बंगाल नगरपालिका भर्ती घोटाला: चार समन टालने के बाद पूर्व मंत्री रथिन घोष ईडी के सामने पेश
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के नगरपालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चार नोटिस टालने के बाद पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष आखिरकार शुक्रवार, 15 मई को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुए। घोष तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं और करोड़ों रुपये के नगरपालिका भर्ती मामले में केंद्रीय एजेंसी की जाँच के दायरे में आए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
रथिन घोष सुबह करीब 11 बजे ईडी के सॉल्ट लेक कार्यालय पहुँचे। कार्यालय में प्रवेश से पहले उन्होंने प्रतीक्षारत मीडियाकर्मियों से कहा कि उन्हें इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं है कि केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें किस कारण से तलब किया है। ईडी ने पिछले महीने विधानसभा चुनावों से पूर्व घोष को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे थे, किंतु उन्होंने चारों नोटिसों की अनदेखी करते हुए चुनाव कार्यों में व्यस्तता का हवाला दिया था।
गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, परंतु घोष 2011 से लगातार चौथी बार उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित होने में सफल रहे।
पूर्व मंत्री सुजीत बोस की गिरफ्तारी
इसी सप्ताह ईडी ने इसी नगरपालिका भर्ती मामले में पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया। ईडी के सॉल्ट लेक कार्यालय में 10 घंटे की पूछताछ के बाद 11 मई की रात उन्हें हिरासत में लिया गया। 12 मई को उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहाँ न्यायाधीश ने उन्हें 21 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।
घोटाले की पृष्ठभूमि
ईडी को नगरपालिकाओं में करोड़ों रुपये की भर्ती से जुड़े इस मामले की पहली जानकारी तब मिली, जब वे पश्चिम बंगाल के 'कैश-फॉर-स्कूल जॉब्स' घोटाले से संबंधित एक अन्य धन शोधन मामले की जाँच के दौरान TMC से जुड़े प्रमोटर अयान शील के आवास पर छापेमारी कर रहे थे। इस दौरान नगरपालिका भर्ती में अनियमितताओं के साक्ष्य सामने आए।
बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने भी इस मामले में समानांतर जाँच शुरू कर दी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई और तेज हो गई है।
राजनीतिक रूप से प्रभावशाली नाम उजागर
जैसे-जैसे ईडी और सीबीआई की जाँच आगे बढ़ी, कई राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आए — जिनमें पूर्व राज्य मंत्री और सत्तारूढ़ दल के नेता शामिल बताए जाते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला केवल भर्ती अनियमितताओं तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें धन शोधन के भी गंभीर आरोप हैं।
आगे क्या होगा
रथिन घोष से पूछताछ के बाद ईडी यह तय करेगी कि उनके विरुद्ध आगे कोई कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं। सुजीत बोस की 21 मई तक की ईडी हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में अगली सुनवाई होगी। इस बीच, सीबीआई की समानांतर जाँच भी जारी है और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।