कोलकाता गोदाम हादसा: 11 मौतें, ~40 दबे; पुलिस बोली — उपस्थिति रजिस्टर ही नहीं था
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के दक्षिण कोलकाता स्थित ताराताला में एक निर्माणाधीन गोदाम की छत बुधवार दोपहर अचानक ढह गई, जिसमें अब तक 11 श्रमिकों की मौत हो चुकी है और 19 अन्य घायल हैं। कोलकाता पुलिस ने गुरुवार, 25 जून 2026 को स्पष्ट किया कि ढहने के समय स्थल पर मौजूद श्रमिकों की सटीक संख्या निर्धारित करना संभव नहीं है, क्योंकि वहाँ उपस्थिति का कोई रजिस्टर नहीं रखा गया था।
मुख्य घटनाक्रम
अनुमान है कि लगभग 40 श्रमिक अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, लेकिन रजिस्टर के अभाव में यह आँकड़ा अनिश्चित बना हुआ है। नागरिक सुरक्षा बल, भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), अग्निशमन विभाग, कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम (KMC) के दल युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं। दोपहर में भीषण आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण बचाव कार्य में अस्थायी बाधा आई, लेकिन अभियान जारी रहा।
गिरफ्तारियाँ और एफआईआर
पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और एफआईआर में कुल पाँच लोगों को नामजद किया गया। मुख्य ठेकेदार असगर हुसैन का शव गुरुवार सुबह मलबे से बरामद हुआ। शेष चार नामजद आरोपियों के अलावा KMC से जुड़े एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार लोगों में अयान ट्रेडर्स के भवन पर्यवेक्षक मोहम्मद गुलजार शामिल हैं, जिनकी कंपनी गोदाम की छत के निर्माण में संलग्न थी। कोलकाता बंदरगाह से जमीन पट्टे पर लेकर गोदाम बना रही फर्म बेहेरा ब्रदर्स के मालिक शंभूनाथ बेहेरा, लोहे के फ्रेम निर्माता कमल सामंत और श्रम आपूर्तिकर्ता दिबाकर भंडारी को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त, KMC डिजाइन अनुमोदन के लिए कथित तौर पर दलाल के रूप में काम करने वाले अब्दुल हामिद को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस का बयान
कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने गुरुवार दोपहर शहर के पुलिस मुख्यालय लालबाजार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 19 घायलों का SSKM अस्पताल में उपचार चल रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थल पर श्रमिक उपस्थिति का कोई रिकॉर्ड न होने के कारण लापता लोगों की संख्या सुनिश्चित करना जाँच के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आम जनता और श्रमिकों पर असर
यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर श्रमिक सुरक्षा मानकों और उपस्थिति रिकॉर्ड की अनिवार्यता पर सवाल खड़े करता है। गौरतलब है कि कोलकाता बंदरगाह की जमीन पर निर्मित इस गोदाम में KMC के अनुमोदन की भूमिका की भी जाँच की जा रही है, जो इस मामले को केवल एक दुर्घटना से आगे ले जाती है।
आगे क्या होगा
जाँच एजेंसियाँ संरचनात्मक विफलता के कारणों और अनुमोदन प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की पड़ताल कर रही हैं। बचाव अभियान जारी है और मलबे में और शव या जीवित श्रमिक मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।