विकसित भारत युवा संसद: सतीश महाना बोले — 2047 के विजन में युवा पीढ़ी की भूमिका निर्णायक
सारांश
Key Takeaways
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने 1 मई 2026 को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश विधानसभा मंडप में राज्य स्तरीय 'विकसित भारत युवा संसद' के शुभारंभ अवसर पर कहा कि भारत का संविधान समस्त नागरिकों के लिए मार्गदर्शक ग्रंथ है और यह युवा संसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाली पीढ़ी ही देश की दिशा और दशा तय करेगी, और इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ और प्रमुख उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश यादव, विधायक डॉ. सुरभि, नीरज बोरा और शशांक वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 'माय भारत' से जुड़े अधिकारियों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाएं संभालीं, जबकि क्षेत्रीय निदेशक अनिल सिंह और राज्य निदेशक गोपेश पांडे ने अतिथियों का स्वागत किया।
महाना का युवाओं को संदेश
महाना ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अभी से भारत के भविष्य की आकृति पर गंभीरता से विचार करें। उन्होंने कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए विकास का मार्ग प्रशस्त करें और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञान तभी सार्थक है जब वह समाज के काम आए और युवाओं को हमेशा जीतने के लिए कार्य करना चाहिए, किसी को हराने के लिए नहीं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चेतावनी
तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए महाना ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग सकारात्मक कार्यों के लिए होना चाहिए, अन्यथा यह भस्मासुर भी बन सकता है। उन्होंने युवाओं को विवेकपूर्ण ढंग से ज्ञान और तकनीक का उपयोग करने, समय प्रबंधन पर ध्यान देने और निरंतर परिश्रम करने की सलाह दी। जीवन में प्रतिबद्धता और इच्छाशक्ति को सफलता का आधार बताते हुए उन्होंने युवाओं को अपनी योग्यता पर अहंकार से बचने की नसीहत भी दी।
उपमुख्यमंत्री पाठक का प्रेरक उद्बोधन
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि उनमें अपार संभावनाएं हैं और सफलता के लिए जोखिम उठाना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को विनम्रता और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का स्वरूप और आगे की राह
यह राज्य स्तरीय युवा संसद 1 से 3 मई 2026 तक चलेगी, जिसमें प्रदेश के 75 जिलों से चयनित 375 युवा प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिभागी 'केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर भारतीय युवाओं के मार्ग को सुदृढ़ बनाना' विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। महाना ने विश्वास जताया कि भारत पुनः विश्व को मार्गदर्शन देने वाला राष्ट्र बनेगा — और इस यात्रा में युवा पीढ़ी सबसे बड़ी शक्ति साबित होगी।