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बद्रीनाथ दान घोटाला: जांच की अहम 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज गायब, तकनीकी टीम रिकवरी में जुटी

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बद्रीनाथ दान घोटाला: जांच की अहम 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज गायब, तकनीकी टीम रिकवरी में जुटी

सारांश

बद्रीनाथ धाम के दान घोटाले की जांच में नया मोड़ — 32 दिनों की सीसीटीवी फुटेज गायब है, जबकि एसआईटी पहले ही 18 पन्नों की रिपोर्ट सौंप चुकी है। कथित आरोपी प्रमोद नौटियाल निलंबित हैं, लेकिन अहम सबूत अभी भी अनुपलब्ध हैं।

मुख्य बातें

बद्रीनाथ धाम दान हेराफेरी मामले में जांच के लिए अहम 32 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग अब तक जांच टीम को नहीं मिली।
पहले 45 दिनों की फुटेज सुरक्षित होने का दावा किया गया था; पुराने कैमरों की स्टोरेज क्षमता मात्र 15 दिन की थी।
कथित आरोपी प्रमोद नौटियाल , बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय के व्यक्तिगत सहायक, को 7 जुलाई को निलंबित किया गया।
चार सदस्यीय एसआईटी ने 18 पन्नों की रिपोर्ट सीईओ को सौंपी, जिसमें कई बार चोरी का दावा किया गया है।
2 जुलाई को उपलब्ध फुटेज में कथित आरोपी को पैसों में हेराफेरी करते देखा जा सकता है।
तकनीकी टीमें डिलीट या अनुपलब्ध फुटेज की रिकवरी में जुटी हैं।

बद्रीनाथ धाम, चमोली में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है — जांच के लिए सबसे अहम माने जा रहे 32 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग अब तक जांच टीम को नहीं मिल पाई है। सूत्रों के अनुसार, इस फुटेज को वापस लाने के लिए तकनीकी टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।

सीसीटीवी फुटेज को लेकर क्या है पूरा मामला

प्रारंभ में दावा किया गया था कि बद्रीनाथ धाम में लगे सीसीटीवी कैमरों की 45 दिनों की फुटेज सुरक्षित है। हालाँकि, सूत्रों ने बताया कि जांच टीम को अब तक केवल घटना की तारीख 2 जुलाई से मात्र 14 दिन पहले तक की रिकॉर्डिंग ही मिल सकी है। इसकी एक वजह यह भी बताई जा रही है कि पुराने सीसीटीवी कैमरों की स्टोरेज क्षमता केवल 15 दिनों की थी, क्योंकि वे उच्च गुणवत्ता के नहीं थे। शेष 32 दिनों की फुटेज अभी तक अनुपलब्ध है, और यह स्पष्ट नहीं है कि वह डिलीट हुई है या किसी अन्य कारण से नहीं मिल रही।

2 जुलाई की घटना और कथित आरोपी

बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का यह मामला 1-2 जुलाई को उजागर हुआ था। उपलब्ध फुटेज में 2 जुलाई को एक व्यक्ति को पैसों में हेराफेरी करते हुए देखा जा सकता है। शुरुआती जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल ने बिना अनुमति के मंदिर का फंड निकाला था। 14 दिन पहले की उपलब्ध फुटेज के कुछ हिस्से भी जांच टीम को महत्वपूर्ण प्रतीत हुए हैं।

बीकेटीसी की कार्रवाई और एसआईटी जांच

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने 7 जुलाई को अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर 18 पन्नों की रिपोर्ट सीईओ को सौंप दी है, जिसमें घटनाक्रम और जांच का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है। रिपोर्ट में बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे और दान में कई बार चोरी होने का दावा किया गया है।

आगे क्या होगा

तकनीकी टीमें डिलीट या अनुपलब्ध फुटेज को पुनः प्राप्त करने की कोशिश में जुटी हैं। गौरतलब है कि यह मामला उत्तराखंड के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक की प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब धार्मिक स्थलों पर वित्तीय प्रबंधन और जवाबदेही को लेकर देशभर में बहस तेज है। जांच का अंतिम परिणाम और फुटेज की बरामदगी इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो 32 दिनों का रिकॉर्ड कैसे अनुपलब्ध हो गया। एसआईटी की 18 पन्नों की रिपोर्ट और निलंबन कार्रवाई प्रक्रियागत जवाबदेही का संकेत देती है, लेकिन जब तक अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद नहीं होते, न्याय की राह अधूरी रहेगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बद्रीनाथ धाम दान हेराफेरी मामला क्या है?
यह मामला 1-2 जुलाई को सामने आया, जब बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी के सबूत मिले। शुरुआती जांच में बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय के व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल पर बिना अनुमति मंदिर फंड निकालने का आरोप लगा।
32 दिन की सीसीटीवी फुटेज क्यों गायब है?
सूत्रों के अनुसार, पुराने सीसीटीवी कैमरों की स्टोरेज क्षमता केवल 15 दिनों की थी, जिसके कारण घटना की तारीख 2 जुलाई से 14 दिन पहले तक की ही फुटेज उपलब्ध हो सकी। शेष 32 दिनों की रिकॉर्डिंग अनुपलब्ध है और तकनीकी टीमें उसे रिकवर करने की कोशिश कर रही हैं।
एसआईटी ने अपनी जांच में क्या पाया?
चार सदस्यीय एसआईटी ने 18 पन्नों की रिपोर्ट सीईओ को सौंपी है, जिसमें बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे और दान में कई बार चोरी होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में पूरी घटना और जांच का विस्तृत ब्यौरा शामिल है।
प्रमोद नौटियाल के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने 7 जुलाई को प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। साथ ही, निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
तकनीकी टीमें गायब फुटेज को रिकवर करने में जुटी हैं, जो जांच की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। एसआईटी रिपोर्ट सीईओ के पास है और अगला कदम उनके निर्णय पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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