विधायक हस्ताक्षर विसंगति मामला: अभिषेक बनर्जी आज सीआईडी मुख्यालय पहुँचेंगे?
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी के सोमवार दोपहर तक पश्चिम बंगाल के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) मुख्यालय भवानी भवन पहुँचने की संभावना जताई जा रही है। यह पेशी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के प्रमुख पदों के लिए प्रस्तुत नामांकन प्रस्तावों पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों से जुड़ी सीआईडी की चल रही जांच के तहत हो सकती है। हालांकि, उनकी उपस्थिति को लेकर अभी भी अटकलें बनी हुई हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
सूत्रों के अनुसार, यह जांच पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता, दो उपनेताओं और मुख्य सचेतक के नामांकन प्रस्तावों पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। प्रस्ताव प्रस्तुत होने से पूर्व अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा सचिवालय को पत्र भेजकर शोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता, नयना बंद्योपाध्याय और असीमा पात्रा को उपनेता तथा कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक नामित किया था।
विधानसभा अध्यक्ष रथेंद्र बोस ने TMC विधायकों के हस्ताक्षर सहित प्रस्ताव प्रस्तुत करने पर जोर दिया। कुछ हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियाँ सामने आने के बाद मामला सीआईडी को सौंप दिया गया।
नोटिस और पेशी का घटनाक्रम
सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को 30 मई को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। शुरुआत में जांच अधिकारी नोटिस देने के लिए उनके हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास पर पहुँचे। जब पता चला कि वे कालीघाट स्थित अपने दूसरे आवास पर हैं, तो सीआईडी अधिकारी वहाँ गए और उन्हें व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंपा। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वे उचित कानूनी सलाह का पालन करते हुए जांच में सहयोग करेंगे, हालांकि उन्होंने नोटिस के कारणों पर स्पष्टता नहीं दी।
सोनारपुर घटना और अस्पताल प्रसंग
यह घटनाक्रम दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में 30 मई की दोपहर हुई कथित बदसलूकी और मारपीट की घटना के तुरंत बाद सामने आया है। शनिवार को दो निजी अस्पतालों ने अभिषेक बनर्जी को भर्ती करने से इनकार करते हुए आधिकारिक तौर पर कहा कि 'भर्ती की आवश्यकता नहीं है।' इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड स्थित उनके आवास पर वापस ले आईं।
ममता बनर्जी की घोषणा
ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि उनके भतीजे के आवास पर उचित उपचार सुनिश्चित करने के लिए 'अस्पताल जैसी सुविधा' स्थापित की गई है। गौरतलब है कि भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय अभिषेक बनर्जी के कालीघाट आवास के काफी निकट है।
आगे क्या होगा
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या अभिषेक बनर्जी सोमवार को सीआईडी के समक्ष पेश होंगे या अपने कानूनी अधिकारों का उपयोग करते हुए अतिरिक्त समय माँगेंगे। यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है, खासकर TMC के आंतरिक नेतृत्व ढाँचे और विधानसभा में विपक्षी पदों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर।