क्या श्रीकाकुलम मंदिर भगदड़ में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं? जगन मोहन रेड्डी ने 25 लाख मुआवजे की मांग की

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क्या श्रीकाकुलम मंदिर भगदड़ में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं? जगन मोहन रेड्डी ने 25 लाख मुआवजे की मांग की

सारांश

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में एक भयानक भगदड़ हुई, जिसमें 9 श्रद्धालुओं की जान चली गई। पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए 25 लाख का मुआवजा मांगा है। जानिए इस घटना के पीछे की सच्चाई और प्रशासन की जिम्मेदारियों पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

श्रीकाकुलम में हुई भगदड़ में 9 श्रद्धालुओं की मौत हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने लापरवाही के आरोप लगाए।
सरकार से 25 लाख का मुआवजा मांगा गया है।
सुरक्षा के मामले में प्रशासन की नाकामी उजागर हुई है।
भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

अमरावती, 1 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ में कम से कम 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सरकार पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।

रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस घटना को चंद्रबाबू नायडू सरकार की 'घोर नाकामी' करार देते हुए कड़ी आलोचना की। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए 25 लाख रुपए मुआवजे की मांग की है।

रेड्डी ने अपने पोस्ट में लिखा, "ऐसा लगता है मानो चंद्रबाबू नायडू हर रोज अपनी महानता का बखान करते हैं, यह दावा करते हुए कि शासन में उनसे आगे कोई नहीं, लेकिन एक तरफ ये डींगें स्पष्ट हैं। दूसरी तरफ प्रशासन में उनकी भयावह नाकामी भी उतनी ही स्पष्ट है। श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ सरकार की नाकामी का नतीजा है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की पुलिस और खुफिया विभाग का राजनीतिक बदले की भावना से दुरुपयोग हो रहा है, जिससे जन सुरक्षा की अनदेखी हो रही है। मिलावटी लड्डू जैसे बेतुके कांडों को गढ़ने और उनमें राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को फंसाने में उनका जितना ध्यान है, उतना मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मामले में नहीं दिखता। यह बेहद निंदनीय है कि यह जानते हुए भी कि श्रद्धालु एकादशी पर आएंगे, कोई कदम नहीं उठाया गया।"

जगन रेड्डी ने कहा, "राज्य में, चाहे वह धर्मस्व विभाग के अधीन कोई मंदिर हो या कोई निजी मंदिर, जब यह ज्ञात हो कि वहां बड़ी संख्या में भक्त उमड़ेंगे, तो सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करना सरकार की न्यूनतम जिम्मेदारी है। अगर सरकार कहती है कि काशीबुग्गा में जिस मंदिर में भगदड़ हुई वह निजी है और उसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है, तो, क्या इसका मतलब यह नहीं है कि वे स्वीकार कर रहे हैं कि कोई गलती हुई है?"

जगन ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद मंदिरों में ऐसी घटनाएं पहली बार नहीं हुईं। इन घटनाओं से सबक लेने के बजाय, सरकार गहरी नींद सो रही है। अब, एक बार फिर, काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में 9 लोगों की मौत हो गई है।

—राष्ट्र प्रेस

एससीएच/एबीएम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीकाकुलम मंदिर भगदड़ में कितने लोग मारे गए?
भगदड़ में कम से कम 9 श्रद्धालुओं की मौत हुई है।
जगन मोहन रेड्डी ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने सरकार पर लापरवाही और जन सुरक्षा की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुआवजे की मांग कितनी है?
उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए 25 लाख रुपए मुआवजे की मांग की है।
क्या प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाए थे?
इस घटना से स्पष्ट है कि प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए थे।
क्या यह पहली बार है कि मंदिरों में ऐसी घटनाएं हुई हैं?
नहीं, सत्ता में आने के बाद ऐसी घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस