बंगाल नगरपालिका भर्ती घोटाला: चार समन टालने के बाद पूर्व मंत्री रथिन घोष ईडी के सामने पेश

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बंगाल नगरपालिका भर्ती घोटाला: चार समन टालने के बाद पूर्व मंत्री रथिन घोष ईडी के सामने पेश

सारांश

चार समन टालने के बाद पूर्व TMC मंत्री रथिन घोष ईडी के सामने पेश हुए — यह बंगाल के नगरपालिका भर्ती घोटाले में केंद्रीय एजेंसियों की बढ़ती पकड़ का संकेत है। पूर्व अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और 21 मई तक ईडी हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष 15 मई को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुए — चार नोटिस टालने के बाद।
घोष ने मीडिया से कहा कि उन्हें ईडी के बुलावे का स्पष्ट कारण ज्ञात नहीं है।
पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस को 11 मई को 10 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया; 21 मई तक ईडी हिरासत में हैं।
मामले की जड़ TMC -जुड़े प्रमोटर अयान शील के आवास पर छापे से जुड़ी है, जो 'कैश-फॉर-स्कूल जॉब्स' जाँच का हिस्सा था।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर CBI भी इस मामले में समानांतर जाँच कर रही है।

पश्चिम बंगाल के नगरपालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चार नोटिस टालने के बाद पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष आखिरकार शुक्रवार, 15 मई को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुए। घोष तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं और करोड़ों रुपये के नगरपालिका भर्ती मामले में केंद्रीय एजेंसी की जाँच के दायरे में आए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

रथिन घोष सुबह करीब 11 बजे ईडी के सॉल्ट लेक कार्यालय पहुँचे। कार्यालय में प्रवेश से पहले उन्होंने प्रतीक्षारत मीडियाकर्मियों से कहा कि उन्हें इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं है कि केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें किस कारण से तलब किया है। ईडी ने पिछले महीने विधानसभा चुनावों से पूर्व घोष को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे थे, किंतु उन्होंने चारों नोटिसों की अनदेखी करते हुए चुनाव कार्यों में व्यस्तता का हवाला दिया था।

गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, परंतु घोष 2011 से लगातार चौथी बार उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित होने में सफल रहे।

पूर्व मंत्री सुजीत बोस की गिरफ्तारी

इसी सप्ताह ईडी ने इसी नगरपालिका भर्ती मामले में पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया। ईडी के सॉल्ट लेक कार्यालय में 10 घंटे की पूछताछ के बाद 11 मई की रात उन्हें हिरासत में लिया गया। 12 मई को उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहाँ न्यायाधीश ने उन्हें 21 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।

घोटाले की पृष्ठभूमि

ईडी को नगरपालिकाओं में करोड़ों रुपये की भर्ती से जुड़े इस मामले की पहली जानकारी तब मिली, जब वे पश्चिम बंगाल के 'कैश-फॉर-स्कूल जॉब्स' घोटाले से संबंधित एक अन्य धन शोधन मामले की जाँच के दौरान TMC से जुड़े प्रमोटर अयान शील के आवास पर छापेमारी कर रहे थे। इस दौरान नगरपालिका भर्ती में अनियमितताओं के साक्ष्य सामने आए।

बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने भी इस मामले में समानांतर जाँच शुरू कर दी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई और तेज हो गई है।

राजनीतिक रूप से प्रभावशाली नाम उजागर

जैसे-जैसे ईडी और सीबीआई की जाँच आगे बढ़ी, कई राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आए — जिनमें पूर्व राज्य मंत्री और सत्तारूढ़ दल के नेता शामिल बताए जाते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला केवल भर्ती अनियमितताओं तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें धन शोधन के भी गंभीर आरोप हैं।

आगे क्या होगा

रथिन घोष से पूछताछ के बाद ईडी यह तय करेगी कि उनके विरुद्ध आगे कोई कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं। सुजीत बोस की 21 मई तक की ईडी हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में अगली सुनवाई होगी। इस बीच, सीबीआई की समानांतर जाँच भी जारी है और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि यह नगरपालिका भर्ती घोटाला 'स्कूल जॉब्स' मामले की एक शाखा है — अर्थात् भ्रष्टाचार का यह तंत्र कहीं अधिक व्यापक और संस्थागत रूप से जड़ें जमाए हुआ हो सकता है। असली सवाल यह है कि क्या जाँच राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर उन सभी नामों तक पहुँचेगी जो अभी भी जाँच की परिधि से बाहर हैं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रथिन घोष ईडी के सामने क्यों पेश हुए?
रथिन घोष को पश्चिम बंगाल के नगरपालिका भर्ती घोटाले में धन शोधन की जाँच के सिलसिले में ईडी ने तलब किया था। चार नोटिस टालने के बाद वे 15 मई को सॉल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुए।
बंगाल नगरपालिका भर्ती घोटाला क्या है?
यह पश्चिम बंगाल की नगरपालिकाओं में करोड़ों रुपये के बदले अवैध भर्ती का मामला है। ईडी को इसकी जानकारी 'कैश-फॉर-स्कूल जॉब्स' मामले की जाँच के दौरान TMC-जुड़े प्रमोटर अयान शील के आवास पर छापे में मिली थी।
सुजीत बोस को कब और क्यों गिरफ्तार किया गया?
पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस को 11 मई की रात 10 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। 12 मई को PMLA की विशेष अदालत ने उन्हें 21 मई तक ईडी हिरासत में भेज दिया।
इस मामले में CBI की क्या भूमिका है?
कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद CBI ने नगरपालिका भर्ती मामले में ईडी के समानांतर स्वतंत्र जाँच शुरू की है। दोनों एजेंसियाँ अलग-अलग कोण से इस घोटाले की जाँच कर रही हैं।
रथिन घोष कौन हैं और उनका राजनीतिक कद क्या है?
रथिन घोष ममता बनर्जी सरकार में पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रहे हैं। वे 2011 से लगातार चौथी बार उत्तरी 24 परगना के मध्यमग्राम विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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