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कोलकाता के तारातला में गोदाम की छत धंसी: 3 मजदूरों की मौत, 15-18 अब भी मलबे में जिंदा

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कोलकाता के तारातला में गोदाम की छत धंसी: 3 मजदूरों की मौत, 15-18 अब भी मलबे में जिंदा

सारांश

कोलकाता के तारातला में बुधवार दोपहर निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने से 3 मजदूरों की जान गई, 15-18 अभी भी मलबे में जिंदा हैं। NDRF, सेना और फायर ब्रिगेड युद्धस्तर पर बचाव में जुटे हैं। मुख्यमंत्री ने गोदाम मालिकों पर कार्रवाई और KMC क्षेत्र में सभी निर्माण कार्य 31 जुलाई तक रोकने का आदेश दिया।

मुख्य बातें

24 जून को दोपहर 12:07 बजे दक्षिण कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरी।
3 मजदूरों की मौत ; मृतकों में रोहित चौधरी और कृष्णा चौधरी की पहचान हुई।
21 मजदूर सुरक्षित बाहर निकाले गए; 12 घायल एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती।
15 से 18 मजदूर अभी भी मलबे में — उनसे संपर्क बना है, पानी व ऑक्सीजन पहुँचाई जा रही है।
गोदाम मालिक बेहरा ब्रदर्स के खिलाफ कार्रवाई होगी; बिल्डिंग प्लान 17 जनवरी 2026 को मंजूर हुआ था।
KMC क्षेत्र में सभी व्यावसायिक निर्माण कार्य 31 जुलाई तक बंद; 1 अगस्त से दुरुस्त दस्तावेज वाले काम शुरू कर सकेंगे।

दक्षिण कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार, 24 जून को दोपहर 12:07 बजे निर्माणाधीन एक गोदाम की छत अचानक ढह गई, जिसमें 3 मजदूरों की मौत हो गई और 40 से अधिक कर्मचारी मलबे में दब गए। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा कर पुष्टि की कि 21 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 15 से 18 मजदूर अभी भी मलबे के नीचे फंसे हैं — हालाँकि उनसे संपर्क बना हुआ है और उन्हें पानी व ऑक्सीजन पहुँचाई जा रही है।

हादसे का घटनाक्रम

स्थानीय निवासियों के अनुसार, जब मजदूर अंदर वेल्डिंग का काम कर रहे थे, तभी अचानक छत ढह गई। करीब 20,000 वर्ग फुट में फैले इस गोदाम में कोई आंतरिक दीवार या विभाजन नहीं था, जिस कारण पूरी संरचना एक ही झटके में गिर पड़ी। अतिरिक्त भार सहन न कर पाने के कारण लोहे की बीम कई स्थानों पर मुड़ गईं। सरकारी दलों के पहुँचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था।

बचाव अभियान

घटनास्थल पर सिविल डिफेंस, कोलकाता पुलिस, फायर ब्रिगेड, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और भारतीय सेना के जवान युद्धस्तर पर राहत-बचाव में जुटे हैं। 50 टन तक वजन उठाने में सक्षम एक हाइड्रोलिक क्रेन और गैस कटर तैनात किए गए हैं। क्रेन की मदद से गिरी हुई संरचना को थामे रखा गया है ताकि वह और न धंसे। पुलिस ने मलबे में दबे मजदूरों का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग्स भी लगाए हैं। राज्य की नगरपालिका एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल भी घटनास्थल पर पहुँचीं और बचाव कार्य की निगरानी की।

मृतकों की पहचान और घायलों का उपचार

मारे गए तीन मजदूरों में से दो की पहचान रोहित चौधरी और कृष्णा चौधरी के रूप में हुई है। 12 घायल मजदूरों का उपचार एसएसकेएम अस्पताल में चल रहा है। मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि वे शीघ्र ही घायलों से मिलने अस्पताल जाएंगे।

सरकार की प्रतिक्रिया और जवाबदेही

मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में मीडिया को बताया कि निर्माणाधीन गोदाम का बिल्डिंग प्लान गलत था। इस प्लान को 17 जनवरी 2026 को मंजूरी दी गई थी। कोलकाता नगर निगम (KMC) के इंजीनियरों ने भी प्रारंभिक जाँच में प्लान को त्रुटिपूर्ण पाया है और एक विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र सौंपी जाएगी। गोदाम के मालिकों — बेहरा ब्रदर्स — के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की गई है।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि KMC क्षेत्र में निर्माणाधीन सभी व्यावसायिक संपत्तियों पर काम 31 जुलाई तक बंद रहेगा। इस दौरान बिल्डिंग प्लान और साइट प्लान का ऑडिट और मौके पर जाँच होगी। जिन परियोजनाओं के दस्तावेज दुरुस्त पाए जाएंगे, वे 1 अगस्त से काम पुनः आरंभ कर सकेंगी।

आगे क्या

बचाव अभियान जारी है और मलबे में फंसे 15 से 18 मजदूरों को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता है। KMC की विस्तृत जाँच रिपोर्ट और बेहरा ब्रदर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की दिशा अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होगी। यह हादसा शहरी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की निगरानी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक ऑडिट प्रणाली स्वतंत्र और पारदर्शी न हो, यह कदम भी प्रतीकात्मक ही रहेगा।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता के तारातला में गोदाम हादसा कब और कैसे हुआ?
हादसा 24 जून को दोपहर 12:07 बजे हुआ, जब दक्षिण कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन एक गोदाम की छत अचानक ढह गई। स्थानीय लोगों के अनुसार उस वक्त मजदूर अंदर वेल्डिंग का काम कर रहे थे।
तारातला गोदाम हादसे में अब तक कितने लोगों की मौत हुई और कितने फंसे हैं?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की पुष्टि के अनुसार 3 मजदूरों की मौत हुई है। 21 मजदूरों को बाहर निकाला जा चुका है और 15 से 18 मजदूर अभी भी मलबे में हैं, हालाँकि उनसे संपर्क बना है और उन्हें पानी व ऑक्सीजन पहुँचाई जा रही है।
बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
NDRF, भारतीय सेना, कोलकाता पुलिस, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस और KMC के कर्मचारी बचाव में लगे हैं। 50 टन क्षमता की हाइड्रोलिक क्रेन, गैस कटर और स्निफर डॉग्स भी तैनात किए गए हैं।
गोदाम मालिकों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोदाम मालिकों — बेहरा ब्रदर्स — के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। KMC इंजीनियरों ने बिल्डिंग प्लान को गलत पाया है, जिसे 17 जनवरी 2026 को मंजूरी दी गई थी। एक विस्तृत जाँच रिपोर्ट शीघ्र सौंपी जाएगी।
KMC क्षेत्र में निर्माण कार्य पर क्या पाबंदी लगाई गई है?
मुख्यमंत्री के आदेश पर KMC क्षेत्र की सभी निर्माणाधीन व्यावसायिक संपत्तियों पर काम 31 जुलाई तक बंद रहेगा। इस दौरान बिल्डिंग और साइट प्लान का ऑडिट होगा; दस्तावेज सही पाए जाने पर 1 अगस्त से काम दोबारा शुरू हो सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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