झारखंड BJP ने SIR प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 4 सितंबर 2026 को झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित नियम-उल्लंघन को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने तीन प्रमुख अनियमितताओं — एक सरकारी अधिकारी की राजनीतिक बैठक में कथित उपस्थिति, बूथ स्तर पर फॉर्म-7 अस्वीकृति और ऑफलाइन प्रमाण-पत्र जारी करने — की जाँच और तत्काल कार्रवाई की माँग की है।
मुख्य घटनाक्रम
BJP के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं SIR संयोजक राकेश प्रसाद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल रांची स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुँचा। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री मनीर उरांव, प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा और अनिल सिंह भी शामिल रहे। ज्ञापन में विस्तृत आरोप दर्ज कराते हुए फोटोग्राफिक साक्ष्य भी संलग्न किए गए।
सरकारी अधिकारी की राजनीतिक बैठक में कथित उपस्थिति
ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड से संबंधित है। BJP का कहना है कि 3 सितंबर को वहाँ आयोजित झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की एक बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी-सह-सहायक निर्वाचन पंजीकरण पदाधिकारी (AERO) अंशु कुमार पाण्डेय कथित तौर पर उपस्थित थे। पार्टी का तर्क है कि SIR से सीधे जुड़े एक निर्वाचन अधिकारी की किसी राजनीतिक दल की बैठक में मौजूदगी प्रशासनिक तटस्थता और पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पार्टी ने इस संदर्भ में बैठक की तस्वीरें भी ज्ञापन के साथ संलग्न की हैं।
फॉर्म-7 अस्वीकृति और बीएलओ पर आरोप
BJP ने रांची विधानसभा क्षेत्र में कुछ बूथों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा फॉर्म-7 स्वीकार नहीं किए जाने की शिकायत भी प्रमुखता से उठाई। पार्टी के अनुसार, मतदाता सूची में मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नामों को लेकर आपत्ति दर्ज कराना नागरिकों और राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों का वैधानिक अधिकार है। इसके बावजूद कुछ बूथों पर BLA-2 और नागरिकों के फॉर्म-7 लेने से इनकार किए जाने की सूचना है। पार्टी ने माँग की है कि सभी संबंधित BLO को फॉर्म-7 अनिवार्य रूप से स्वीकार करने का स्पष्ट निर्देश दिया जाए और पहले अस्वीकृत फॉर्म भी नियमानुसार लिए जाएँ।
ऑफलाइन प्रमाण-पत्र और मतदाता संख्या में कथित असामान्य वृद्धि
BJP ने SIR के दौरान राज्य सरकार द्वारा जाति, आय, स्थानीय निवासी और EWS प्रमाण-पत्र ऑफलाइन जारी करने के आदेश पर भी आपत्ति जताई। पार्टी का कहना है कि इन प्रमाण-पत्रों का उपयोग मतदाता सूची में नाम जोड़ने के दावों के समर्थन में किया जा सकता है, इसलिए ऐसे दावों का समुचित सत्यापन सुनिश्चित होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर मतदाताओं की संख्या में कथित असामान्य वृद्धि की भी उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है।
आगे क्या होगा
BJP ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से इन सभी मामलों में तत्काल संज्ञान लेने और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। यह ज्ञापन ऐसे समय में आया है जब झारखंड में SIR प्रक्रिया चल रही है और आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची की शुद्धता पर सभी दलों की नज़र है। निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।