पर संस्कृत श्लोक क्यों साझा करते हैं?
यह उनकी सुभाषित श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके ज़रिए वे 'विकसित भारत' के दर्शन को सांस्कृतिक और दार्शनिक भाषा में प्रस्तुत करते हैं। इन संदेशों में शासन-मूल्य, युवा-प्रेरणा और राष्ट्रीय एकता के सूत्र बुने जाते हैं।
8 जुलाई के श्लोक 'चलन्ति गिरयः…' का क्या भाव है?
इस श्लोक का अर्थ है कि प्रलयकाल की प्रचंड वायु से पर्वत भी विचलित हो जाते हैं, लेकिन धैर्यवान व्यक्ति का मन विपत्तियों में भी अचल और अविचलित बना रहता है। मोदी ने इसे राष्ट्रीय धैर्य और एकता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया।
राष्ट्र प्रेस
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