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विधायक हस्ताक्षर विसंगति मामला: अभिषेक बनर्जी आज सीआईडी मुख्यालय पहुँचेंगे?

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विधायक हस्ताक्षर विसंगति मामला: अभिषेक बनर्जी आज सीआईडी मुख्यालय पहुँचेंगे?

सारांश

TMC महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सीआईडी का शिकंजा कस रहा है — विधानसभा नामांकन प्रस्तावों पर विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों को लेकर नोटिस मिला, और सोनारपुर मारपीट कांड के बाद अस्पताल प्रसंग ने मामले को और पेचीदा बना दिया है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी के सोमवार दोपहर तक भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय पहुँचने की संभावना जताई जा रही है।
सीआईडी ने 30 मई को नोटिस जारी किया; जांच विधानसभा नामांकन प्रस्तावों पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों से संबंधित है।
शोवनदेब चट्टोपाध्याय , नयना बंद्योपाध्याय , असीमा पात्रा और फिरहाद हकीम के नामांकन प्रस्तावों पर विवाद; अध्यक्ष रथेंद्र बोस ने मामला सीआईडी को सौंपा।
30 मई को सोनारपुर में कथित मारपीट के बाद दो निजी अस्पतालों ने बनर्जी को भर्ती करने से इनकार किया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कालीघाट आवास पर 'अस्पताल जैसी सुविधा' स्थापित करने की घोषणा की।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी के सोमवार दोपहर तक पश्चिम बंगाल के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) मुख्यालय भवानी भवन पहुँचने की संभावना जताई जा रही है। यह पेशी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के प्रमुख पदों के लिए प्रस्तुत नामांकन प्रस्तावों पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों से जुड़ी सीआईडी की चल रही जांच के तहत हो सकती है। हालांकि, उनकी उपस्थिति को लेकर अभी भी अटकलें बनी हुई हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

सूत्रों के अनुसार, यह जांच पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता, दो उपनेताओं और मुख्य सचेतक के नामांकन प्रस्तावों पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। प्रस्ताव प्रस्तुत होने से पूर्व अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा सचिवालय को पत्र भेजकर शोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता, नयना बंद्योपाध्याय और असीमा पात्रा को उपनेता तथा कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक नामित किया था।

विधानसभा अध्यक्ष रथेंद्र बोस ने TMC विधायकों के हस्ताक्षर सहित प्रस्ताव प्रस्तुत करने पर जोर दिया। कुछ हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियाँ सामने आने के बाद मामला सीआईडी को सौंप दिया गया।

नोटिस और पेशी का घटनाक्रम

सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को 30 मई को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। शुरुआत में जांच अधिकारी नोटिस देने के लिए उनके हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास पर पहुँचे। जब पता चला कि वे कालीघाट स्थित अपने दूसरे आवास पर हैं, तो सीआईडी अधिकारी वहाँ गए और उन्हें व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंपा। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वे उचित कानूनी सलाह का पालन करते हुए जांच में सहयोग करेंगे, हालांकि उन्होंने नोटिस के कारणों पर स्पष्टता नहीं दी।

सोनारपुर घटना और अस्पताल प्रसंग

यह घटनाक्रम दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में 30 मई की दोपहर हुई कथित बदसलूकी और मारपीट की घटना के तुरंत बाद सामने आया है। शनिवार को दो निजी अस्पतालों ने अभिषेक बनर्जी को भर्ती करने से इनकार करते हुए आधिकारिक तौर पर कहा कि 'भर्ती की आवश्यकता नहीं है।' इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड स्थित उनके आवास पर वापस ले आईं।

ममता बनर्जी की घोषणा

ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि उनके भतीजे के आवास पर उचित उपचार सुनिश्चित करने के लिए 'अस्पताल जैसी सुविधा' स्थापित की गई है। गौरतलब है कि भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय अभिषेक बनर्जी के कालीघाट आवास के काफी निकट है।

आगे क्या होगा

अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या अभिषेक बनर्जी सोमवार को सीआईडी के समक्ष पेश होंगे या अपने कानूनी अधिकारों का उपयोग करते हुए अतिरिक्त समय माँगेंगे। यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है, खासकर TMC के आंतरिक नेतृत्व ढाँचे और विधानसभा में विपक्षी पदों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर।

संपादकीय दृष्टिकोण

सीआईडी नोटिस के ठीक बाद, सवाल खड़े करती है कि क्या ये घटनाएँ आपस में जुड़ी हैं। आलोचकों का कहना है कि पश्चिम बंगाल सीआईडी राज्य सरकार के अधीन है, इसलिए इस जांच की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। बिना पारदर्शी प्रक्रिया के यह पूरा घटनाक्रम राज्य की राजनीतिक अनिश्चितता को और गहरा कर सकता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी को सीआईडी का नोटिस क्यों मिला?
सूत्रों के अनुसार, यह नोटिस पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता, दो उपनेताओं और मुख्य सचेतक के नामांकन प्रस्तावों पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों की जांच से संबंधित है। विधानसभा अध्यक्ष रथेंद्र बोस ने हस्ताक्षरों में अनियमितताएँ पाए जाने के बाद मामला सीआईडी को सौंपा था।
सीआईडी नोटिस किन पदों के नामांकन से जुड़ा है?
नोटिस विधानसभा में विपक्ष के नेता शोवनदेब चट्टोपाध्याय, उपनेता नयना बंद्योपाध्याय और असीमा पात्रा, तथा मुख्य सचेतक फिरहाद हकीम के नामांकन प्रस्तावों से जुड़ा है। इन सभी नामांकनों की सिफारिश अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा सचिवालय को पत्र लिखकर की थी।
सोनारपुर घटना क्या थी और इसका इस मामले से क्या संबंध है?
30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट की घटना हुई। इसी दिन सीआईडी ने उन्हें नोटिस जारी किया, जिससे दोनों घटनाओं की टाइमिंग ने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी।
अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं किया गया?
शनिवार को दो निजी अस्पतालों ने आधिकारिक तौर पर कहा कि 'भर्ती की आवश्यकता नहीं है' और उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें कालीघाट स्थित आवास पर वापस ले आईं और वहाँ 'अस्पताल जैसी सुविधा' स्थापित करने की घोषणा की।
क्या अभिषेक बनर्जी सीआईडी के सामने पेश होंगे?
अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि वे उचित कानूनी सलाह का पालन करते हुए जांच में सहयोग करेंगे, हालांकि उन्होंने सोमवार को पेश होने की पुष्टि नहीं की। उनकी उपस्थिति को लेकर अटकलें बनी हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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