मौसम में परिवर्तन के साथ सूखी खांसी बढ़ने के उपाय जानें

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मौसम में परिवर्तन के साथ सूखी खांसी बढ़ने के उपाय जानें

सारांश

मौसम में बदलाव से सूखी खांसी का सामना करना पड़ता है। जानें इस समस्या को कम करने के आसान उपायों के बारे में।

मुख्य बातें

गुनगुना पानी पीना फायदेमंद है।
शहद का सेवन खांसी को कम करता है।
भाप लेने से श्वसन मार्ग की जलन कम होती है।
प्रदूषण से बचना आवश्यक है।
हल्का और गर्म आहार लेना चाहिए।

नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान में मौसम में परिवर्तन का अनुभव हो रहा है। दिन में गर्मी और रात में ठंडी बयारों का प्रभाव हमारी सेहत पर पड़ता है। इससे नाक, गला और फेफड़ों में संक्रमण व एलर्जी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस मौसम में अक्सर लोग सूखी खांसी से परेशान होते हैं। सूखी खांसी आमतौर पर वायरल संक्रमण, एलर्जी या गले में सूजन के कारण होती है। इसे कम करने के लिए कुछ सरल उपाय और सही दिनचर्या अपनाई जा सकती हैं।

गुनगुना पानी: गले की सूजन और सूखी खांसी के लिए गुनगुना पानी पीना एक बहुत सरल उपाय है। यह गले के सूखेपन को कम करता है और म्यूकस को पतला करके खांसी को नियंत्रित करता है। यदि इसमें थोड़ा सा नमक मिलाकर गरारे किए जाएं, तो यह गले की आंतरिक जलन को तुरंत कम करता है।

शहद: आयुर्वेद में शहद को रोग नाशक माना गया है। यह न केवल खांसी को शांत करता है, बल्कि गले में एक सुरक्षात्मक परत भी बनाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, शहद में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। आप सोने से पहले एक चम्मच शहद का सेवन कर सकते हैं या इसे गुनगुने पानी में मिलाकर पी सकते हैं। यह रातभर खांसी को कम करने और गहरी नींद में मदद करता है।

भाप: स्टीम इनहेलेशन, जिसे आयुर्वेद में 'श्वसन सुधारक' कहा जाता है, गले और श्वसन मार्ग की जलन को कम करता है, म्यूकस को पतला करता है और सांस को आसान बनाता है। आप एक बर्तन में गर्म पानी लेकर उसकी भाप को धीरे-धीरे सांस के माध्यम से अंदर ले सकते हैं। इसमें कुछ बूंदें तुलसी या पुदीने के तेल की मिलाने से गले और नाक की सफाई होती है और ठंडी खांसी का खतरा कम होता है।

प्रदूषण से बचाव: धूल, धुआं और प्रदूषण से बचना अत्यंत आवश्यक है। अगर खांसी हो गई है, तो धूम्रपान और धुएं वाले क्षेत्रों से दूर रहना चाहिए। प्रदूषण और धूल गले को और अधिक जलाते हैं और खांसी को बढ़ाते हैं। घर में हवा को साफ रखने के लिए वेंटिलेशन सही रखें और नमी के लिए हल्की ह्यूमिडिटी बनाए रखें।

ज्यादा तला हुआ खाना: आयुर्वेद और विज्ञान दोनों का मानना है कि आहार और दिनचर्या काफी महत्वपूर्ण हैं। ज्यादा तला हुआ, बहुत ठंडा या मसालेदार खाना खांसी को बढ़ा सकता है। इसके बजाय हल्का, पोषक और गर्म खाना लेना चाहिए। अदरक, काली मिर्च, हल्दी और तुलसी जैसी जड़ी-बूटियां गले की सूजन और खांसी को कम करने में सहायक होती हैं। रात में हल्दी वाले दूध या अदरक वाली चाय का सेवन करने से खांसी जल्दी शांत होती है और नींद अच्छी आती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उचित उपायों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान देकर हम इस समस्या से राहत पा सकते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूखी खांसी के लिए सबसे अच्छा उपाय क्या है?
गुनगुना पानी पीना और शहद का सेवन करना सूखी खांसी के लिए सबसे प्रभावी उपाय हैं।
बाहर जाने पर खांसी बढ़ जाती है, क्या करें?
धूल और प्रदूषण से बचें, और जब भी बाहर जाएं, मुंह ढककर रखें।
क्या भाप लेना फायदेमंद है?
हाँ, भाप लेने से गले की जलन कम होती है और सांस में राहत मिलती है।
आहार में क्या शामिल करें?
हल्का, गर्म और पोषक आहार लें, अदरक, काली मिर्च और हल्दी शामिल करें।
क्या धूम्रपान खांसी को बढ़ाता है?
हाँ, धूम्रपान गले को अधिक जलाता है और खांसी को बढ़ाता है।
राष्ट्र प्रेस
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