दिलीप घोष का TMC पर बड़ा हमला: भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं पर BJP सरकार में हो रही जांच
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 15 जुलाई 2026 को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के कई नेता वर्षों से भ्रष्टाचार और अन्य अनियमितताओं में लिप्त रहे हैं। घोष के अनुसार, पहले इन मामलों में शिकायतें दर्ज नहीं होती थीं, लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार के सत्ता में आने के बाद जांच प्रक्रिया सक्रिय हो गई है।
मदन मित्रा की पत्नी को ED समन: घोष की प्रतिक्रिया
TMC विधायक मदन मित्रा की पत्नी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा समन भेजे जाने पर घोष ने कहा कि किसी के भी खिलाफ शिकायत दर्ज हो सकती है और जांच एजेंसियों का दायित्व है कि वे उसकी सत्यता परखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष रूप से यह निर्धारित करना है कि आरोप सही हैं या नहीं। घोष ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई कुछ घटनाओं ने पूरे राज्य को शर्मसार किया था, इसलिए निष्पक्ष जांच अनिवार्य है।
अभिषेक बनर्जी का बिधाननगर कोर्ट मामला
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को बिधाननगर कोर्ट में आवाज का नमूना देने के लिए बुलाए जाने पर घोष ने कहा कि अदालती प्रक्रिया का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी इससे पहले भी ED और CBI जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के समक्ष पेश हो चुके हैं, अतः यह एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। घोष के अनुसार, जांच के दौरान सबूत मिलने पर संबंधित व्यक्ति को सहयोग करना चाहिए।
OBC आरक्षण में अनियमितताओं पर निशाना
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण के मुद्दे पर घोष ने पूर्ववर्ती TMC सरकार पर आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंद लाभार्थी वंचित रह गए। उन्होंने कहा कि कुछ समुदायों को गलत तरीके से OBC सूची में शामिल किया गया। घोष ने बताया कि इस मामले में उच्च न्यायालय ने भी हस्तक्षेप किया है और आरक्षण व्यवस्था की खामियों के कारण नौकरी, मेडिकल कॉलेज तथा इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले जैसी प्रक्रियाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्तमान सरकार संविधान के अनुरूप इस समस्या का समाधान करेगी।
फीफा विश्व कप पर घोष की राय
राजनीतिक बयानों के अलावा घोष ने फीफा विश्व कप पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अनुभवी टीमें हमेशा निर्णायक दौर में बेहतर प्रदर्शन करती हैं। उन्होंने लियोनेल मेसी का उदाहरण देते हुए कहा कि 39-40 साल की उम्र में भी मेसी अर्जेंटीना के लिए गोल कर रहे हैं। उन्होंने स्पेन की युवा टीम की 'टोटल फुटबॉल' शैली की सराहना की और कहा कि फाइनल में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच मुकाबला होगा, जिसमें पलड़ा अर्जेंटीना की ओर भारी दिखता है।
आगे क्या होगा
घोष के इन बयानों से पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव और गहरा होने के संकेत हैं। OBC आरक्षण मामले में उच्च न्यायालय की सुनवाई तथा ED और CBI की जांच प्रक्रियाएं आने वाले हफ्तों में राज्य की राजनीति को और अधिक गरमाए रखेंगी।