10 अगस्त 2026
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कोलकाता तारातला गोदाम हादसा: मृतकों की संख्या 14 हुई, 24 घंटे बाद भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी

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कोलकाता तारातला गोदाम हादसा: मृतकों की संख्या 14 हुई, 24 घंटे बाद भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी

सारांश

कोलकाता के तारातला में बुधवार दोपहर निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने से अब तक 14 मजदूरों की मौत हो चुकी है और 19 को मलबे से जीवित निकाला गया है। 24 घंटे बाद भी बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं।

मुख्य बातें

कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने से 14 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई।
हादसे के 24 घंटे से अधिक बाद भी बचाव अभियान जारी; अब तक 19 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया।
घटना बुधवार दोपहर , ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर हुई।
राज्य सरकार ने 14 मृतकों की पहचान सहित आधिकारिक सूची जारी की।
घायलों का उपचार एसएसकेएम अस्पताल में जारी; अधिकारियों को अभी भी मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका।

कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की दर्दनाक घटना में मृतकों की संख्या शुक्रवार, 27 जून 2025 तक बढ़कर 14 हो गई है। हादसे के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बचाव दल युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं, क्योंकि अधिकारियों को आशंका है कि अभी भी कई लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।

हादसे का घटनाक्रम

बुधवार दोपहर, ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक निर्माणाधीन गोदाम की छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। उस समय दर्जनों मजदूर रोज़ाना की तरह निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। भारी मलबा गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और कई मजदूर उसके नीचे दब गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत दल मौके पर पहुँच गए और बचाव अभियान शुरू किया गया। शुक्रवार सुबह तक मलबे से 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

मृतकों की पहचान

राज्य सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार, जान गंवाने वाले 14 मजदूरों की पहचान इस प्रकार हुई है: कृष्णा चौधरी (30), रोहित चौधरी (40), राहुल चौधरी (17), चंद्रमा चौधरी (60), पप्पू रजक (40), असगर हुसैन (55), साहिल सरदार (17), घी कुमार (17), असगर हुसैन (54), साहिल सरदार (17), हसन इमाम (44), गणेश कलंदी (45), नवीन सिंह (44) और स्वपन मंडल (56)

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी पीड़ितों का विवरण जुटाने और उनकी आधिकारिक पुष्टि करने के प्रयास जारी हैं। घायलों का उपचार एसएसकेएम अस्पताल में किया जा रहा है।

बचाव अभियान की स्थिति

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बचावकर्मी भारी मशीनरी और हाथों से मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि अभी भी कई मजदूर मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, यही कारण है कि बचाव कार्य बिना रुके जारी है। घायलों को तत्काल नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि इस प्रकार के हादसे अक्सर अनधिकृत निर्माण या सुरक्षा नियमों की अनदेखी का परिणाम होते हैं, हालाँकि इस मामले में जाँच अभी जारी है।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

राज्य सरकार ने मृतकों और घायलों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नज़र रख रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी पीड़ितों के बारे में शीघ्र ही पूरी जानकारी जुटा ली जाएगी।

आगे की स्थिति

बचाव अभियान के पूरा होने के बाद प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की जाँच किए जाने की संभावना है। मृतकों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है और घायलों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। जब तक मलबे की पूरी तरह सफाई नहीं हो जाती, मृतकों की संख्या में और बदलाव की आशंका बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता तारातला गोदाम हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
शुक्रवार तक मृतकों की संख्या 14 हो गई है। राज्य सरकार ने सभी 14 मृतकों की पहचान सहित आधिकारिक सूची जारी कर दी है।
तारातला गोदाम हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा बुधवार दोपहर कोलकाता के तारातला इलाके में ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर हुआ, जहाँ एक निर्माणाधीन गोदाम की छत का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया।
क्या अभी भी लोग मलबे में फंसे हैं?
अधिकारियों ने आशंका जताई है कि अभी भी कई मजदूर मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। इसी कारण 24 घंटे से अधिक समय बाद भी बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
घायल मजदूरों का उपचार एसएसकेएम अस्पताल में किया जा रहा है। अब तक मलबे से कुल 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
हादसे की जाँच कौन कर रहा है?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और सभी पीड़ितों की आधिकारिक पुष्टि के प्रयास जारी हैं। बचाव अभियान पूरा होने के बाद प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की विस्तृत जाँच किए जाने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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