कोलकाता के डैक्रेस लेन में चार मंजिला इमारत का हिस्सा ढहा, स्वतंत्रता दिवस पर बंद होने से बड़ा हादसा टला
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के मध्य क्षेत्र स्थित डैक्रेस लेन में 15 अगस्त को दोपहर के समय एक चार मंजिला इमारत का बड़ा हिस्सा अचानक सड़क पर गिर पड़ा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इमारत में स्थित सभी बार, रेस्तरां और दुकानें बंद थीं, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। इमारत के दूसरे हिस्से में मौजूद केयरटेकर समेत दो लोग सुरक्षित बच निकले।
घटनाक्रम: कैसे ढही इमारत
एस्प्लेनेड इलाके की डैक्रेस लेन सस्ती और लोकप्रिय खान-पान की दुकानों के लिए पूरे शहर में जानी जाती है। गवर्नमेंट प्लेस ईस्ट स्थित इस इमारत में कई रेस्तरां और बार संचालित होते हैं, जहाँ आमतौर पर दफ्तरों में काम करने वाले लोग दोपहर और शाम को बड़ी संख्या में पहुँचते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर में अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बाहर आकर देखा तो इमारत का एक बड़ा हिस्सा सड़क पर ढह चुका था।
प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वे सामने स्थित इमारत में बैठे थे, तभी अचानक जोरदार आवाज आई। बाहर निकलकर देखा तो इमारत का वही हिस्सा ढह चुका था, जहाँ आमतौर पर लोग दोपहर में बैठकर खाना खाते और बातचीत करते थे।
एक स्थानीय निवासी ने बताया, 'आज सब कुछ बंद था, इसलिए एक बड़ा हादसा टल गया। इस इमारत को पहले खतरनाक घोषित नहीं किया गया था।' घटना के बाद आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर बाहर निकाला गया।
प्रशासन और निगम की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही कोलकाता नगर निगम (KMC) की ध्वस्तीकरण टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर पूरे क्षेत्र को सुरक्षित घेरे में ले लिया। इमारत के आसपास के हिस्सों में भी दरारें देखी गई हैं, जिससे खतरा अभी भी बना हुआ है।
अधिकारियों ने इमारत गिरने के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जाँच में अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून के दौरान लगातार हुई बारिश से इमारत की संरचना कमज़ोर हो गई थी, जो इसके ढहने की एक संभावित वजह हो सकती है।
आगे क्या होगा
KMC की टीम इमारत के शेष हिस्सों की संरचनात्मक स्थिति की जाँच कर रही है। आसपास की इमारतों में दरारें मिलने के बाद उनकी भी जाँच की जाएगी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कोलकाता में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि मानसून के दौरान शहर में इस तरह की घटनाएँ पहले भी देखी गई हैं।