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क्या गला भारी है और सांस लेने में दिक्कत हो रही है? ये घरेलू उपाय देंगे तुरंत राहत

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क्या गला भारी है और सांस लेने में दिक्कत हो रही है? ये घरेलू उपाय देंगे तुरंत राहत

सारांश

क्या आप भी गले में भारीपन और सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं? जानिए घरेलू उपाय जो आपको तुरंत राहत देंगे। प्रदूषण से बचने के लिए सरल और प्रभावी नुस्खे अपनाएं।

मुख्य बातें

मुनक्का और काली मिर्च का उपाय गले को राहत देता है।
हल्दी वाला दूध सोने से पहले पीने से फेफड़ों की सफाई होती है।
हर्बल चाय प्रदूषण के प्रभाव को कम करती है।
मुलेठी गले की सूजन को कम करती है।
रोजाना घरेलू उपायों का उपयोग करें।

नई दिल्ली, 14 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। आजकल जैसे-जैसे प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे सांस से जुड़ी समस्याएं भी आम होती जा रही हैं। गला भारी होना, खांसी, सांस फूलना या सीने में जकड़न जैसी समस्याएं अब दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई हैं। ऐसे समय में यह आवश्यक नहीं कि हर बार महंगी दवाओं या सप्लीमेंट का सहारा लिया जाए। घर में उपलब्ध कुछ साधारण चीजें भी प्रदूषण के प्रभाव से शरीर की रक्षा में सहायक हो सकती हैं।

सबसे प्रभावी घरेलू उपाय में मुनक्का, काली मिर्च और नमक का उपयोग शामिल है। हल्का भुना मुनक्का गले के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। इसके बीज निकालकर उसमें दो साबुत काली मिर्च डालें और ऊपर से थोड़ी सी सेंधा नमक लगाकर धीरे-धीरे चूसें। इसका रस गले में जमा कफ को ढीला करता है और गले को आराम देता है। यह उपाय विशेष रूप से गला भारी होने, खांसी और अस्थमा में राहत प्रदान करता है। इसे रोजाना एक बार या हर दूसरे दिन प्रयोग किया जा सकता है।

रात के समय हल्दी और गुड़ वाला दूध भी अत्यंत प्रभावी होता है। ताजा दूध को उबालकर उसमें थोड़ी कच्ची हल्दी और स्वाद के लिए थोड़ा गुड़ मिलाएं। गुड़ शरीर को गर्माहट देता है और हल्दी सूजन तथा संक्रमण से लड़ने में मदद करती है। सोने से पहले इसे पीने से फेफड़ों में जमी धूल ढीली होती है और सुबह सांस लेना आसान होता है। हर दिन एक छोटा टुकड़ा गुड़ खाना भी इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद होता है।

इसके अलावा, हर्बल चाय भी प्रदूषण के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकती है। तुलसी वाली चाय फेफड़ों की सफाई में मदद करती है। इसमें अदरक, काली मिर्च, दालचीनी और सौंठ डालने से गर्माहट बढ़ती है और बलगम कम होता है। पीपल और बड़ी इलायची सांस को हल्का महसूस कराती हैं। इसमें थोड़ा गुड़ या सेंधा नमक मिलाने से इसका प्रभाव और भी बढ़ जाता है। सुबह-शाम एक कप हर्बल चाय का सेवन करना पर्याप्त होता है।

मुलेठी चूसना भी एक सरल और हर जगह उपलब्ध उपाय है। यह गले की सूजन को कम करती है और सांस की नली में जमा धुएं को ढीला करती है। दिन में एक बार मुलेठी चूसने से गला खुला और हल्का महसूस होता है। इसे जेब में रखना भी आसान है और यह लंबे समय तक लाभ देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि प्रदूषण से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं अब हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुकी हैं। हमें चाहिए कि हम घरेलू उपचारों का सहारा लेकर अपनी सेहत का ध्यान रखें। यह उपाय न केवल किफायती हैं बल्कि साधारण भी, जिससे हर कोई लाभ उठा सकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गला भारी होने पर क्या करें?
गला भारी होने पर मुनक्का, काली मिर्च और नमक का उपयोग करें।
हल्दी वाला दूध कब पीना चाहिए?
रात के समय सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना फायदेमंद होता है।
हर्बल चाय में क्या मिलाना चाहिए?
हर्बल चाय में अदरक, काली मिर्च, दालचीनी और सौंठ मिलाना चाहिए।
मुलेठी का सेवन कैसे करें?
मुलेठी को दिन में एक बार चूसें, यह गले के लिए लाभकारी होता है।
सांस लेने में समस्या के लिए घरेलू उपाय क्या हैं?
मुनक्का, हर्बल चाय, और हल्दी वाला दूध जैसे उपाय उपयोगी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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