मुंह के छालों से राहत के 5 घरेलू उपाय: नमक, शहद और नारियल तेल से कम होगा दर्द
सारांश
मुख्य बातें
मुंह के छाले आकार में भले ही छोटे होते हैं, लेकिन खाने, बोलने और पानी पीने तक में असहनीय दर्द और जलन पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये छाले आमतौर पर कुछ दिनों में स्वयं ठीक हो जाते हैं, परंतु इस बीच दर्द को कम करने के लिए कई प्रभावी घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं जिनमें प्राकृतिक एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।
मुंह के छाले क्यों होते हैं
विज्ञान के अनुसार, मुंह के छाले कई कारणों से उत्पन्न हो सकते हैं। शरीर में विटामिन बी12, आयरन या फोलिक एसिड की कमी, अत्यधिक तनाव, हार्मोन में बदलाव, मुंह में किसी प्रकार की चोट, या रोग-प्रतिरोधक क्षमता का कमज़ोर होना इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। यह ऐसे समय में और अधिक परेशान करते हैं जब शरीर पहले से किसी अन्य समस्या से जूझ रहा हो।
नमक के पानी से कुल्ला
मुंह के छालों में सबसे अधिक प्रचलित उपाय नमक के पानी से कुल्ला करना है। नमक में मौजूद सोडियम क्लोराइड में एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव होता है, जो हानिकारक सूक्ष्म जीवों को पनपने से रोकता है। इसके अलावा, यह छाले वाली जगह की गंदगी साफ करने और सूजन घटाने में भी सहायक है।
शहद और नारियल तेल के फायदे
शहद एक पारंपरिक उपाय है जिसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इसमें मौजूद प्राकृतिक शर्करा और अन्य तत्व छाले वाली जगह पर एक सुरक्षात्मक परत बनाते हैं, जिससे बाहरी जलन का एहसास कम होता है। साथ ही इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी शरीर के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
नारियल तेल में पाया जाने वाला लॉरिक एसिड बैक्टीरिया और सूजन से लड़ने में सक्षम माना जाता है। यह तेल छाले वाले हिस्से को नम बनाए रखता है, जिससे सूखेपन के कारण होने वाली जलन कम होती है। हालाँकि, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है — यदि किसी को तेल लगाने से परेशानी बढ़े तो इसका उपयोग बंद कर देना चाहिए।
बेकिंग सोडा और ठंडक का उपयोग
बेकिंग सोडा में मौजूद सोडियम बाइकार्बोनेट मुंह के अम्लीय स्तर को संतुलित करने में मदद करता है। अत्यधिक अम्लीय वातावरण में जलन और दर्द बढ़ सकता है, इसलिए बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर कुल्ला करने से पीएच स्तर सामान्य रहता है और राहत मिलती है।
बर्फ या ठंडा पानी भी अस्थायी रूप से दर्द कम करने में प्रभावी हो सकता है। ठंडक से उस स्थान की नसों की संवेदनशीलता कुछ समय के लिए घट जाती है, जिससे दर्द का अनुभव कम होता है। हालाँकि बर्फ को सीधे और लंबे समय तक छाले पर नहीं रखना चाहिए।
डॉक्टर से कब मिलें
घरेलू उपाय छालों की परेशानी को कम कर सकते हैं, किंतु यदि छाले दो सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें तो चिकित्सक से परामर्श लेना अनिवार्य है। यह किसी गंभीर अंतर्निहित समस्या का संकेत हो सकता है जिसकी उचित जाँच ज़रूरी है।