कोलकाता गोदाम हादसा: ताराताला में छत गिरने से 11 मजदूरों की मौत, तूफान से बचाव कार्य बाधित
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के ताराताला इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से 25 जून 2025 को मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई, जबकि 19 घायल श्रमिकों का एसएसकेएम अस्पताल में उपचार जारी है। अधिकारियों के अनुसार अब तक मलबे से कुल 30 श्रमिकों को बाहर निकाला जा चुका है, हालाँकि दोपहर बाद आई भीषण आंधी ने बचाव अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया।
मुख्य घटनाक्रम
बचाव अभियान बुधवार रात से अनवरत चला और गुरुवार सुबह फिर गति पकड़ी। भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), कोलकाता पुलिस का आपदा प्रबंधन समूह, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ तथा कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की संयुक्त टीमें मलबा हटाने में जुटी रहीं। लोहे के बीमों को काटने के लिए गैस कटर और मलबा हटाने के लिए अर्थ मूवर्स का उपयोग किया गया। भीषण गर्मी और उमस के कारण टीमों को बार-बार बदलना पड़ा।
दोपहर 2 बजे के बाद कोलकाता में तेज़ आंधी आने से हाइड्रोलिक क्रेनों का संचालन असुरक्षित हो गया और काम रोकना पड़ा। दोपहर 3:30 बजे तूफान थमने के बाद बचाव अभियान दोबारा शुरू हुआ। अधिकारियों के अनुसार मलबे के भीतर से अब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी।
चिकित्सा व्यवस्था और राहत शिविर
घायल श्रमिकों को अस्पताल ले जाने से पहले प्राथमिक उपचार देने के लिए मलबे के निकट एक अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किया गया। एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती 19 श्रमिकों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। राज्य मंत्री इंद्रनील खान ने गुरुवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण किया।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने इमारत गिरने के सिलसिले में पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें गैर इरादतन हत्या और गैर इरादतन हत्या के प्रयास के आरोप शामिल हैं। निर्माण में कथित खामियों — विशेष रूप से कंक्रीट की छत के नीचे टिन की चादरों के उपयोग — की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) गठित किया गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को घटनास्थल का दौरा किया और बाद में एसएसकेएम अस्पताल में घायल श्रमिकों से मुलाकात की। उन्होंने इमारत ढहने का कारण दोषपूर्ण निर्माण योजना को बताया और घोषणा की कि केएमसी क्षेत्र में निर्माणाधीन सभी व्यावसायिक भवनों पर काम 31 जुलाई तक निलंबित रहेगा।
आगे क्या होगा
एसआईटी की जाँच में निर्माण की गुणवत्ता, अनुमति प्रक्रिया और ठेकेदारों की जवाबदेही पर ध्यान केंद्रित होने की संभावना है। 31 जुलाई तक लागू निर्माण रोक से केएमसी क्षेत्र में चल रही सभी व्यावसायिक परियोजनाएँ प्रभावित होंगी, और यह देखना होगा कि सरकार भवन-सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए क्या दीर्घकालिक कदम उठाती है।