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बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावे में 'अनियमितता': बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति ने CM धामी से SIT जांच की मांग की

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बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावे में 'अनियमितता': बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति ने CM धामी से SIT जांच की मांग की

सारांश

बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला अब CM धामी के दरवाज़े तक पहुँच गया है। बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति ने SIT जांच की माँग की है, जबकि मंदिर समिति ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है। यह विवाद राम मंदिर ट्रस्ट के चंदा-विवाद के साथ मिलकर देश के प्रमुख धार्मिक प्रबंधन तंत्र की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

मुख्य बातें

बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति ने 4 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर श्री बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे की SIT जांच की मांग की।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आंतरिक जांच समिति गठित की और आरोपित कर्मचारियों को नोटिस जारी किए।
द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर फैले उस दावे को खारिज किया जिसमें एक कर्मचारी को उनका 'निजी सचिव' बताया गया था।
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 6 जुलाई को बैठक होगी, जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों और SIT जांच पर चर्चा होगी।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की कि बिना पुष्टि वाली अफवाहें न फैलाएं और आधिकारिक जांच का इंतजार करें।

बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति ने 4 जुलाई 2026 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर श्री बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं की जांच विशेष जांच दल (SIT) से कराने की औपचारिक मांग की है। चमोली स्थित इस प्रतिष्ठित तीर्थस्थल पर लगे आरोपों ने धार्मिक प्रबंधन की पारदर्शिता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

यह मांग ऐसे समय में उठी है जब अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर चंदे में गड़बड़ी के आरोप पहले से चर्चा में हैं। इससे पहले बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने भी इस मामले की आंतरिक जांच के आदेश दे दिए थे। गौरतलब है कि यह देश के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों पर एक साथ उठे प्रबंधन-संबंधी विवादों की पृष्ठभूमि में आया है।

मंदिर समिति की प्रतिक्रिया

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि समिति ने सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया है और निष्पक्ष जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित की गई है। जिन कर्मचारियों के नाम आरोपों में सामने आए हैं, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है।

द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को भी खारिज किया जिनमें एक आरोपित कर्मचारी को उनका 'निजी सचिव' बताया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है और पूर्व अध्यक्षों के साथ भी कार्य कर चुका है।

द्विवेदी ने कहा, "श्री बद्रीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। मंदिर समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर जांच के लिए एक समिति बनाई गई है। जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है। जांच पूरी होने के बाद यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

श्रद्धालुओं से अपील

अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देशभर के श्रद्धालुओं से अपील की कि श्री बद्रीनाथ धाम और श्री केदारनाथ धाम लाखों आस्थावानों की श्रद्धा के केंद्र हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली अफवाहें साझा न करें और आधिकारिक जांच के नतीजों का इंतजार करें।

राम मंदिर विवाद से जुड़ा संदर्भ

इस बीच अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 6 जुलाई को एक अहम बैठक होने वाली है, जिसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के कथित इस्तीफों पर विचार होगा। इस बैठक में मंदिर के चंदे और प्रबंधन से जुड़ी कथित अनियमितताओं की SIT जांच पर भी चर्चा अपेक्षित है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के प्रमुख धार्मिक न्यासों की जवाबदेही पर व्यापक बहस छिड़ी हुई है।

क्या होगा आगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यालय की ओर से अभी तक SIT गठन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति की माँग पर सरकार का रुख इस विवाद की दिशा तय करेगा। मंदिर समिति की आंतरिक जांच के नतीजे और उसके आधार पर की जाने वाली कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचकों का कहना है कि जब संस्था खुद ही जांच करे तो निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है — यही कारण है कि SIT की माँग तर्कसंगत है। असली परीक्षा यह होगी कि उत्तराखंड सरकार इस माँग पर कितनी तेज़ी से और कितनी पारदर्शिता के साथ प्रतिक्रिया देती है। बिना स्वतंत्र जांच के, इस तरह के विवाद श्रद्धालुओं की आस्था को दीर्घकालिक नुकसान पहुँचा सकते हैं।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावे में अनियमितता का मामला क्या है?
श्री बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिसके बाद बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति ने SIT जांच की माँग की है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने भी इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच समिति गठित की है।
बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति ने किससे और क्या माँग की है?
समिति ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर श्री बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे की जांच विशेष जांच दल (SIT) से कराने की माँग की है। यह माँग 4 जुलाई 2026 को की गई।
मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने क्या कहा?
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए एक समिति बनाई गई है और आरोपित कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
क्या इस विवाद का राम मंदिर ट्रस्ट के विवाद से कोई संबंध है?
दोनों मामले अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों एक ही समय में सामने आए हैं। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 6 जुलाई को बैठक होनी है जिसमें चंदे की SIT जांच और चंपत राय व अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा होगी।
आगे इस मामले में क्या होने की उम्मीद है?
मुख्यमंत्री धामी के कार्यालय की ओर से SIT गठन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है। मंदिर समिति की आंतरिक जांच के नतीजे और उस पर की जाने वाली कार्रवाई इस विवाद की अगली दिशा तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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