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बांग्लादेश में खसरे का कहर: 24 घंटे में 3 और बच्चों की मौत, कुल मृतक 741 पहुँचे

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बांग्लादेश में खसरे का कहर: 24 घंटे में 3 और बच्चों की मौत, कुल मृतक 741 पहुँचे

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप गहराता जा रहा है — 24 घंटे में 3 और बच्चों की मौत के साथ कुल मृतक 741 हो गए हैं। 1.84 करोड़ बच्चों को टीका लगाने के बावजूद संदिग्ध मामले 1,06,565 तक पहुँच चुके हैं। डेंगू मौसम से पहले विशेषज्ञों ने गंभीर जटिलताओं की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में सोमवार सुबह 8 बजे तक 24 घंटों में 3 और बच्चों की खसरा-संबंधी मौत, कुल मृतक 741 ।
648 मौतें संदिग्ध खसरा लक्षणों से, 93 मामलों में प्रयोगशाला से खसरे की पुष्टि।
देशभर में कुल संदिग्ध मामले 1,06,565 ; लैब-पुष्ट मामले 12,791 ।
15 मार्च से अब तक 89,734 मरीज़ अस्पताल में भर्ती, जिनमें 86,062 ठीक होकर घर लौटे।
मई में 1.84 करोड़ बच्चों को टीका लगाने के बाद भी संक्रमण जारी; विशेषज्ञों ने डेंगू मौसम में जटिलताओं की चेतावनी दी।

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार सुबह 8 बजे तक के आँकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 3 और बच्चों की मौत हुई, जिनमें खसरा संक्रमण के लक्षण पाए गए। इसके साथ ही देशभर में खसरे से जुड़ी कुल मौतों का आँकड़ा 741 तक पहुँच गया है।

मृत्यु और संक्रमण के आँकड़े

स्वास्थ्य महानिदेशालय (DGHS) ने इन मौतों को 'संदिग्ध' श्रेणी में रखा है। विभाग के अनुसार, अब तक 648 बच्चों की मृत्यु खसरे से मिलते-जुलते लक्षणों के कारण हुई है, जबकि 93 मामलों में प्रयोगशाला परीक्षण द्वारा खसरे की पुष्टि की जा चुकी है।

ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, बीते 24 घंटों में 947 नए संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिससे देशभर में संदिग्ध मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,06,565 हो गई है। इसी अवधि में 159 नए लैब-पुष्ट मामले भी दर्ज हुए, जिससे कुल प्रयोगशाला-पुष्टि मामले 12,791 तक जा पहुँचे हैं।

अस्पतालों पर बढ़ता दबाव

स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार, 15 मार्च के बाद से अब तक 89,734 संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा चुका है। इनमें से 86,062 मरीज उपचार के बाद ठीक होकर घर लौट चुके हैं। बढ़ते मामलों ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया है।

टीकाकरण अभियान और विशेषज्ञों की चेतावनी

गौरतलब है कि मई में 1.84 करोड़ बच्चों को टीका लगाने का व्यापक अभियान चलाया गया था। बावजूद इसके संक्रमण का फैलाव जारी है। जून में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया था कि कुछ क्षेत्रों में टीकाकरण कवरेज की कमी, संक्रमण नियंत्रण उपायों का कमज़ोर क्रियान्वयन और निगरानी की अपर्याप्तता इस प्रकोप के मुख्य कारण हैं।

विशेषज्ञों ने यह भी आगाह किया था कि डेंगू का मौसम शुरू होने से पहले से खसरे से पीड़ित बच्चों में गंभीर जटिलताओं — जैसे निमोनिया और कुपोषण — का जोखिम और अधिक बढ़ सकता है।

सरकार की प्रतिक्रिया

अधिकारियों ने निगरानी तंत्र को मज़बूत करने और टीकाकरण अभियान में तेज़ी लाने की बात कही है। यह स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब बांग्लादेश पहले से ही कई सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहा है। आने वाले हफ्तों में संक्रमण के रुझान और टीकाकरण की प्रभावशीलता पर स्वास्थ्य विभाग की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

06,565 संदिग्ध मामलों में से केवल 12,791 की प्रयोगशाला पुष्टि हुई है, जो निगरानी और परीक्षण क्षमता की सीमाओं को दर्शाता है और वास्तविक संख्या को और बड़ा बनाता है। डेंगू मौसम के साथ दोहरे बोझ की आशंका इस संकट को और जटिल बना सकती है — जिसके लिए अभी से समन्वित अंतर-विभागीय तैयारी ज़रूरी है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितने बच्चों की मौत हुई है?
स्वास्थ्य महानिदेशालय (DGHS) के आँकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह 8 बजे तक बांग्लादेश में खसरे से जुड़ी कुल मौतों की संख्या 741 हो गई है। इनमें 648 मौतें संदिग्ध खसरा लक्षणों के कारण हुईं और 93 मामलों में प्रयोगशाला परीक्षण से खसरे की पुष्टि हुई।
बांग्लादेश में खसरे के कुल कितने मामले दर्ज हुए हैं?
ताज़ा आँकड़ों के अनुसार देशभर में कुल संदिग्ध मामले 1,06,565 तक पहुँच गए हैं, जबकि प्रयोगशाला-पुष्टि मामलों की संख्या 12,791 है। 15 मार्च के बाद से 89,734 मरीज़ अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं।
टीकाकरण अभियान के बाद भी खसरा क्यों फैल रहा है?
जून में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में टीकाकरण कवरेज की कमी, संक्रमण नियंत्रण उपायों का कमज़ोर क्रियान्वयन और निगरानी की अपर्याप्तता इस प्रकोप के प्रमुख कारण हैं। मई में 1.84 करोड़ बच्चों को टीका लगाया गया था, लेकिन सीमांत क्षेत्रों में कवरेज अभी भी अधूरी बताई जा रही है।
डेंगू मौसम से खसरे के मरीज़ों पर क्या खतरा है?
विशेषज्ञों ने चेताया है कि डेंगू का मौसम शुरू होने से पहले से खसरे से पीड़ित बच्चों में निमोनिया और कुपोषण जैसी गंभीर जटिलताओं का जोखिम और बढ़ सकता है। दोनों बीमारियों का एक साथ फैलाव स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
बांग्लादेश सरकार इस प्रकोप से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है?
अधिकारियों ने निगरानी तंत्र को मज़बूत करने और टीकाकरण अभियान में तेज़ी लाने की बात कही है। 15 मार्च से अस्पताल में भर्ती 89,734 मरीज़ों में से 86,062 ठीक होकर घर लौट चुके हैं, जो उपचार की सफलता दर को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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