अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़ी संस्थाओं पर ईडी का बड़ा छापा

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अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़ी संस्थाओं पर ईडी का बड़ा छापा

सारांश

अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से संबंधित ठिकानों पर ईडी ने की छापेमारी, संदिग्ध फंड ट्रांसफर की जांच। जानिए इस कार्रवाई के पीछे की वजह क्या है।

Key Takeaways

  • ईडी ने अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की।
  • छापेमारी का उद्देश्य संदिग्ध फंड ट्रांसफर और वित्तीय लेन-देन की जांच करना है।
  • अनिल अंबानी की संपत्ति 'अबोड' को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है।
  • सीबीआई ने पहले भी अनिल अंबानी के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
  • यह मामला आर्थिक अपराध से संबंधित है।

मुंबई, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़े कई व्यापारियों और संस्थाओं के ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, मुंबई में विभिन्न स्थानों पर एक साथ यह कार्रवाई की गई।

सूत्रों के अनुसार, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगभग 10 से 12 स्थानों पर ये छापे मारे गए। बताया जा रहा है कि ईडी की करीब 15 विशेष टीमों ने सुबह-सुबह तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई उन लोगों के रजिस्टर्ड ऑफिस और घरों पर की गई, जो इस पावर कंपनी से किसी न किसी तरह जुड़े हुए हैं।

सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी रिलायंस पावर से जुड़े संदिग्ध फंड ट्रांसफर और वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत की जा रही है। हालांकि शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई को लेकर ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इससे पहले ईडी ने अनिल अंबानी के आलीशान पाली हिल स्थित 'अबोड' नामक आवासीय संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच किया था, जिसकी कीमत लगभग 3,716.83 करोड़ रुपए बताई गई है। यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में की गई थी।

प्रवर्तन निदेशालय के विशेष कार्य बल, मुख्यालय ने यह संपत्ति धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत जब्त की है। इससे पहले इसी संपत्ति के एक हिस्से को 473.17 करोड़ रुपए तक जब्त किया जा चुका था।

वहीं पिछले महीने के अंत में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी अनिल अंबानी के आवासों और रिलायंस कम्यूनिकेशंस (आरकॉम) के दफ्तरों में तलाशी ली थी। यह कार्रवाई तब की गई जब बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर कंपनी के खिलाफ दूसरा मामला दर्ज किया गया था।

सीबीआई के अनुसार यह मामला आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी के बयान के मुताबिक, मामला अनिल अंबानी, जो रिलायंस कम्युनिकेशंस के प्रमोटर और पूर्व चेयरमैन रहे हैं, और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि बैंक ऑफ बड़ौदा को 2,220 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा लिए गए कर्ज को संबंधित पक्षों के साथ फर्जी लेन-देन के जरिए दूसरी जगह डायवर्ट और गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा कंपनी के खातों में हेरफेर कर अनियमितताओं को छिपाने की भी बात सामने आई है।

बयान में कहा गया है कि मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने अनिल अंबानी के आवास और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के रजिस्टर्ड ऑफिस में तलाशी अभियान चलाया, जहां से इन लोन ट्रांजैक्शन से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

Point of View

जो आर्थिक मामलों में गहराई से जुड़ी हुई है। देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए, यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

ईडी ने किसके ठिकानों पर छापेमारी की?
ईडी ने उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़े कई कारोबारियों और संस्थाओं के ठिकानों पर छापेमारी की।
छापेमारी का कारण क्या है?
छापेमारी का कारण रिलायंस पावर से जुड़े संदिग्ध फंड ट्रांसफर और वित्तीय लेन-देन की जांच है।
ईडी का अगला कदम क्या हो सकता है?
ईडी द्वारा एक बार फिर से जांच की जा सकती है और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
क्या अनिल अंबानी की संपत्ति भी जब्त की गई है?
हाँ, अनिल अंबानी की पाली हिल स्थित 'अबोड' संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है।
सीबीआई ने कब और क्यों छापेमारी की थी?
सीबीआई ने पिछले महीने के अंत में अनिल अंबानी के आवासों और रिलायंस कम्यूनिकेशंस के दफ्तरों में तलाशी ली थी।
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