26 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी ने बंगाल सीआईडी का तीसरा नोटिस भी नकारा, हाईकोर्ट सुनवाई का हवाला देकर मांगा अतिरिक्त समय

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अभिषेक बनर्जी ने बंगाल सीआईडी का तीसरा नोटिस भी नकारा, हाईकोर्ट सुनवाई का हवाला देकर मांगा अतिरिक्त समय

सारांश

तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बंगाल सीआईडी का तीसरा समन भी ठुकरा दिया — और यह तब हुआ जब सीआईडी की टीमें उनके कोलकाता कार्यालयों पर छापा मार रही थीं। पार्टी के 20 सांसदों के विद्रोह के बीच यह कानूनी और राजनीतिक संकट एक साथ गहराता जा रहा है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी ने 9 जून को बंगाल सीआईडी का तीसरा नोटिस भी नजरअंदाज किया; शाम 5 बजे की समय-सीमा चूकी।
पहला नोटिस 1 जून , दूसरा 8 जून और तीसरा 9 जून को — तीनों अनुत्तरित।
सीआईडी ने कालीघाट और कैमक स्ट्रीट स्थित TMC कार्यालयों में समानांतर छापेमारी की।
कलकत्ता हाईकोर्ट की अवकाशकालीन पीठ में बुधवार को समन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई निर्धारित।
TMC के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय के नेतृत्व में अभिषेक का नेतृत्व मानने से इनकार किया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार, 9 जून को पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा जारी लगातार तीसरे नोटिस को भी नजरअंदाज कर दिया। यह नोटिस राज्य विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित पदों से जुड़े एक प्रस्ताव में पार्टी के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगति की जांच के सिलसिले में पूछताछ हेतु भेजा गया था। शाम 5 बजे तक निर्धारित समय-सीमा के भीतर वे कोलकाता के भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित नहीं हुए।

नोटिस की पृष्ठभूमि और पूर्व समन

राज्य पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी ने सीआईडी को एक पत्र भेजकर नई दिल्ली में होने का हवाला देते हुए उपस्थिति के लिए और समय माँगा। उल्लेखनीय है कि पहला नोटिस 1 जून को और दूसरा 8 जून को भेजा गया था — दोनों को भी नजरअंदाज किया गया था।

अपने पत्र में उन्होंने बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की अवकाशकालीन एकल पीठ में होने वाली सुनवाई का भी उल्लेख किया। यह सुनवाई उनकी उस याचिका पर निर्धारित थी जिसमें उन्होंने सीआईडी के समन को चुनौती दी है और गिरफ्तारी सहित किसी भी पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा की माँग की है।

समानांतर छापेमारी: कालीघाट और कैमक स्ट्रीट

जिस समय अभिषेक बनर्जी का पत्र सीआईडी मुख्यालय पहुँचा, उसी समय सीआईडी की दो टीमें समानांतर तलाशी अभियान चला रही थीं। एक टीम दक्षिण कोलकाता के कालीघाट में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के निकट स्थित TMC कार्यालय में, और दूसरी टीम मध्य कोलकाता की कैमक स्ट्रीट स्थित उस कार्यालय में पहुँची जहाँ से पार्टी महासचिव अपना कामकाज संचालित करते थे।

दिल्ली में TMC की राजनीतिक हलचल

अभिषेक बनर्जी 6 जून की शाम को नई दिल्ली रवाना हुए थे, जबकि ममता बनर्जी 8 जून की शाम को राजधानी पहुँचीं। दोनों ने 8 जून को नई दिल्ली में विपक्षी गठबंधन इंडिया की एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया।

यह ऐसे समय में हो रहा है जब TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने पार्टी के चार बार के सांसद काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय के नेतृत्व में बागी रुख अपनाते हुए अभिषेक बनर्जी का महासचिव के रूप में नेतृत्व स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। दोनों नेताओं की कोलकाता वापसी की तारीख अभी तक सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

कलकत्ता हाईकोर्ट में बुधवार की सुनवाई का परिणाम तय करेगा कि सीआईडी आगे क्या कदम उठा सकती है। यदि अदालत राहत देने से इनकार करती है, तो जांच एजेंसी के पास अभिषेक बनर्जी को अनिवार्य रूप से पेश होने के लिए बाध्य करने के विकल्प खुल सकते हैं। TMC के भीतर जारी आंतरिक विद्रोह के बीच यह कानूनी लड़ाई पार्टी नेतृत्व के लिए दोहरी चुनौती बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक आंतरिक विद्रोह की पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए जिसमें 20 सांसदों ने अभिषेक के नेतृत्व को खुलेआम नकारा है। सवाल यह है कि क्या यह जांच स्वतंत्र कानूनी प्रक्रिया है या दबाव की राजनीति का औजार — और कलकत्ता हाईकोर्ट की बुधवार की सुनवाई इस सवाल का पहला ठोस जवाब देगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी को बंगाल सीआईडी ने क्यों नोटिस भेजा?
बंगाल सीआईडी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित पदों से जुड़े एक प्रस्ताव में TMC के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगति की जांच कर रही है। इसी मामले में पूछताछ के लिए अभिषेक बनर्जी को तीन बार नोटिस भेजे गए।
अभिषेक बनर्जी ने तीसरा नोटिस क्यों नजरअंदाज किया?
अभिषेक बनर्जी ने सीआईडी को पत्र लिखकर नई दिल्ली में होने का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय माँगा। उन्होंने बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में अपनी याचिका की सुनवाई का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने समन को चुनौती दी है।
कलकत्ता हाईकोर्ट में अभिषेक बनर्जी की याचिका किस बारे में है?
अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट की अवकाशकालीन एकल पीठ में याचिका दायर कर सीआईडी के समन को चुनौती दी है और गिरफ्तारी सहित किसी भी पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा माँगी है। इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई निर्धारित है।
सीआईडी ने TMC के किन कार्यालयों में छापेमारी की?
सीआईडी की दो टीमों ने दक्षिण कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के निकट स्थित TMC कार्यालय और मध्य कोलकाता की कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में समानांतर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया।
TMC में आंतरिक विद्रोह की स्थिति क्या है?
TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय के नेतृत्व में अभिषेक बनर्जी का महासचिव के रूप में नेतृत्व स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। यह विद्रोह ऐसे समय में सामने आया है जब अभिषेक बनर्जी कानूनी दबाव का भी सामना कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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