स्कूल नौकरी घोटाला: अभिषेक बनर्जी ईडी के सामने पेश, सीबीआई चार्जशीट में भी नाम
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी सोमवार, 15 जून को पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित स्कूल-नियुक्ति घोटाले से जुड़े धन-शोधन मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता स्थित कार्यालय में उपस्थित हुए। ईडी ने उन्हें दोपहर तक पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन अभिषेक बनर्जी निर्धारित समय सुबह 11 बजे से पहले ही कार्यालय पहुँच गए।
पूछताछ का घटनाक्रम
ईडी कार्यालय पहुँचने पर अभिषेक बनर्जी ने मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि इस बार सीजीओ कॉम्प्लेक्स में कोई अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी — न पुलिस की विशेष तैनाती, न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) का बंदोबस्त और न ही यातायात पर कोई प्रतिबंध।
यह स्थिति पिछली पूछताछ के दौरान के माहौल से बिल्कुल अलग रही, जब ईडी कार्यालय के भीतर और बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहती थी और यातायात पर आंशिक रोक लगाई जाती थी।
चार्जशीट में नाम, आरोपी नहीं
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दायर चार्जशीट में अभिषेक बनर्जी का नाम सामने आया था, हालाँकि उन्हें आरोपी के रूप में नामजद नहीं किया गया था। इसी प्रकार, ईडी की चार्जशीट में भी उनका नाम शामिल है।
ईडी की चार्जशीट में कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड' का नाम भी दर्ज है। अभिषेक बनर्जी इस कंपनी के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रह चुके हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल स्कूल-नियुक्ति घोटाले में सबसे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने सीबीआई जाँच का आदेश दिया था। इसके बाद ईडी ने एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करके स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले में धन-शोधन की जाँच शुरू की।
यह ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर विपक्ष की ओर से लगातार दबाव बना हुआ है। अभिषेक बनर्जी इससे पहले भी कई मामलों में ईडी के समक्ष पेश हो चुके हैं।
आगे क्या होगा
ईडी की पूछताछ के बाद जाँच की दिशा और अभिषेक बनर्जी की भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है। इस मामले में न्यायालय की निगरानी में जाँच जारी है और अगली सुनवाई में नए घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।