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बद्रीनाथ धाम चढ़ावे में गबन के आरोप, मंदिर समिति ने बनाई जांच कमेटी, कर्मचारियों को नोटिस

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बद्रीनाथ धाम चढ़ावे में गबन के आरोप, मंदिर समिति ने बनाई जांच कमेटी, कर्मचारियों को नोटिस

सारांश

बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेरफेर के आरोप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर समिति ने जांच कमेटी बना दी है और आरोपी कर्मचारियों को नोटिस थमाए हैं। राम मंदिर विवाद के बाद यह देश के एक और प्रमुख धाम की पारदर्शिता पर उठता सवाल है।

मुख्य बातें

बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित गबन और हेरफेर के आरोप 4 जुलाई को सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
बद्रीनाथ मंदिर समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित की।
आरोपी कर्मचारियों को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किए गए; दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन।
समिति सदस्य हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि उनका कोई 'निजी सचिव' नहीं है; संबंधित कर्मचारी तीन अध्यक्षों के कार्यकाल से नियमित कर्मचारी है।
श्रद्धालुओं से अपील की गई कि बिना पुष्टि के अफवाहें न फैलाएँ और जांच के नतीजों का इंतजार करें।

बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेरफेर और गबन के आरोप सामने आने के बाद बद्रीनाथ मंदिर समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच कमेटी गठित कर दी है। आरोपी कर्मचारियों को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी किए गए हैं और जांच पूरी होने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अयोध्या के राम मंदिर में भी चढ़ावे को लेकर सवाल उठ चुके हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बद्रीनाथ मंदिर समिति के सदस्य हेमंत द्विवेदी ने 4 जुलाई को एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों की पुष्टि करते हुए कहा कि समिति ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा, 'श्री बद्रीनाथ मंदिर के चढ़ावे मामले में कथित हेरफेर के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपूरक जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। जिन कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं।'

दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का वादा

हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद अगर कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वायरल आरोपों में सच्चाई है या ये महज अफवाह हैं, इसका निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

निजी सचिव वाले दावे पर सफाई

द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर चल रहे एक अन्य भ्रम को भी दूर किया। कुछ पोस्टों में एक कर्मचारी को उनका 'निजी सचिव' बताया जा रहा था। उन्होंने कहा, 'मेरा कोई भी निजी सचिव नहीं है। ऐसे दावे पूरी तरह भ्रामक हैं। संबंधित कर्मचारी समिति का नियमित कर्मचारी है, जो पिछले तीन अध्यक्षों के कार्यकाल के दौरान उनके साथ रहा है।'

श्रद्धालुओं से अपील

द्विवेदी ने आम जनता और श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं, इसलिए बिना पुष्टि के किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें और जांच के नतीजों का इंतजार करें। गौरतलब है कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की पारदर्शिता को लेकर यह बहस नई नहीं है और इस घटना ने एक बार फिर मंदिर प्रबंधन में जवाबदेही की माँग को तेज़ कर दिया है।

आगे क्या होगा

जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी और आरोपी कर्मचारियों के स्पष्टीकरण के आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा। मंदिर समिति ने अभी तक जांच की समय-सीमा स्पष्ट नहीं की है, लेकिन कहा है कि प्रक्रिया निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि जांच की समय-सीमा और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाती है या नहीं। सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों और 'निजी सचिव' जैसी भ्रामक जानकारियों का मिश्रण यह भी बताता है कि सूचना-अव्यवस्था इन मामलों को और उलझा देती है। जब तक मंदिर प्रशासन स्वतंत्र ऑडिट और पारदर्शी रिपोर्टिंग को संस्थागत रूप नहीं देते, ऐसे विवाद आस्था के साथ-साथ प्रशासनिक विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुँचाते रहेंगे।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बद्रीनाथ धाम चढ़ावे में गड़बड़ी के क्या आरोप हैं?
सोशल मीडिया पर वायरल खबरों में बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेरफेर और गबन के आरोप लगाए गए हैं। मंदिर समिति ने इन आरोपों की सत्यता की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है और कहा है कि जांच पूरी होने पर ही स्पष्ट होगा कि आरोप सही हैं या अफवाह।
बद्रीनाथ मंदिर समिति ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
मंदिर समिति ने निष्पक्ष और तथ्यपूरक जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। जिन कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं और दोषी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई का वादा किया गया है।
हेमंत द्विवेदी ने 'निजी सचिव' वाले दावे पर क्या कहा?
बद्रीनाथ मंदिर समिति के सदस्य हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि उनका कोई निजी सचिव नहीं है और ऐसे दावे पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारी समिति का नियमित कर्मचारी है जो पिछले तीन अध्यक्षों के कार्यकाल से कार्यरत है।
क्या बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में गबन साबित हो गया है?
अभी तक कुछ भी साबित नहीं हुआ है। मंदिर समिति ने स्वयं कहा है कि वायरल आरोपों में सच्चाई है या ये अफवाह हैं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि बिना पुष्टि के कोई जानकारी साझा न करें।
बद्रीनाथ और केदारनाथ जैसे धामों में चढ़ावे की निगरानी कौन करता है?
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति इन धामों के प्रबंधन और चढ़ावे की निगरानी के लिए उत्तराखंड सरकार के अधीन कार्य करती है। चढ़ावे की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी समिति की है और वर्तमान विवाद में समिति ने स्वयं जांच के आदेश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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