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व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर वैकल्पिक, फोन नंबर की तरह नहीं होगी सर्चिंग; भारत सरकार ने रोक-आउट पर लगाई रोक

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व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर वैकल्पिक, फोन नंबर की तरह नहीं होगी सर्चिंग; भारत सरकार ने रोक-आउट पर लगाई रोक

सारांश

व्हाट्सएप का नया यूजरनेम फीचर वैकल्पिक होगा और फोन नंबर की तरह सर्च नहीं किया जा सकेगा — लेकिन भारत में इसकी लॉन्चिंग फिलहाल रुकी हुई है। सरकार ने तीन दिन में जानकारी माँगी है। यह डिजिटल प्राइवेसी और सोशल मीडिया नियमन की बड़ी बहस का नया मोड़ है।

मुख्य बातें

व्हाट्सएप ने 2 जुलाई 2026 को 'यूजरनेम' फीचर पर आधिकारिक FAQ जारी किया।
यूजरनेम फीचर वैकल्पिक है — अनिवार्य नहीं; फोन नंबर की तरह सर्च नहीं किया जा सकेगा।
इंस्टाग्राम या फेसबुक पर पहले से पंजीकृत यूजरनेम उन्हीं यूज़र्स के लिए रिजर्व रहेगा।
केवल असली अकाउंट के मालिक ही मशहूर हस्तियों के नाम रिजर्व कर सकते हैं।
भारत सरकार ने रोल-आउट पर रोक लगाई; कंपनी से तीन दिन में जानकारी माँगी।
व्हाट्सएप का लक्ष्य 2026 के अंत तक यूजरनेम फीचर लॉन्च करना है।

व्हाट्सएप ने 2 जुलाई 2026 को अपने नए 'यूजरनेम' फीचर को लेकर आधिकारिक FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) जारी किए, जिसमें स्पष्ट किया गया कि यह फीचर अनिवार्य नहीं, बल्कि पूरी तरह वैकल्पिक है। इसके साथ ही भारत सरकार ने इस फीचर के रोल-आउट पर फिलहाल पूरी तरह रोक लगा दी है और कंपनी से तीन दिनों के भीतर विस्तृत जानकारी माँगी है।

प्राइवेसी और सर्चेबिलिटी पर व्हाट्सएप का रुख

व्हाट्सएप ने अपने FAQ में साफ किया कि जिस तरह प्लेटफॉर्म पर किसी अनजान व्यक्ति का फोन नंबर सर्च नहीं किया जा सकता, उसी तरह यूजरनेम भी सर्च नहीं किया जा सकेगा। यह व्यवस्था यूज़र्स की निजता को बनाए रखने के लिए की गई है।

कंपनी ने यह भी बताया कि अनचाहे संपर्क को रोकने के सभी मौजूदा उपाय — जैसे अनजान मैसेज भेजने वालों के बारे में चेतावनी संदेश (नया अकाउंट है या नहीं, साझा ग्रुप है या नहीं, किस देश से है) — और ब्लॉक व रिपोर्ट करने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।

यूजरनेम चुनने और रिजर्वेशन की प्रक्रिया

व्हाट्सएप ने यूज़र्स को सलाह दी है कि यदि वे किसी अनचाहे व्यक्ति से संपर्क रोकना चाहते हैं, तो एक यूनिक यूजरनेम जोड़ना सबसे प्रभावी तरीका है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई यूजरनेम इंस्टाग्राम या फेसबुक पर पहले से किसी यूज़र के नाम पर है, तो वह उन्हीं के लिए रिजर्व रहेगा।

इसके अलावा, कंपनी ने उन दावों को भी खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि कोई भी लोकप्रिय या जाने-माने नाम रिजर्व कर सकता है। व्हाट्सएप ने कहा कि केवल असली अकाउंट के मालिक ही किसी मशहूर सार्वजनिक हस्ती का नाम रिजर्व कर सकते हैं।

गौरतलब है कि व्हाट्सएप ने इस साल के अंत में यूजरनेम फीचर की आधिकारिक लॉन्चिंग से पहले ही रिजर्वेशन की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी ने कहा, 'हम इसमें जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं और लोगों की राय भी सुन रहे हैं, ताकि जब इसे इस साल के आखिर में लॉन्च किया जाए, तो यह बिल्कुल सही हो।'

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने व्हाट्सएप के इस नए यूजरनेम फीचर के रोल-आउट पर फिलहाल पूरी रोक लगा दी है। सरकार ने कंपनी को निर्देश दिया था कि वह तीन दिनों के भीतर इस फीचर से जुड़ी सभी जानकारी साझा करे और जब तक सरकार के साथ बातचीत पूरी न हो जाए, तब तक इसे लॉन्च न किया जाए।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में डिजिटल प्राइवेसी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को लेकर नियामकीय सतर्कता बढ़ रही है। आलोचकों का कहना है कि यूजरनेम फीचर से अनजान लोगों द्वारा संपर्क की संभावना बढ़ सकती है, जिसे लेकर सरकार की चिंता स्वाभाविक है।

आम यूज़र्स पर असर

फिलहाल भारत में व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर की लॉन्चिंग अनिश्चितकाल के लिए टल गई है। जब तक सरकार और कंपनी के बीच बातचीत पूरी नहीं होती, यूज़र्स को पहले की तरह फोन नंबर के ज़रिए ही संपर्क करना होगा। हालाँकि, जो यूज़र्स पहले से रिजर्वेशन कर चुके हैं, उनके लिए स्थिति स्पष्ट नहीं है।

आगे क्या होगा

व्हाट्सएप और भारत सरकार के बीच चल रही बातचीत के नतीजे पर यह निर्भर करेगा कि यूजरनेम फीचर भारत में कब और किस रूप में लॉन्च होगा। कंपनी ने संकेत दिया है कि वह 2026 के अंत तक इसे वैश्विक स्तर पर लॉन्च करना चाहती है, लेकिन भारत जैसे बड़े बाज़ार में सरकारी अनुमति के बिना यह संभव नहीं होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारत सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया बताती है कि डिजिटल पहचान और अनामिता के मुद्दे पर नियामकीय संवेदनशीलता बढ़ रही है। असली सवाल यह है कि 'वैकल्पिक' फीचर होने के बावजूद सामाजिक दबाव में यूज़र्स इसे अपनाने के लिए मजबूर होंगे या नहीं — जैसा कई प्लेटफॉर्म पर पहले हो चुका है। सरकार की तीन दिन की समयसीमा यह भी दर्शाती है कि बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के फीचर लॉन्च अब भारत में पहले की तरह बिना जाँच-पड़ताल के नहीं हो सकते।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर क्या है?
व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर एक वैकल्पिक सुविधा है जिससे यूज़र्स अपने फोन नंबर की जगह एक यूनिक नाम से पहचाने जा सकते हैं। यह फीचर 2026 के अंत तक लॉन्च होने की योजना है, लेकिन भारत में इसके रोल-आउट पर सरकार ने फिलहाल रोक लगा दी है।
क्या व्हाट्सएप पर यूजरनेम से किसी को सर्च किया जा सकेगा?
नहीं। व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया है कि जैसे फोन नंबर से किसी अनजान को सर्च नहीं किया जा सकता, वैसे ही यूजरनेम से भी सर्च संभव नहीं होगा। यह व्यवस्था यूज़र्स की प्राइवेसी सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
भारत सरकार ने व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर पर रोक क्यों लगाई?
भारत सरकार ने व्हाट्सएप को निर्देश दिया है कि वह तीन दिनों के भीतर यूजरनेम फीचर से जुड़ी पूरी जानकारी साझा करे और सरकार के साथ बातचीत पूरी होने तक इसे लॉन्च न करे। सरकार की यह कार्रवाई डिजिटल प्राइवेसी और उपयोगकर्ता सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के मद्देनज़र की गई है।
क्या कोई भी मशहूर हस्ती का नाम व्हाट्सएप पर रिजर्व कर सकता है?
नहीं। व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया है कि केवल असली अकाउंट के मालिक ही किसी मशहूर सार्वजनिक हस्ती का नाम रिजर्व कर सकते हैं। इसके अलावा, इंस्टाग्राम या फेसबुक पर पहले से पंजीकृत यूजरनेम उन्हीं यूज़र्स के लिए रिजर्व रहेगा।
व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर भारत में कब लॉन्च होगा?
व्हाट्सएप का लक्ष्य 2026 के अंत तक इस फीचर को वैश्विक स्तर पर लॉन्च करना है, लेकिन भारत में इसकी लॉन्चिंग सरकार और कंपनी के बीच चल रही बातचीत के नतीजे पर निर्भर करेगी। फिलहाल भारत में रोल-आउट अनिश्चितकाल के लिए स्थगित है।
राष्ट्र प्रेस
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