31 जुलाई 2026
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नगर निगम भर्ती घोटाला: तीन बार टालने के बाद पश्चिम बंगाल के मंत्री सुजीत बोस ईडी के सामने पेश

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नगर निगम भर्ती घोटाला: तीन बार टालने के बाद पश्चिम बंगाल के मंत्री सुजीत बोस ईडी के सामने पेश

सारांश

तीन बार समन टालने और कलकत्ता उच्च न्यायालय से अस्थायी राहत लेने के बाद पश्चिम बंगाल के मंत्री सुजीत बोस आखिरकार ईडी के सामने पेश हुए। नगर पालिका भर्ती घोटाले की यह जाँच चुनावी मौसम में TMC सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है।

मुख्य बातें

सुजीत बोस , पश्चिम बंगाल के फायर सर्विसेज मंत्री, 1 मई 2026 को ईडी के साल्ट लेक कार्यालय में पेश हुए।
वे इससे पहले तीन बार ईडी के समन की अनदेखी कर चुके थे और विधानसभा चुनाव प्रचार का हवाला दिया था।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने चुनाव तक अस्थायी राहत दी थी, लेकिन बाद में पेश होने का आदेश दिया।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष का नाम भी इसी घोटाले में है; अक्टूबर 2023 में उनसे पूछताछ और छापेमारी हो चुकी है।
जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में सुजीत बोस के घर और कार्यालय पर भी ईडी के छापे पड़ चुके हैं।
दोनों मंत्री उत्तर 24 परगना की अलग-अलग सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं; 29 अप्रैल को मतदान हो चुका है।

पश्चिम बंगाल के फायर सर्विसेज मंत्री सुजीत बोस शुक्रवार, 1 मई 2026 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साल्ट लेक स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए। यह मामला राज्य की नगर पालिकाओं में कथित भर्ती अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लगाए गए हैं। इससे पहले वे तीन बार ईडी के समन की अनदेखी कर चुके थे।

मुख्य घटनाक्रम

सुजीत बोस को ईडी ने पहले कई बार पूछताछ के लिए समन भेजा था, लेकिन वे तीन बार एजेंसी के सामने उपस्थित नहीं हुए। उस दौरान उन्होंने विधानसभा चुनाव प्रचार में व्यस्तता का हवाला दिया था। इसके बाद उन्होंने राहत के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहाँ से उन्हें चुनाव तक अस्थायी संरक्षण मिला था।

हालाँकि, अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि चुनाव संपन्न होने के पश्चात उन्हें ईडी के समक्ष अनिवार्य रूप से पेश होना होगा। उसी न्यायिक आदेश का पालन करते हुए वे शुक्रवार सुबह अपने वकील के साथ ईडी कार्यालय पहुँचे। मीडिया के सवालों से बचते हुए वे बिना कोई बयान दिए चुपचाप अंदर चले गए।

छापेमारी और पूर्व जाँच

ईडी की जाँच केवल सुजीत बोस तक सीमित नहीं है। राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष का नाम भी इसी भर्ती घोटाले में सामने आया है। अक्टूबर 2023 में ईडी ने रथिन घोष से पूछताछ की थी और उनके आवास पर छापेमारी भी की गई थी।

वहीं, जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में भी ईडी की टीम ने सुजीत बोस के घर और कार्यालय पर छापे मारे थे। इसके अलावा उनके कुछ करीबी सहयोगियों के ठिकानों की भी तलाशी ली गई थी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

सुजीत बोस तृणमूल कांग्रेस (TMC) से तीन बार विधायक रह चुके हैं। इस बार वे उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। वहीं रथिन घोष उसी जिले की मध्यमग्राम सीट से प्रत्याशी हैं। दोनों सीटों पर 29 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान हो चुका है।

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सुर्खियों में आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया जारी है और TMC के कई नेता केंद्रीय जाँच एजेंसियों की रडार पर हैं।

आगे क्या होगा

ईडी की पूछताछ के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जाँच एजेंसी किस दिशा में आगे बढ़ती है। यदि साक्ष्य पर्याप्त पाए गए तो गिरफ्तारी या चार्जशीट दाखिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नगर पालिका भर्ती घोटाले की यह जाँच राज्य की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव डाल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें भी TMC से जुड़े नेताओं पर आरोप लगे थे। सुजीत बोस का तीन बार समन टालना और फिर न्यायालय की शरण लेना — यह रणनीति जाँच को धीमा करने का प्रयास प्रतीत होती है। असली सवाल यह है कि ईडी की पूछताछ से ठोस साक्ष्य मिलते हैं या यह मामला भी लंबी कानूनी प्रक्रिया में उलझ जाता है। चुनावी मौसम में इस तरह की जाँच की टाइमिंग राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, और दोनों पक्ष — सरकार और विपक्ष — इसे अपने-अपने नजरिए से भुनाने में लगे हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुजीत बोस कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
सुजीत बोस पश्चिम बंगाल के फायर सर्विसेज मंत्री और TMC से तीन बार के विधायक हैं। उन पर नगर पालिकाओं में कथित भर्ती अनियमितताओं से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले में शामिल होने के आरोप हैं, जिसकी जाँच ईडी कर रही है।
नगर पालिका भर्ती घोटाले में ईडी की जाँच कब से चल रही है?
ईडी ने इस मामले में अक्टूबर 2023 में खाद्य मंत्री रथिन घोष के घर छापेमारी की थी। जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में सुजीत बोस के आवास और कार्यालय पर भी छापे पड़े थे, जो दर्शाता है कि जाँच लंबे समय से जारी है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सुजीत बोस को क्या राहत दी थी?
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सुजीत बोस को विधानसभा चुनाव तक ईडी के समक्ष पेश होने से अस्थायी राहत दी थी। साथ ही अदालत ने स्पष्ट कर दिया था कि चुनाव समाप्त होते ही उन्हें ईडी के सामने अनिवार्य रूप से पेश होना होगा।
इस घोटाले में रथिन घोष की क्या भूमिका बताई जा रही है?
राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष का नाम भी इसी नगर पालिका भर्ती घोटाले में सामने आया है। अक्टूबर 2023 में ईडी ने उनसे पूछताछ की थी और उनके आवास पर छापेमारी भी हुई थी। वे उत्तर 24 परगना की मध्यमग्राम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
ईडी की पूछताछ के बाद यदि पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो गिरफ्तारी या चार्जशीट दाखिल हो सकती है। मामला न्यायालय में लंबित रह सकता है, और नगर पालिका भर्ती घोटाले की यह जाँच पश्चिम बंगाल की राजनीति पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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