2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या गला बैठना अब चिंता की बात नहीं? इन आयुर्वेदिक उपायों से पाएं तुरंत राहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या गला बैठना अब चिंता की बात नहीं? इन आयुर्वेदिक उपायों से पाएं तुरंत राहत

सारांश

गला बैठना एक सामान्य समस्या है, जो सर्दी-जुकाम या सूखापन के कारण उत्पन्न होती है। जानिए उपाय जो आपको तुरंत राहत देंगे। क्या आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं? तो, यहां जानिए सरल और प्रभावी आयुर्वेदिक नुस्खे।

मुख्य बातें

गला बैठना एक सामान्य समस्या है, जो सर्दियों में बढ़ सकती है।
आयुर्वेदिक नुस्खे जैसे अदरक, नींबू और मुलेठी राहत देते हैं।
अगर समस्या बढ़ जाए, तो डॉक्टर से सलाह लेना अनिवार्य है।

नई दिल्ली, 27 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। गला बैठने की समस्या अब चिंता का विषय नहीं है। खासकर सर्दी-जुकाम, साइनस या गले में सूखापन के कारण आवाज भारी या कमजोर हो जाती है। कभी-कभी गले में जलन, खुजली, खांसी के दौरान दर्द या बलगम भी हो सकता है। सामान्यतः यह समस्या कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन यदि आवाज को आराम नहीं दिया गया या उचित देखभाल नहीं की गई, तो गला लंबे समय तक बैठा रह सकता है।

आयुर्वेद में इस समस्या के लिए कई सरल और प्रभावी उपाय बताए गए हैं। सबसे आसान नुस्खा है अदरक का रस, नींबू का रस और थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर दिन में दो से तीन बार धीरे-धीरे पीना। इससे गले की सूजन कम होती है और आवाज जल्दी साफ होती है। मुलेठी, आंवला और मिश्री का हल्का काढ़ा पीना भी लाभकारी है। मुलेठी तो गले के लिए एक प्रकार की औषधि है। रात को सोते समय इसकी छोटी गांठ मुंह में रखकर चूसने से सुबह गला साफ और हल्का महसूस होता है।

कुछ खास घरेलू उपाय भी प्रभावी होते हैं। जामुन की गुठली का पाउडर शहद में मिलाकर गोलियां बनाकर दिन में चार बार चूसने से आवाज में सुधार और खांसी में राहत मिलती है। सुबह-सुबह चार से पांच मुनक्का चबाकर खाना और उसके बाद पानी न पीना खराश में राहत देता है। यदि गला बहुत ज्यादा बैठ गया हो, तो थोड़ा-सा कच्चा सुहागा लेना भी फायदेमंद होता है।

काली मिर्च भी इस स्थिति में सहायक होती है। रात को सात काली मिर्च और बराबर मिश्री चबाकर सोने से सुबह आवाज पहले से काफी साफ लगती है। तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा गले के दर्द और बैठी आवाज दोनों में लाभदायक है। नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करना सबसे आसान और प्रभावी उपाय है। सौंफ चबाना भी सुबह के समय गले को राहत देता है।

इन घरेलू उपायों से अधिकतर लोगों को लाभ मिलता है, लेकिन यदि आवाज दो सप्ताह से ज्यादा बैठी रहे, तेज दर्द हो या बुखार हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना अनिवार्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। आयुर्वेद में कई प्रभावी उपाय मौजूद हैं, जो इसे ठीक करने में मदद कर सकते हैं। यदि समस्या अधिक बढ़ जाए, तो डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गला बैठने पर क्या करें?
अदरक का रस, नींबू का रस और सेंधा नमक मिलाकर पीना फायदेमंद होता है।
क्या घरेलू उपायों से गला बैठना ठीक हो सकता है?
जी हां, घरेलू उपाय जैसे मुलेठी, आंवला, और जामुन की गुठली का पाउडर काफी प्रभावी होते हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि आवाज दो सप्ताह से ज्यादा बैठी रहे या तेज दर्द और बुखार हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले