13 जुलाई 2026
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चंदौली मंदिर हादसा: कांग्रेस ने योगी सरकार पर साधा निशाना, ₹1 करोड़ मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग

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चंदौली मंदिर हादसा: कांग्रेस ने योगी सरकार पर साधा निशाना, ₹1 करोड़ मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग

सारांश

चंदौली में जीटी रोड चौड़ीकरण के दौरान काली माता मंदिर के मलबे से एक मजदूर की जान गई — और इस हादसे ने एक साथ तीन मोर्चे खोल दिए: लापरवाही का आरोप, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा का सवाल, और दलित न्याय की माँग। कांग्रेस ने ₹1 करोड़ मुआवजे के साथ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

मुख्य बातें

चंदौली में जीटी रोड चौड़ीकरण के दौरान काली माता मंदिर ध्वस्तीकरण में APCO कर्मचारी बलदेव यादव की मलबे की चपेट में आने से मौत हो गई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
अजय राय ने आरोप लगाया कि ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए और रास्ता भी बंद नहीं किया गया।
कांग्रेस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की।
अजय राय ने दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड पर भी प्रतिक्रिया दी; कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचा।

चंदौली में जीटी रोड चौड़ीकरण परियोजना के तहत एक प्राचीन काली माता मंदिर के ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे की चपेट में आने से APCO कर्मचारी बलदेव यादव की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 13 जुलाई को योगी सरकार और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए तथा मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता एवं एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

हादसे का घटनाक्रम

जीटी रोड को चौड़ा करने की परियोजना के अंतर्गत सड़क निर्माण एजेंसी APCO काम कर रही थी। इसी दौरान मार्ग में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने काली माता मंदिर को ध्वस्त किया जा रहा था। अजय राय के अनुसार, मंदिर तोड़ने के दौरान न तो पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए और न ही रास्ते को बंद किया गया। इसी लापरवाही की वजह से APCO में कार्यरत मजदूर बलदेव यादव मलबे की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई।

कांग्रेस के आरोप और मांगें

अजय राय ने कहा कि इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मृतक बलदेव यादव के परिवार को तत्काल ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाए और बच्चों के भविष्य को देखते हुए परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। उन्होंने पूरे प्रकरण की गंभीर जाँच की भी माँग की।

धर्म और सनातन पर सियासी हमला

अजय राय ने योगी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग खुद को धर्म और सनातन का रक्षक बताते हैं, उन्हीं के शासन में ऐतिहासिक मंदिरों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण योजना के तहत कई मंदिरों को तोड़ा गया है, जबकि प्रशासन को वैकल्पिक मार्ग या मंदिरों के स्थानांतरण पर पहले विचार करना चाहिए था। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों से जुड़े निर्माण विवाद पहले से ही राजनीतिक संवेदनशीलता का विषय बने हुए हैं।

राम मंदिर चढ़ावे पर भी निशाना

इसी क्रम में अजय राय ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के विवाद पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और भक्त अपनी श्रद्धा से वहाँ चढ़ावा देते हैं। उनके अनुसार, आस्था से जुड़े मामलों में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए और किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

दलित छात्रा हत्याकांड पर प्रतिक्रिया

अजय राय ने चंदौली में ही दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा, 'हमारे प्रभारी के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा है। हम न्याय के लिए लड़ेंगे और इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।' गौरतलब है कि चंदौली जिला इस समय कई संवेदनशील मामलों के केंद्र में है, जो विपक्ष को सरकार पर हमले का अवसर दे रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह प्रशासनिक विफलता का सीधा मामला बनता है। कांग्रेस की ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग राजनीतिक दबाव का हिस्सा है, लेकिन असली सवाल यह है कि APCO जैसी निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करने वाला तंत्र कहाँ है। धार्मिक स्थलों के ध्वस्तीकरण का मुद्दा अलग से संवेदनशील है, और सरकार को स्पष्ट करना होगा कि वैकल्पिक मार्ग या मंदिर स्थानांतरण पर विचार क्यों नहीं किया गया।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंदौली में काली माता मंदिर हादसे में क्या हुआ?
जीटी रोड चौड़ीकरण परियोजना के तहत चंदौली में एक प्राचीन काली माता मंदिर को ध्वस्त किया जा रहा था। इस दौरान APCO कर्मचारी बलदेव यादव मलबे की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। कांग्रेस के अनुसार, ध्वस्तीकरण के वक्त न सुरक्षा इंतजाम किए गए और न ही रास्ता बंद किया गया।
कांग्रेस ने पीड़ित परिवार के लिए क्या मांगें रखी हैं?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मृतक बलदेव यादव के परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी माँग की है।
बलदेव यादव कौन थे और किस संस्था में काम करते थे?
बलदेव यादव APCO नामक निर्माण एजेंसी में कर्मचारी थे, जो चंदौली में जीटी रोड चौड़ीकरण का काम कर रही थी। वे उसी परियोजना स्थल पर काम के दौरान मंदिर के मलबे की चपेट में आए।
कांग्रेस ने धार्मिक स्थलों के ध्वस्तीकरण पर क्या कहा?
अजय राय ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण योजना के तहत कई मंदिरों को तोड़ा गया है। उनका कहना है कि प्रशासन को वैकल्पिक मार्ग या मंदिरों के स्थानांतरण पर पहले विचार करना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि जो सरकार धर्म और सनातन की रक्षक बताती है, उसी के शासन में ऐतिहासिक मंदिरों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
दलित छात्रा ललिता गौतम मामले में कांग्रेस का क्या रुख है?
अजय राय ने चंदौली में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचा है और पार्टी न्याय के लिए लड़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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