व्हाट्सएप का भारत में 'यूजरनेम फीचर' लॉन्च रोका, सरकार से बातचीत पूरी होने तक इंतजार
सारांश
मुख्य बातें
मेटा के स्वामित्व वाली मैसेजिंग सेवा व्हाट्सएप ने भारत सरकार को आश्वस्त किया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के साथ चल रही बातचीत पूरी होने तक वह देश में अपना प्रस्तावित 'यूजरनेम फीचर' लॉन्च नहीं करेगी। 6 जुलाई को सामने आई इस जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने कंपनी को जारी नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय भी दे दिया है।
क्या है यूजरनेम फीचर
व्हाट्सएप के इस प्रस्तावित फीचर के तहत यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए केवल एक यूजरनेम के ज़रिए दूसरों से बातचीत कर सकेंगे। कंपनी की योजना इसे इस वर्ष के अंत तक वैश्विक स्तर पर चरणबद्ध ढंग से लॉन्च करने की है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी यूजर के लिए यूजरनेम बनाना अनिवार्य नहीं होगा।
सरकार की चिंताएँ
केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह व्हाट्सएप को औपचारिक नोटिस जारी कर इस फीचर पर गंभीर आपत्तियाँ जताई थीं। सरकार का मानना है कि मोबाइल नंबर की अनिवार्यता हटने से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग और फर्जी पहचान (इम्पर्सोनेशन) जैसे साइबर अपराधों का खतरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकता है। यही कारण है कि सरकार ने सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता आने तक इस फीचर को रोके रखने को कहा है।
MeitY के साथ बैठक
इसी सिलसिले में मेटा के एक प्रतिनिधिमंडल ने MeitY के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस विषय पर विस्तार से चर्चा की। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कंपनी को पहले शुक्रवार तक अपना जवाब देना था, लेकिन अब उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है।
व्हाट्सएप के सुरक्षा उपाय
सरकार की आपत्तियों के जवाब में व्हाट्सएप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूजरनेम फीचर से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए। कंपनी का कहना है कि इस फीचर में फर्जी पहचान, धोखाधड़ी और अनचाहे संपर्क जैसी समस्याओं से बचाव के लिए पहले से कई सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पहले से मौजूद यूजरनेम, सार्वजनिक हस्तियों, सेलिब्रिटीज, सरकारी संस्थानों और मेटा वेरिफाइड अकाउंट्स के यूजरनेम पहले से सुरक्षित रखे जाएंगे, ताकि उन्हें केवल उनके वास्तविक मालिक ही इस्तेमाल कर सकें।
आगे क्या होगा
अब सभी की नज़रें व्हाट्सएप के उस जवाब पर हैं जो वह MeitY को अतिरिक्त समय के भीतर सौंपेगी। यह बातचीत इस बात की मिसाल बन सकती है कि भारत सरकार भविष्य में बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स के नए फीचर लॉन्च को किस हद तक नियंत्रित करती है। गौरतलब है कि भारत में व्हाट्सएप के 50 करोड़ से अधिक सक्रिय यूजर्स हैं, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा व्हाट्सएप बाज़ार बनाते हैं।