तृणमूल विधायक रथिन घोष नगर निगम भर्ती भ्रष्टाचार मामले में ईडी के सामने पेश, दस्तावेज़ सौंपे
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्य मंत्री रथिन घोष सोमवार, 1 जून 2026 को नगरपालिका भर्ती भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष उपस्थित हुए। घोष कोलकाता के साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय पहुँचे और उन्होंने कहा, "मैं इसलिए आया हूँ क्योंकि मुझे बुलाया गया था। मैं दस्तावेज़ लेकर आया हूँ, जो उन्होंने माँगे थे।"
मुख्य घटनाक्रम
ईडी ने घोष को इससे पहले 15 मई को सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद 25 मई को दोबारा समन भेजा गया, किंतु वे उस दिन उपस्थित नहीं हुए। चुनाव से पूर्व भी उन्हें कई बार इस मामले में तलब किया गया था, जिसमें वे चुनावी व्यस्तताओं का हवाला देते हुए नहीं पहुँचे थे। सोमवार को तीसरी बार बुलाए जाने पर वे अंततः ईडी दफ्तर पहुँचे।
रथिन घोष के बयान
ईडी कार्यालय पहुँचने से पहले घोष से पत्रकारों ने पूछा कि आम जनता तृणमूल से इतनी नाराज़ क्यों है। उन्होंने कहा, "अगर हम यह बात समझ गए होते, तो बहुत कुछ किया जा सकता था। लेकिन टीएमसी नहीं चाहती थी, इसलिए कई कारणों से ऐसा नहीं हो पाया।" हालाँकि, उन्होंने इस विषय पर विस्तार से बोलने से इनकार कर दिया।
ममता बनर्जी द्वारा रविवार को बुलाई गई तृणमूल विधायकों की बैठक में अनुपस्थित रहने पर उन्होंने कहा, "मैं अस्वस्थ हूँ, इसलिए नहीं जा सका।" उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी की समग्र स्थिति ठीक है।
ममता बनर्जी की बैठक और विधायकों की अनुपस्थिति
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की नेत्री ममता बनर्जी ने रविवार को अपने कालीघाट स्थित आवास पर पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी। सूत्रों के अनुसार, लगभग 60 विधायक इस बैठक में शामिल नहीं हुए, जिसके कारण बैठक रद्द करनी पड़ी। यह घटना पार्टी के भीतर बढ़ती आंतरिक खींचतान की ओर संकेत करती है।
नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण
उल्लेखनीय है कि सोमवार को पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली नई कैबिनेट में 35 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। कोलकाता के लोक भवन में राज्यपाल आरएन रवि ने इन मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। रथिन घोष ने सभी नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई देते हुए उनसे विधायकीय कार्यों में सहयोग की उम्मीद जताई।
क्या होगा आगे
नगरपालिका भर्ती भ्रष्टाचार मामले में ईडी की जाँच जारी है। रथिन घोष द्वारा सोमवार को दस्तावेज़ सौंपे जाने के बाद एजेंसी आगे की कार्रवाई तय करेगी। यह मामला पश्चिम बंगाल में सत्ता-परिवर्तन के बाद राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील हो गया है, क्योंकि विपक्ष इसे शासन की विफलता के प्रमाण के रूप में उठा रहा है।