व्हाट्सएप ने हजारों अकाउंट किए रिव्यू में, यूजर्स को 24 घंटे तक फीचर्स एक्सेस से रोका
सारांश
मुख्य बातें
मेटा के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने 4 अगस्त 2026 को हजारों यूजर्स के अकाउंट्स को अचानक 'रिव्यू' मोड में डाल दिया, जिससे वे ऐप के प्रमुख फीचर्स तक पहुँचने में असमर्थ हो गए। प्रभावित यूजर्स को बिना किसी पूर्व सूचना के यह प्रतिबंध झेलना पड़ा, और कंपनी ने समीक्षा प्रक्रिया के लिए 24 घंटे तक का समय बताया।
अकाउंट रिव्यू नोटिफिकेशन में क्या लिखा था
प्रभावित यूजर्स को व्हाट्सएप ऐप पर एक संदेश दिखाई दिया जिसमें लिखा था: 'अकाउंट रिव्यू में है। अपील की तारीख: 3 अगस्त 2026।' इस नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया कि 'आपके अकाउंट की एक्टिविटी और डिवाइस की जानकारी चेक की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह हमारी टर्म्स ऑफ सर्विस को फॉलो करता है।' कंपनी ने आश्वासन दिया कि परिणाम आमतौर पर 24 घंटे के भीतर सूचित किए जाएंगे।
नोटिफिकेशन में 'अकाउंट की दिक्कतों के बारे में जानें' का विकल्प भी शामिल था, जो व्हाट्सएप के जिम्मेदार उपयोग, चोरी हुए फोन और कॉम्प्रोमाइज्ड अकाउंट से जुड़ी जानकारी प्रदान करता है।
यूजर्स की प्रतिक्रिया और शिकायतें
सोमवार शाम से बड़ी संख्या में यूजर्स ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी परेशानी साझा की। एक यूजर ने लिखा, 'मेरा व्हाट्सएप अकाउंट बिना किसी वजह के बंद कर दिया गया है। मैंने पहले ही अपील कर दी है, लेकिन रिव्यू पेज पर सिर्फ एक आम मैसेज दिख रहा है जिसमें लिखा है कि इसे आम तौर पर 24 घंटे के अंदर रिव्यू किया जाएगा। मेरी तुरंत मदद करें।'
सलोनी नामक एक अन्य यूजर ने एक्स पर पोस्ट किया, 'मेरा व्हाट्सएप अकाउंट बिना किसी वॉर्निंग के अचानक बंद कर दिया गया। मैं सिर्फ आधिकारिक ऐप इस्तेमाल करती हूं और मेरा काम व्हाट्सएप पर निर्भर करता है। प्लीज मदद करें। यह बिल्कुल जरूरी नहीं था।' गौरतलब है कि भारत में व्हाट्सएप के करोड़ों सक्रिय उपयोगकर्ता हैं और बड़ी संख्या में लोगों का व्यवसाय इस प्लेटफॉर्म पर निर्भर है।
सरकारी नियामक पहल की पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) भारत में संचालित मैसेजिंग प्लेटफार्मों के लिए एक समान नियामक ढाँचा तैयार करने पर विचार कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, यह चर्चा व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर सरकार की आपत्तियों के बाद तेज हुई — वह फीचर जो यूजर्स को फोन नंबर साझा किए बिना बातचीत करने की सुविधा देता।
जुलाई में सामने आई रिपोर्टों में यह संकेत दिया गया था कि मंत्रालय प्लेटफॉर्म-विशिष्ट उपायों के बजाय एक व्यापक और एकीकृत नियामक नीति की दिशा में काम कर रहा है। यह ऐसे समय में है जब डिजिटल संचार पर सरकारी निगरानी और पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो रही है।
आगे क्या होगा
व्हाट्सएप ने अब तक इस सामूहिक कार्रवाई के कारणों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है। प्रभावित यूजर्स को 24 घंटे के भीतर अपने अकाउंट की स्थिति के बारे में सूचित किए जाने की उम्मीद है। डिजिटल अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के इस तरह की सामूहिक कार्रवाई से प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और उपयोगकर्ताओं के डिजिटल अधिकारों पर गंभीर सवाल उठते हैं।