ईडी की बड़ी कार्रवाई: रिलायंस अनिल अंबानी समूह की ₹1,021 करोड़ की नई संपत्तियां जब्त, कुल कुर्की ₹20,367 करोड़ पहुंची
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 11 जुलाई 2026 को घोषणा की कि उसने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े धन शोधन मामले में ₹1,021 करोड़ की नई संपत्तियां अटैच की हैं। इस ताज़ा कुर्की के बाद रिलायंस अनिल अंबानी समूह के विरुद्ध धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अब तक जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर ₹20,367 करोड़ हो गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी के अनुसार, RHFL और RCFL के खिलाफ जांच की शुरुआत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज उन एफआईआर के आधार पर हुई, जो कई सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की शिकायतों पर आधारित थीं। जांच में अब तक पता चला है कि इन दोनों कंपनियों द्वारा जुटाए गए ₹15,548 करोड़ के सार्वजनिक धन को कथित तौर पर रिलायंस अनिल अंबानी समूह के नियंत्रण वाली शेल और समूह कंपनियों के जाल के ज़रिए व्यवस्थित रूप से दूसरी जगह भेजा गया।
नई कुर्की में क्या शामिल है
ईडी ने बताया कि इस बार अटैच की गई संपत्तियों में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास मौजूद रिलायंस पावर लिमिटेड के इक्विटी शेयर तथा सासन पावर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड से प्राप्त होने वाली कुछ लोन राशि भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, पीएमएलए के तहत जब्त संपत्तियों के अलावा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत ₹77.86 करोड़ की अतिरिक्त संपत्तियां भी अटैच की जा चुकी हैं।
जांच का दायरा और कार्रवाई
ईडी वर्तमान में रिलायंस अनिल अंबानी समूह के खिलाफ पीएमएलए और फेमा दोनों के तहत कई मामलों की जांच कर रही है। एजेंसी के अनुसार, अब तक पीएमएलए के तहत 4 प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) और फेमा के तहत 3 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। जांच के दौरान 80 से अधिक परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
इसी सप्ताह ईडी ने ई-कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके एक निदेशक के आवास पर भी छापेमारी की, जिसमें कथित तौर पर रिलायंस अनिल अंबानी समूह से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित अहम सबूत बरामद हुए। तलाशी के दौरान बैंक घोटाले से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज, अचल संपत्तियों के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तारियां और विशेष जांच दल
ईडी ने बताया कि अब तक रिलायंस अनिल अंबानी समूह के 8 वरिष्ठ अधिकारियों और करीबी सहयोगियों को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। मामलों की त्वरित जांच के लिए एजेंसी ने एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब रिलायंस अनिल अंबानी समूह पहले से ही कई वित्तीय और कानूनी दबावों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि यह जांच लगातार विस्तार पा रही है — हर नई कुर्की के साथ मामले का दायरा बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि SIT के गठन और लगातार तलाशियों से संकेत मिलता है कि ईडी आने वाले महीनों में और बड़ी कार्रवाइयां कर सकती है।