जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षाफल में गड़बड़ी के साक्ष्य, भाजपा ने की सीबीआई जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 जुलाई 2026 को रांची में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को तत्काल रद्द करने और पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताएँ हुई हैं, जिनसे लाखों प्रतियोगी अभ्यर्थियों का भविष्य संकट में पड़ गया है।
मुख्य आरोप और अनियमितताएँ
भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि 103 पदों के लिए 2,204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया, लेकिन आयोग ने कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए। उन्होंने यह भी कहा कि परिणाम आयोग के तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना जारी किया गया, जिससे मेरिट सूची और चयन प्रक्रिया की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
शाहदेव के अनुसार, बैकलॉग पीटी परीक्षा में 832 अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड स्पष्ट न होने से पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है। उन्होंने इसे महज प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि प्रतियोगी छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय बताया।
ओएमआर मूल्यांकन पर सवाल
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि ओएमआर शीट के मूल्यांकन में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। उनके अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों के प्राप्तांक को लेकर ऐसे तथ्य उजागर हुए हैं जिन पर परीक्षा विशेषज्ञ भी सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच को अनिवार्य बताया।
झारखंड में परीक्षा विवादों का पैटर्न
भाजपा नेता ने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाएँ लगातार विवादों में रही हैं — कभी मॉडल उत्तर पर सवाल उठते हैं, कभी कटऑफ सार्वजनिक नहीं किया जाता और कभी परिणाम प्रक्रिया विवादास्पद हो जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्यभर के युवाओं में JPSC की विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब झारखंड की किसी प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम पर इस तरह के आरोप लगे हों।
भाजपा की माँगें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार से चार प्रमुख माँगें रखी हैं: 14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षा का परिणाम रद्द कर CBI जांच की अनुशंसा करना; हाल के सभी विवादित परीक्षा परिणामों की जांच कराना; कटऑफ, मेरिट निर्धारण और मूल्यांकन प्रक्रिया को सार्वजनिक करना; तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना।
छात्रों से अपील और आगे की राह
प्रतुल शाहदेव ने प्रतियोगी छात्रों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की और स्पष्ट किया कि भाजपा इस मुद्दे पर छात्रों के साथ खड़ी है। अब देखना यह होगा कि झारखंड सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और क्या JPSC स्वतंत्र जांच के लिए तैयार होता है।