ED समन पर दिलीप घोष का तीखा हमला: ‘अभिषेक बनर्जी कानून से नहीं बच सकते’, 15 जून को पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी समन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे ‘कानून से बचने का प्रयास’ कर रहे हैं, जो संभव नहीं है। ED ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती से जुड़े कथित धन शोधन मामले में अभिषेक को 15 जून को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित CGO कॉम्प्लेक्स में पूछताछ के लिए तलब किया है।
दिलीप घोष का तीखा बयान
घोष ने गुरुवार सुबह मीडिया से बातचीत में कहा, ‘अभिषेक बनर्जी कानून से बचने का प्रयास कर रहे हैं, यह संभव नहीं है। इससे पहले उनके जितने भी नेता, अनुब्रत मंडल से लेकर पार्थ चटर्जी जी तक, सभी ने यही ड्रामा किया था। बीमार हैं, अस्पताल में हैं, अभी नहीं जाएंगे। लेकिन आखिरकार जाना पड़ा। जो गया, वह अंदर ही चला गया। सबका इंतजार हो रहा है।’
क्या है मामला
अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित गड़बड़ियों और अवैध लेनदेन से जुड़े मामले में जांच के दायरे में हैं। बीते दिन ED ने उन्हें घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में 15 जून को पूछताछ के लिए समन जारी किया। ED सूत्रों के अनुसार, मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए उन्हें दोबारा बुलाया गया है और उस दिन उनका बयान दर्ज किया जाएगा।
दो आवासों पर पहुंचे ED अधिकारी
सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को ED के दो अधिकारी दक्षिण कोलकाता के हरिश मुखर्जी रोड स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास ‘शांतिनिकेतन’ पहुंचे थे, ताकि उन्हें व्यक्तिगत रूप से समन सौंपा जा सके। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने अधिकारियों को कथित तौर पर बताया कि अभिषेक काफी समय से उस आवास में नहीं रह रहे हैं।
इसके बाद ED अधिकारी कालीघाट रोड स्थित उनके दूसरे आवास पहुंचे, जो उनकी बुआ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के निकट स्थित है, लेकिन अभिषेक वहां भी मौजूद नहीं थे। इस कारण ED अधिकारी उन्हें व्यक्तिगत रूप से समन नहीं सौंप सके।
TMC की अंतर्कलह पर भी निशाना
दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘TMC का मामला अभी गोलमोल चल रहा है। आप उन्हें पहले तय करने दीजिए कि पार्टी किसके साथ है, कौन है और नेता कौन है। इसमें हमें क्या टिप्पणी करनी है? पार्टी ही खत्म हो रही है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘TMC नाम को मिटा देना चाहिए। इस पर भी बुलडोजर चला देना चाहिए। इस नाम ने ही पिछले 15 सालों से बंगाल को बर्बाद कर दिया है। लोग TMC के नाम को सुनना और देखना नहीं चाहते हैं।’
आगे क्या
अब सभी की निगाहें 15 जून पर टिकी हैं, जब अभिषेक बनर्जी को CGO कॉम्प्लेक्स में पेश होना है। यदि वे उपस्थित नहीं होते हैं, तो ED के पास आगे की कानूनी कार्रवाई के विकल्प खुले रहेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर सत्ताधारी TMC पर पहले से ही राजनीतिक दबाव बना हुआ है।