4 सितंबर 2026
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झारखंड BJP ने SIR प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा

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झारखंड BJP ने SIR प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा

सारांश

झारखंड BJP ने SIR प्रक्रिया में तीन बड़ी अनियमितताओं — JMM बैठक में निर्वाचन अधिकारी की कथित उपस्थिति, फॉर्म-7 अस्वीकृति और ऑफलाइन प्रमाण-पत्र — का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मतदाता सूची की निष्पक्षता पर सवाल उठे।

मुख्य बातें

BJP ने 4 सितंबर 2026 को झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को SIR में कथित अनियमितताओं पर ज्ञापन सौंपा।
साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड में 3 सितंबर को आयोजित JMM की बैठक में निर्वाचन अधिकारी अंशु कुमार पाण्डेय की कथित उपस्थिति पर गंभीर आपत्ति।
रांची विधानसभा क्षेत्र में BLO द्वारा फॉर्म-7 स्वीकार नहीं किए जाने की शिकायत; BJP ने सभी BLO को स्पष्ट निर्देश देने की माँग की।
SIR के दौरान जाति, आय, EWS प्रमाण-पत्र ऑफलाइन जारी किए जाने पर भी आपत्ति; दावों के समुचित सत्यापन की माँग।
संवेदनशील बूथों पर मतदाता संख्या में असामान्य वृद्धि की उच्चस्तरीय जाँच का आग्रह।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 4 सितंबर 2026 को झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित नियम-उल्लंघन को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने तीन प्रमुख अनियमितताओं — एक सरकारी अधिकारी की राजनीतिक बैठक में कथित उपस्थिति, बूथ स्तर पर फॉर्म-7 अस्वीकृति और ऑफलाइन प्रमाण-पत्र जारी करने — की जाँच और तत्काल कार्रवाई की माँग की है।

मुख्य घटनाक्रम

BJP के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं SIR संयोजक राकेश प्रसाद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल रांची स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुँचा। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री मनीर उरांव, प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा और अनिल सिंह भी शामिल रहे। ज्ञापन में विस्तृत आरोप दर्ज कराते हुए फोटोग्राफिक साक्ष्य भी संलग्न किए गए।

सरकारी अधिकारी की राजनीतिक बैठक में कथित उपस्थिति

ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड से संबंधित है। BJP का कहना है कि 3 सितंबर को वहाँ आयोजित झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की एक बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी-सह-सहायक निर्वाचन पंजीकरण पदाधिकारी (AERO) अंशु कुमार पाण्डेय कथित तौर पर उपस्थित थे। पार्टी का तर्क है कि SIR से सीधे जुड़े एक निर्वाचन अधिकारी की किसी राजनीतिक दल की बैठक में मौजूदगी प्रशासनिक तटस्थता और पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पार्टी ने इस संदर्भ में बैठक की तस्वीरें भी ज्ञापन के साथ संलग्न की हैं।

फॉर्म-7 अस्वीकृति और बीएलओ पर आरोप

BJP ने रांची विधानसभा क्षेत्र में कुछ बूथों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा फॉर्म-7 स्वीकार नहीं किए जाने की शिकायत भी प्रमुखता से उठाई। पार्टी के अनुसार, मतदाता सूची में मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नामों को लेकर आपत्ति दर्ज कराना नागरिकों और राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों का वैधानिक अधिकार है। इसके बावजूद कुछ बूथों पर BLA-2 और नागरिकों के फॉर्म-7 लेने से इनकार किए जाने की सूचना है। पार्टी ने माँग की है कि सभी संबंधित BLO को फॉर्म-7 अनिवार्य रूप से स्वीकार करने का स्पष्ट निर्देश दिया जाए और पहले अस्वीकृत फॉर्म भी नियमानुसार लिए जाएँ।

ऑफलाइन प्रमाण-पत्र और मतदाता संख्या में कथित असामान्य वृद्धि

BJP ने SIR के दौरान राज्य सरकार द्वारा जाति, आय, स्थानीय निवासी और EWS प्रमाण-पत्र ऑफलाइन जारी करने के आदेश पर भी आपत्ति जताई। पार्टी का कहना है कि इन प्रमाण-पत्रों का उपयोग मतदाता सूची में नाम जोड़ने के दावों के समर्थन में किया जा सकता है, इसलिए ऐसे दावों का समुचित सत्यापन सुनिश्चित होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर मतदाताओं की संख्या में कथित असामान्य वृद्धि की भी उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है।

आगे क्या होगा

BJP ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से इन सभी मामलों में तत्काल संज्ञान लेने और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। यह ज्ञापन ऐसे समय में आया है जब झारखंड में SIR प्रक्रिया चल रही है और आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची की शुद्धता पर सभी दलों की नज़र है। निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अगर सत्यापित हो, तो यह निर्वाचन आयोग के आचार संहिता मानकों का स्पष्ट उल्लंघन होगा। गौरतलब है कि झारखंड में आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में SIR का राजनीतिक महत्व बढ़ा हुआ है और सत्तारूढ़ JMM पर पहले भी मतदाता सूची को प्रभावित करने के आरोप लगते रहे हैं। निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया और जाँच की दिशा तय करेगी कि ये आरोप महज राजनीतिक बयानबाज़ी हैं या इनमें वास्तविक प्रशासनिक चूक है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में SIR प्रक्रिया क्या है और BJP ने इस पर क्यों आपत्ति जताई?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक निर्वाचन आयोग-निर्देशित प्रक्रिया है। BJP ने इसमें कथित नियम-उल्लंघन — सरकारी अधिकारी की राजनीतिक बैठक में उपस्थिति, फॉर्म-7 अस्वीकृति और ऑफलाइन प्रमाण-पत्र — को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
बरहेट में JMM बैठक और सरकारी अधिकारी का विवाद क्या है?
BJP के अनुसार, 3 सितंबर को साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड में आयोजित JMM की बैठक में AERO अंशु कुमार पाण्डेय कथित तौर पर उपस्थित थे। SIR से जुड़े निर्वाचन अधिकारी की किसी राजनीतिक दल की बैठक में मौजूदगी प्रशासनिक तटस्थता के सिद्धांत के विरुद्ध मानी जाती है।
फॉर्म-7 क्या है और इसे BLO द्वारा अस्वीकार करना क्यों विवादास्पद है?
फॉर्म-7 मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराने का निर्धारित प्रारूप है। BJP का कहना है कि रांची विधानसभा क्षेत्र के कुछ बूथों पर BLO ने यह फॉर्म स्वीकार करने से इनकार किया, जो नागरिकों और राजनीतिक दलों के वैधानिक अधिकार का उल्लंघन है।
ऑफलाइन प्रमाण-पत्रों पर BJP की आपत्ति क्या है?
BJP ने आरोप लगाया है कि SIR के दौरान राज्य सरकार ने जाति, आय, EWS और स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र ऑफलाइन जारी करने का आदेश दिया। पार्टी की चिंता है कि इन प्रमाण-पत्रों का उपयोग मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए किया जा सकता है, इसलिए इनके आधार पर दायर दावों का उचित सत्यापन होना चाहिए।
BJP ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से क्या माँग की है?
BJP ने बरहेट मामले की उच्चस्तरीय जाँच, दोषी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई, सभी BLO को फॉर्म-7 अनिवार्य रूप से स्वीकार करने का निर्देश, ऑफलाइन प्रमाण-पत्र आधारित दावों का सत्यापन और संवेदनशील बूथों पर मतदाता संख्या में असामान्य वृद्धि की जाँच की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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