श्रमवीर गौरव समारोह 2026: सीएम योगी का कड़ा संकल्प — 'काम का दाम नहीं दिया तो सरकार करेगी इलाज'
सारांश
Key Takeaways
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 मई 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित 'श्रमवीर गौरव समारोह 2026' का शुभारंभ किया और श्रमिकों के अधिकारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोटूक शब्दों में रेखांकित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो नियोक्ता श्रमिकों को उचित पारिश्रमिक नहीं देगा, उसके विरुद्ध राज्य सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी — 'काम के बदले दाम देना ही होगा, अन्यथा सरकार ऐसे लोगों का काम तमाम करेगी।'
समारोह में क्या हुआ
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण से जुड़ी अनेक योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। प्रदेश के 75 जिलों से चयनित 75 श्रमिकों में से पाँच को मंच पर विशेष रूप से टूलकिट देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा विभिन्न जिलों से आए श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूलकिट वितरित किए गए। अटल आवासीय विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं को टैबलेट प्रदान किए गए और प्रयागराज व झाँसी के विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया।
उद्यम प्रदेश और रोज़गार का दावा
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश आज 'उद्यम प्रदेश' के रूप में देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। उन्होंने दावा किया कि 1947 से 2017 तक प्रदेश में लगभग 14,000 उद्योग स्थापित हुए, जबकि 2017 के बाद अब तक 18,000 से अधिक नए उद्योग लगाए जा चुके हैं, जिससे लाखों युवाओं को रोज़गार के अवसर मिले हैं। यह तुलना मुख्यमंत्री की ओर से पिछली सरकारों की नीतियों के विरुद्ध एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश भी थी।
कोरोना काल और विपक्ष पर निशाना
कोविड-19 महामारी के दौर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उस कठिन समय में कई नेता निष्क्रिय रहे। उनके अनुसार, राज्य सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के लिए हज़ारों बसें चलाईं और उनके भोजन व आवास की निःशुल्क व्यवस्था की। साथ ही राशन कार्ड बनवाकर मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया, जो उनके अनुसार आज भी जारी है। गौरतलब है कि प्रवासी श्रमिकों की वापसी उस दौर के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक थी।
श्रमिक कल्याण योजनाओं की घोषणाएँ
स्वास्थ्य सुविधाओं के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है और शेष पात्र श्रमिकों के लिए भी आयुष्मान कार्ड बनवाने की घोषणा की गई है। दुर्घटना में मृत श्रमिकों के परिजनों को ₹5 लाख तक का बीमा कवर देने की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने जेवर (नोएडा) में श्रमिकों के बच्चों के लिए एक नए कंपोजिट विद्यालय की आधारशिला रखने की जानकारी दी। उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को गैस कनेक्शन और आवास योजनाओं के अंतर्गत करोड़ों लोगों को घर उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया गया।
आगे की राह
समारोह में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन पर अब सरकार की जवाबदेही तय होगी। श्रमिक संगठनों की नज़र इस बात पर रहेगी कि न्यूनतम मज़दूरी उल्लंघन के मामलों में राज्य सरकार कितनी तत्परता से कार्रवाई करती है। अटल आवासीय विद्यालयों में टैबलेट वितरण और जेवर में नए विद्यालय की स्थापना जैसे कदम श्रमिक वर्ग के बच्चों की शिक्षा की दिशा में सकारात्मक संकेत हैं।