नगरपालिका भर्ती घोटाला: ईडी ने बंगाल के पूर्व मंत्री रथिन घोष को 1 जून को तलब किया
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 29 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष को करोड़ों रुपये के 'नगरपालिका नौकरी के बदले नकद' मामले में पूछताछ के लिए नया नोटिस जारी किया। नोटिस में उन्हें 1 जून की दोपहर तक सॉल्ट लेक स्थित ईडी के केंद्रीय सरकारी कार्यालय (सीजीओ) परिसर में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
रथिन घोष उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चार बार विधायक रह चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, इससे पहले वे 15 मई को ईडी के सॉल्ट लेक कार्यालय में पेश हुए थे, जहाँ उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी।
पूछताछ के लिए जाते समय घोष ने मीडिया को बताया था कि उन्हें बुलाए जाने का कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन दस घंटे की पूछताछ के बाद बाहर निकलते वक्त उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।
25 मई का नोटिस नज़रअंदाज़
15 मई की पूछताछ के बाद ईडी ने घोष को 25 मई को फिर से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालाँकि, सूत्रों के अनुसार, उन्होंने उस नोटिस को नज़रअंदाज़ कर दिया और कार्यालय में नहीं पहुँचे। इसी के मद्देनज़र एजेंसी ने अब 1 जून के लिए नया नोटिस जारी किया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब इसी घोटाले में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और ममता बनर्जी की पिछली कैबिनेट में राज्य के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री रहे सुजीत बोस पहले से ईडी की हिरासत में हैं।
गौरतलब है कि ईडी को इस नगरपालिका नौकरी घोटाले की भनक तब लगी, जब जाँचकर्ता पश्चिम बंगाल के 'स्कूल नौकरी के बदले नकद' घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े प्रमोटर अयान शील के आवास पर छापेमारी कर रहे थे। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी नगर पालिकाओं में नौकरी के इस मामले में समानांतर जाँच शुरू की।
रथिन घोष की राजनीतिक स्थिति
हाल के विधानसभा चुनावों में रथिन घोष अपने गृह क्षेत्र बिधाननगर विधानसभा सीट (उत्तरी 24 परगना जिला) से हार गए। यह उनके राजनीतिक करियर का एक बड़ा झटका माना जा रहा है, और अब ईडी की जाँच ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
आगे क्या होगा
यदि रथिन घोष इस बार भी 1 जून को ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं होते, तो एजेंसी के पास उन्हें गिरफ्तार करने का कानूनी विकल्प उपलब्ध है। नगरपालिका भर्ती घोटाले की जाँच में ईडी और सीबीआई दोनों की समानांतर कार्यवाही जारी है, और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ या समन जारी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।