11 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: साध्वी निरंजन ज्योति बोलीं — आंदोलन के समर्पित कार्यकर्ताओं को मिले प्रबंधन में भूमिका

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: साध्वी निरंजन ज्योति बोलीं — आंदोलन के समर्पित कार्यकर्ताओं को मिले प्रबंधन में भूमिका

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर BJP नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने एसआईटी जांच का समर्थन करते हुए माँग की कि ट्रस्ट के प्रबंधन में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े समर्पित कार्यकर्ताओं को जगह मिले। बद्रीनाथ दान विवाद में भी उन्होंने सख्त कार्रवाई की वकालत की।

मुख्य बातें

साध्वी निरंजन ज्योति ने 11 जुलाई को अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा विवाद की निष्पक्ष जांच की माँग की।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले में एसआईटी गठित की है और कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं।
उन्होंने माँग की कि राम मंदिर के प्रबंधन में आंदोलन से जुड़े समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित भूमिका दी जाए।
बद्रीनाथ दान विवाद में भी एसआईटी जांच जारी; दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन।
धार्मिक स्थलों पर दान में गड़बड़ी को उन्होंने 'बहुत बड़ा पाप' बताया और पारदर्शिता की अपील की।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की चेयरपर्सन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने 11 जुलाई को नई दिल्ली में अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और इसकी निष्पक्ष जांच अनिवार्य है। उन्होंने यह भी माँग की कि भविष्य में राम मंदिर के प्रबंधन और निगरानी में उन लोगों को उचित भूमिका दी जाए जो वर्षों तक राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे और समर्पित भाव से कार्य करते रहे।

चढ़ावा विवाद और जांच की स्थिति

साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा अनियमितता का यह प्रकरण केवल वित्तीय गड़बड़ी तक सीमित नहीं है — यह श्रद्धालुओं की भावनाओं पर सीधी चोट है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है, विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जा चुका है और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

उन्होंने सभी पक्षों से धैर्य रखने का आग्रह करते हुए कहा कि जब तक एसआईटी की जांच पूरी नहीं हो जाती, किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा। जांच पूरी होने पर सच्चाई स्वयं सामने आएगी।

प्रबंधन में बदलाव की माँग

साध्वी निरंजन ज्योति ने सुझाव दिया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपनी निगरानी व्यवस्था में सुधार करना चाहिए। उनके अनुसार, राम मंदिर आंदोलन से वर्षों तक जुड़े रहे और निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले कार्यकर्ताओं को मंदिर के प्रबंधन तंत्र में उचित स्थान मिलना चाहिए, ताकि आस्था के इस केंद्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

बद्रीनाथ दान विवाद पर प्रतिक्रिया

बद्रीनाथ में दान से जुड़े कथित विवाद पर भी साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि सरकार पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रही है और वहाँ भी एसआईटी का गठन किया जा चुका है। उन्होंने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों का खुलासा होना यह दर्शाता है कि व्यवस्था में जवाबदेही का तंत्र काम कर रहा है। उनके अनुसार, निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, जिससे भविष्य में कोई भी किसी धार्मिक स्थल पर इस तरह की अनियमितता का साहस नहीं कर सकेगा।

उन्होंने धार्मिक स्थलों पर दान में गड़बड़ी को 'बहुत बड़ा पाप' करार देते हुए कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

मोदी की विदेश नीति पर समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि 2014 के बाद भारत ने वैश्विक मंच पर एक अलग और सशक्त पहचान बनाई है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने विश्व के विभिन्न देशों के साथ मित्रतापूर्ण संबंध प्रगाढ़ किए हैं और जब भी वे किसी देश की यात्रा करते हैं, वहाँ की जनता का उत्साह भारत के बढ़ते वैश्विक सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि समस्त भारत और उसके नागरिकों का है।

आगे क्या होगा

अयोध्या और बद्रीनाथ — दोनों मामलों में एसआईटी की जांच जारी है। साध्वी निरंजन ज्योति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब धार्मिक स्थलों के वित्तीय प्रबंधन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है। जांच के निष्कर्ष और ट्रस्ट की भावी कार्रवाई यह तय करेगी कि आस्था के इन केंद्रों में पारदर्शिता का ढाँचा किस दिशा में जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो धार्मिक स्थलों के वित्तीय प्रशासन में व्यापक खामियों की ओर इशारा करते हैं। बिना संस्थागत सुधार के केवल गिरफ्तारियाँ पर्याप्त नहीं होंगी।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितता का यह मामला है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की है और कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साध्वी निरंजन ज्योति के अनुसार यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।
साध्वी निरंजन ज्योति ने राम मंदिर प्रबंधन में बदलाव की माँग क्यों की?
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए ट्रस्ट को उन लोगों को निगरानी और प्रबंधन में शामिल करना चाहिए जो राम मंदिर आंदोलन से वर्षों तक समर्पित भाव से जुड़े रहे। उनके अनुसार ऐसे लोगों की भागीदारी से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
बद्रीनाथ दान विवाद में क्या हो रहा है?
बद्रीनाथ में दान से जुड़े कथित विवाद में भी एसआईटी गठित की गई है और सरकार सतर्कता के साथ जांच कर रही है। साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जांच पूरी होने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी जांच का क्या स्तर है?
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले की जांच कर रहा है और अब तक कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। साध्वी निरंजन ज्योति ने सभी पक्षों से जांच पूरी होने तक धैर्य रखने की अपील की है।
धार्मिक स्थलों पर दान की पारदर्शिता को लेकर साध्वी निरंजन ज्योति का क्या कहना है?
उन्होंने धार्मिक स्थलों पर दान में गड़बड़ी को 'बहुत बड़ा पाप' बताया और कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके अनुसार सख्त कार्रवाई से भविष्य में कोई भी इस तरह की हिम्मत नहीं करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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