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अभिषेक बनर्जी पहुंचे कलकत्ता हाईकोर्ट, हस्ताक्षर बेमेल मामले में CID समन को दी चुनौती

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अभिषेक बनर्जी पहुंचे कलकत्ता हाईकोर्ट, हस्ताक्षर बेमेल मामले में CID समन को दी चुनौती

सारांश

हस्ताक्षर बेमेल मामले में CID की दो-दो नोटिसों के बाद अभिषेक बनर्जी अब अदालत की शरण में हैं। 8 जून को दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक, सोनारपुर हमले के बाद बिगड़ी सेहत और विधानसभा में चार विपक्षी पदों का अधूरा नामांकन — यह मामला TMC की अंदरूनी राजनीति और बंगाल की संस्थागत टकराव दोनों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी ने 3 जून को कलकत्ता हाईकोर्ट में CID समन को चुनौती दी; सुनवाई शुक्रवार को।
न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा रॉय की पीठ के समक्ष गिरफ्तारी सहित दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग।
विवाद विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित चार सीटों के नामांकन प्रस्ताव पर TMC विधायकों के हस्ताक्षरों की विसंगति से जुड़ा।
TMC विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा ने अध्यक्ष कार्यालय को विसंगतियों की जानकारी दी थी।
CID ने पहले 1 जून , फिर 8 जून को पेशी का नोटिस दिया; उसी दिन दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक।
30 मई को सोनारपुर में कथित हमले के बाद बनर्जी की तबीयत बिगड़ी थी।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने 3 जून को कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक-सदस्यीय अवकाशकालीन पीठ का रुख कर पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) द्वारा हस्ताक्षर बेमेल मामले में जारी समन को चुनौती दी। उन्होंने इस मामले में गिरफ्तारी सहित किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है, और न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा रॉय की पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए सुनवाई शुक्रवार को तय की है।

मामला क्या है

विवाद की जड़ पश्चिम बंगाल विधानसभा की उन चार महत्वपूर्ण सीटों पर पार्टी विधायकों को नामित करने वाले एक प्रस्ताव से जुड़ी है, जो सदन में विपक्ष के लिए आरक्षित हैं। आरोप है कि इस प्रस्ताव पर TMC के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियाँ पाई गईं, जिसके बाद विधानसभा सचिवालय ने मामले की जांच CID को सौंप दी।

नामांकन और हस्ताक्षर विवाद की पृष्ठभूमि

कुछ दिन पहले अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के नए अध्यक्ष रथिंद्र बोस के कार्यालय को पत्र भेजकर शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष, नयना बंद्योपाध्याय और असीमा पात्रा को विपक्ष का उप-नेता तथा फिरहाद हकीम को विधायी दल का मुख्य सचेतक नामित किया था। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया था कि इन नामों का समर्थन करने वाला, विधायकों के हस्ताक्षर सहित प्रस्ताव साथ में जमा करना अनिवार्य होगा। यह प्रस्ताव जमा भी कर दिया गया, लेकिन मामले ने तब नाटकीय मोड़ ले लिया जब TMC के ही दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा ने हस्ताक्षरों में विसंगतियों की ओर अध्यक्ष कार्यालय का ध्यान खींचा।

CID के दो समन और स्वास्थ्य का हवाला

शुरुआत में अभिषेक बनर्जी को 1 जून को CID कार्यालय में तलब किया गया था, परन्तु उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए 15 दिन का समय मांगा। 30 मई की दोपहर दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित तौर पर जनता द्वारा उन पर हमला किया गया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। 1 जून की शाम को CID ने दूसरा नोटिस जारी कर 8 जून को पेश होने को कहा।

दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक

8 जून को अभिषेक बनर्जी और उनकी बुआ, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली में मौजूद रहेंगी — यानी CID के सामने उसी दिन पेशी व्यावहारिक रूप से असंभव है। यह टकराव कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक कैलेंडर के बीच टकराव को रेखांकित करता है।

आगे क्या

हाईकोर्ट में शुक्रवार की सुनवाई तय करेगी कि अभिषेक बनर्जी को CID की दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण मिलता है या नहीं। इस बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सहित चार महत्वपूर्ण पदों पर औपचारिक नियुक्ति का मामला भी अधर में लटका हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि TMC के अंदर खींचतान का संकेत है — पार्टी के ही दो विधायकों ने हस्ताक्षरों पर सवाल उठाए, और विधानसभा सचिवालय ने मामला सीधे CID को सौंप दिया, जो स्वयं राज्य सरकार के अधीन है। बंगाल में विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, सत्तारूढ़ पार्टी और जांच एजेंसी का एक ही दिशा में काम करना संस्थागत संतुलन पर सवाल खड़ा करता है। साथ ही, 8 जून की दोहरी तारीख — CID पेशी और INDIA ब्लॉक बैठक — से साफ है कि टकराव सिर्फ कानूनी नहीं, राजनीतिक भी है। अदालत का शुक्रवार का फैसला तय करेगा कि यह जांच आगे बढ़ती है या ठिठक जाती है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ हस्ताक्षर बेमेल मामला क्या है?
यह पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित चार महत्वपूर्ण सीटों — नेता प्रतिपक्ष, दो उप-नेता और मुख्य सचेतक — पर TMC विधायकों को नामित करने वाले प्रस्ताव से जुड़ा है। आरोप है कि इस प्रस्ताव पर पार्टी के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियाँ पाई गईं, जिसके बाद विधानसभा सचिवालय ने जांच CID को सौंप दी।
अभिषेक बनर्जी कलकत्ता हाईकोर्ट क्यों गए?
उन्होंने CID द्वारा जारी समन को चुनौती दी है और गिरफ्तारी सहित किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है। न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा रॉय की एकल पीठ ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली है और शुक्रवार को सुनवाई होगी।
CID ने अभिषेक बनर्जी को कब-कब तलब किया?
पहली बार उन्हें 1 जून को पेश होने को कहा गया था, लेकिन शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने 15 दिन का समय मांगा। 1 जून की शाम CID ने दूसरा नोटिस जारी कर 8 जून को कार्यालय में पेश होने को कहा।
30 मई को सोनारपुर में क्या हुआ था?
दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में 30 मई की दोपहर कथित तौर पर जनता द्वारा अभिषेक बनर्जी पर हमला किया गया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसी कारण उन्होंने CID के पहले समन पर पेश होने के लिए समय मांगा था।
8 जून को अभिषेक बनर्जी कहाँ रहेंगे?
8 जून को अभिषेक बनर्जी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली में मौजूद रहेंगे। यही तारीख CID ने उनकी पेशी के लिए तय की है, जिससे टकराव की स्थिति बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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