अनिल अंबानी की रिलायंस पावर पर ईडी का सख्त कदम, छापेमारी जारी

Click to start listening
अनिल अंबानी की रिलायंस पावर पर ईडी का सख्त कदम, छापेमारी जारी

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। यह कदम बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में उठाया गया है। जानें क्या है इस छापेमारी का महत्व।

Key Takeaways

  • ईडी ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर कंपनी पर छापेमारी की है।
  • यह कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी है।
  • अनिल अंबानी की संपत्ति 'अबोड' को कुर्क किया गया है।
  • आरकॉम पर 40,185 करोड़ रुपए का बकाया कर्ज है।
  • जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं।

मुंबई, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर कंपनी के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी का अभियान शुरू किया है। इस समय 10 से 12 स्थानों पर कार्रवाई चल रही है। मुंबई और हैदराबाद समेत अन्य स्थानों पर ईडी की 15 टीमें आज सुबह से छापेमारी कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ की जा रही है।

यह ध्यान देने योग्य है कि 25 फरवरी को ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल अंबानी की मुंबई के पाली हिल स्थित आवासीय संपत्ति 'अबोड' को अस्थायी रूप से कुर्क किया था, जिसकी अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपए है। इसके साथ ही इस समूह से जुड़ी अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।

ईडी के विशेष कार्यबल (स्पेशल टास्क फोर्स) मुख्यालय ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की थी। इससे पहले इसी संपत्ति का एक हिस्सा 473.17 करोड़ रुपए की सीमा तक अटैच किया जा चुका था।

जांच में पता चला है कि आरकॉम और इसकी समूह कंपनियों ने घरेलू और विदेशी बैंकों व वित्तीय संस्थानों से भारी मात्रा में ऋण लिया था। इनमें से कुल 40,185 करोड़ रुपए की राशि अभी भी बकाया है, जिनमें से कई खाते एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) बन चुके हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पाली हिल की यह संपत्ति एक निजी पारिवारिक ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दी गई थी, जो अनिल अंबानी के परिवार के सदस्यों से जुड़ा है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस कॉर्पोरेट पुनर्गठन का उद्देश्य यह दिखाना था कि अनिल अंबानी का इस संपत्ति से सीधा संबंध नहीं है।

ईडी का मानना है कि इस व्यवस्था का मकसद संपत्ति को एकत्र कर धन संरक्षण और संसाधन सृजन करना तथा इसे उन व्यक्तिगत देनदारियों से बचाना था, जो अनिल अंबानी ने आरकॉम को दिए गए बैंक ऋणों के बदले पर्सनल गारंटी के रूप में ली थीं। इस संपत्ति का वास्तविक उपयोग और लाभ अंबानी परिवार के लिए था, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के फंसे हुए कर्ज का निपटारा नहीं हो पा रहा था।

Point of View

बल्कि यह देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

ईडी ने अनिल अंबानी की संपत्तियों पर कब छापेमारी की?
ईडी ने 6 मार्च को अनिल अंबानी की रिलायंस पावर कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की।
यह छापेमारी किस मामले में की गई?
यह छापेमारी बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में की गई।
अनिल अंबानी की संपत्ति की कीमत क्या है?
अनिल अंबानी की संपत्ति 'अबोड' की अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपए है।
आरकॉम पर कितना कर्ज बकाया है?
आरकॉम पर कुल 40,185 करोड़ रुपए की राशि बकाया है।
ईडी की छापेमारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ईडी की छापेमारी का उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक धोखाधड़ी की जांच करना है।
Nation Press