11 जुलाई 2026
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ईडी की बड़ी कार्रवाई: रिलायंस अनिल अंबानी समूह की ₹1,021 करोड़ की नई संपत्तियां जब्त, कुल कुर्की ₹20,367 करोड़ पहुंची

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ईडी की बड़ी कार्रवाई: रिलायंस अनिल अंबानी समूह की ₹1,021 करोड़ की नई संपत्तियां जब्त, कुल कुर्की ₹20,367 करोड़ पहुंची

सारांश

ईडी ने रिलायंस अनिल अंबानी समूह पर शिकंजा और कसा — RHFL व RCFL मामले में ₹1,021 करोड़ की नई कुर्की के बाद पीएमएलए के तहत कुल जब्त संपत्ति ₹20,367 करोड़ पहुंच गई है। ₹15,548 करोड़ के सार्वजनिक धन के कथित डायवर्जन की जांच में 8 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और एक SIT भी गठित की गई है।

मुख्य बातें

ईडी ने 11 जुलाई 2026 को RHFL और RCFL मामले में ₹1,021 करोड़ की नई संपत्तियां अटैच कीं।
पीएमएलए के तहत रिलायंस अनिल अंबानी समूह की कुल अटैच संपत्तियां अब ₹20,367 करोड़ हो गई हैं।
जांच में पता चला कि ₹15,548 करोड़ का सार्वजनिक धन कथित तौर पर शेल कंपनियों के जरिए डायवर्ट किया गया।
नई कुर्की में रिलायंस पावर के इक्विटी शेयर और सासन पावर की लोन राशि शामिल।
अब तक 8 वरिष्ठ अधिकारी गिरफ्तार, सभी न्यायिक हिरासत में; 80 से अधिक परिसरों पर तलाशी।
फेमा के तहत ₹77.86 करोड़ की अतिरिक्त संपत्तियां भी जब्त।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 11 जुलाई 2026 को घोषणा की कि उसने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े धन शोधन मामले में ₹1,021 करोड़ की नई संपत्तियां अटैच की हैं। इस ताज़ा कुर्की के बाद रिलायंस अनिल अंबानी समूह के विरुद्ध धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अब तक जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर ₹20,367 करोड़ हो गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी के अनुसार, RHFL और RCFL के खिलाफ जांच की शुरुआत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज उन एफआईआर के आधार पर हुई, जो कई सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की शिकायतों पर आधारित थीं। जांच में अब तक पता चला है कि इन दोनों कंपनियों द्वारा जुटाए गए ₹15,548 करोड़ के सार्वजनिक धन को कथित तौर पर रिलायंस अनिल अंबानी समूह के नियंत्रण वाली शेल और समूह कंपनियों के जाल के ज़रिए व्यवस्थित रूप से दूसरी जगह भेजा गया।

नई कुर्की में क्या शामिल है

ईडी ने बताया कि इस बार अटैच की गई संपत्तियों में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास मौजूद रिलायंस पावर लिमिटेड के इक्विटी शेयर तथा सासन पावर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड से प्राप्त होने वाली कुछ लोन राशि भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, पीएमएलए के तहत जब्त संपत्तियों के अलावा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत ₹77.86 करोड़ की अतिरिक्त संपत्तियां भी अटैच की जा चुकी हैं।

जांच का दायरा और कार्रवाई

ईडी वर्तमान में रिलायंस अनिल अंबानी समूह के खिलाफ पीएमएलए और फेमा दोनों के तहत कई मामलों की जांच कर रही है। एजेंसी के अनुसार, अब तक पीएमएलए के तहत 4 प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) और फेमा के तहत 3 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। जांच के दौरान 80 से अधिक परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

इसी सप्ताह ईडी ने ई-कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके एक निदेशक के आवास पर भी छापेमारी की, जिसमें कथित तौर पर रिलायंस अनिल अंबानी समूह से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित अहम सबूत बरामद हुए। तलाशी के दौरान बैंक घोटाले से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज, अचल संपत्तियों के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तारियां और विशेष जांच दल

ईडी ने बताया कि अब तक रिलायंस अनिल अंबानी समूह के 8 वरिष्ठ अधिकारियों और करीबी सहयोगियों को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। मामलों की त्वरित जांच के लिए एजेंसी ने एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब रिलायंस अनिल अंबानी समूह पहले से ही कई वित्तीय और कानूनी दबावों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि यह जांच लगातार विस्तार पा रही है — हर नई कुर्की के साथ मामले का दायरा बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि SIT के गठन और लगातार तलाशियों से संकेत मिलता है कि ईडी आने वाले महीनों में और बड़ी कार्रवाइयां कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

367 करोड़ की कुल कुर्की का यह आंकड़ा भारतीय वित्तीय इतिहास के सबसे बड़े प्रवर्तन अभियानों में से एक बनता जा रहा है, फिर भी मूल प्रश्न अनुत्तरित है — जब्त संपत्तियों से वास्तव में बैंकों और जमाकर्ताओं को कितना और कब वापस मिलेगा। SIT गठन और लगातार छापेमारी जांच की गंभीरता दर्शाती है, लेकिन 8 गिरफ्तारियों के बावजूद मुकदमे की गति और अदालती परिणाम अभी स्पष्ट नहीं हैं। ₹15,548 करोड़ के सार्वजनिक धन के कथित डायवर्जन का मामला यह भी उजागर करता है कि बड़े कॉर्पोरेट समूहों की वित्तीय निगरानी में नियामकीय चूक कितनी गहरी थी। असली जवाबदेही तब तय होगी जब अदालत में दोष सिद्ध हो और पीड़ित बैंकों को वसूली हो।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने रिलायंस अनिल अंबानी समूह की कितनी संपत्ति जब्त की है?
ईडी ने 11 जुलाई 2026 को RHFL और RCFL मामले में ₹1,021 करोड़ की नई संपत्तियां अटैच कीं, जिससे पीएमएलए के तहत कुल जब्त संपत्तियों का मूल्य ₹20,367 करोड़ हो गया है। इसके अलावा फेमा के तहत ₹77.86 करोड़ की अतिरिक्त संपत्तियां भी जब्त हैं।
RHFL और RCFL पर क्या आरोप हैं?
ईडी की जांच के अनुसार, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड द्वारा जुटाए गए ₹15,548 करोड़ के सार्वजनिक धन को कथित तौर पर शेल और समूह कंपनियों के जाल के जरिए व्यवस्थित रूप से दूसरी जगह भेजा गया। यह जांच CBI द्वारा बैंकों की शिकायतों पर दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
ईडी के अनुसार, अब तक रिलायंस अनिल अंबानी समूह के 8 वरिष्ठ अधिकारियों और करीबी सहयोगियों को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
ईडी की नई कुर्की में कौन-सी संपत्तियां शामिल हैं?
नई कुर्की में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास मौजूद रिलायंस पावर लिमिटेड के इक्विटी शेयर और सासन पावर लिमिटेड तथा रिलायंस पावर लिमिटेड से प्राप्त होने वाली कुछ लोन राशि शामिल है। ईडी ने इसी सप्ताह ई-कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड पर भी छापेमारी कर अहम दस्तावेज जब्त किए।
ईडी ने इस मामले में SIT क्यों बनाई है?
मामलों की जटिलता और व्यापक दायरे को देखते हुए ईडी ने त्वरित जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। अब तक 80 से अधिक परिसरों पर तलाशी और पीएमएलए के तहत 4 तथा फेमा के तहत 3 मामले दर्ज होने से जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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