14 जुलाई 2026
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नगरपालिका भर्ती घोटाला: ईडी ने बंगाल के पूर्व मंत्री रथिन घोष को 1 जून को तलब किया

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नगरपालिका भर्ती घोटाला: ईडी ने बंगाल के पूर्व मंत्री रथिन घोष को 1 जून को तलब किया

सारांश

नगरपालिका भर्ती घोटाले में ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है — पूर्व मंत्री रथिन घोष 25 मई का नोटिस नज़रअंदाज़ कर चुके हैं, अब 1 जून को नया समन। इसी मामले में पूर्व मंत्री सुजीत बोस पहले से ईडी हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

ईडी ने 29 मई 2026 को पूर्व मंत्री रथिन घोष को 1 जून को सॉल्ट लेक सीजीओ कार्यालय में पेश होने का नया नोटिस जारी किया।
घोष 15 मई को 10 घंटे की पूछताछ के लिए ईडी के समक्ष उपस्थित हुए थे, लेकिन 25 मई के नोटिस को नज़रअंदाज़ कर दिया।
इसी मामले में पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस पहले से ईडी हिरासत में हैं।
घोटाले का सुराग ईडी को अयान शील के आवास पर छापेमारी के दौरान मिला था, जो स्कूल नौकरी घोटाले की जाँच का हिस्सा था।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई भी इस मामले में समानांतर जाँच कर रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 29 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष को करोड़ों रुपये के 'नगरपालिका नौकरी के बदले नकद' मामले में पूछताछ के लिए नया नोटिस जारी किया। नोटिस में उन्हें 1 जून की दोपहर तक सॉल्ट लेक स्थित ईडी के केंद्रीय सरकारी कार्यालय (सीजीओ) परिसर में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

रथिन घोष उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चार बार विधायक रह चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, इससे पहले वे 15 मई को ईडी के सॉल्ट लेक कार्यालय में पेश हुए थे, जहाँ उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई थी।

पूछताछ के लिए जाते समय घोष ने मीडिया को बताया था कि उन्हें बुलाए जाने का कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन दस घंटे की पूछताछ के बाद बाहर निकलते वक्त उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।

25 मई का नोटिस नज़रअंदाज़

15 मई की पूछताछ के बाद ईडी ने घोष को 25 मई को फिर से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालाँकि, सूत्रों के अनुसार, उन्होंने उस नोटिस को नज़रअंदाज़ कर दिया और कार्यालय में नहीं पहुँचे। इसी के मद्देनज़र एजेंसी ने अब 1 जून के लिए नया नोटिस जारी किया है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब इसी घोटाले में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और ममता बनर्जी की पिछली कैबिनेट में राज्य के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री रहे सुजीत बोस पहले से ईडी की हिरासत में हैं।

गौरतलब है कि ईडी को इस नगरपालिका नौकरी घोटाले की भनक तब लगी, जब जाँचकर्ता पश्चिम बंगाल के 'स्कूल नौकरी के बदले नकद' घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े प्रमोटर अयान शील के आवास पर छापेमारी कर रहे थे। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी नगर पालिकाओं में नौकरी के इस मामले में समानांतर जाँच शुरू की।

रथिन घोष की राजनीतिक स्थिति

हाल के विधानसभा चुनावों में रथिन घोष अपने गृह क्षेत्र बिधाननगर विधानसभा सीट (उत्तरी 24 परगना जिला) से हार गए। यह उनके राजनीतिक करियर का एक बड़ा झटका माना जा रहा है, और अब ईडी की जाँच ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

आगे क्या होगा

यदि रथिन घोष इस बार भी 1 जून को ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं होते, तो एजेंसी के पास उन्हें गिरफ्तार करने का कानूनी विकल्प उपलब्ध है। नगरपालिका भर्ती घोटाले की जाँच में ईडी और सीबीआई दोनों की समानांतर कार्यवाही जारी है, और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ या समन जारी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित नेटवर्क से जुड़ा है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या जाँच एजेंसियाँ राजनीतिक दबाव के बावजूद अभियोजन तक पहुँच पाती हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रथिन घोष को ईडी ने क्यों तलब किया है?
रथिन घोष को पश्चिम बंगाल के करोड़ों रुपये के 'नगरपालिका नौकरी के बदले नकद' घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के सिलसिले में ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है। वे इस मामले में पहले 15 मई को भी 10 घंटे की पूछताछ के लिए उपस्थित हो चुके हैं।
नगरपालिका भर्ती घोटाला क्या है?
यह पश्चिम बंगाल में नगर पालिकाओं में नौकरी दिलाने के बदले नकद लेने का कथित घोटाला है। ईडी को इसकी जानकारी 'स्कूल नौकरी घोटाले' की जाँच के दौरान प्रमोटर अयान शील के आवास पर छापेमारी के वक्त मिली थी। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने भी समानांतर जाँच शुरू की।
क्या रथिन घोष ने पहले ईडी का नोटिस नज़रअंदाज़ किया था?
हाँ, सूत्रों के अनुसार घोष को 25 मई को ईडी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वे नहीं पहुँचे। इसके बाद ईडी ने 1 जून के लिए नया नोटिस जारी किया है।
इस मामले में और कौन गिरफ्तार है?
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस इसी मामले में ईडी की हिरासत में हैं। वे ममता बनर्जी की पिछली कैबिनेट का हिस्सा रह चुके हैं।
1 जून को पेश न होने पर क्या हो सकता है?
यदि रथिन घोष 1 जून को ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं होते, तो प्रवर्तन निदेशालय के पास धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत उन्हें गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार है। लगातार नोटिस नज़रअंदाज़ करना जाँच में असहयोग माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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