तारातला वेयरहाउस हादसा: मृतकों की संख्या 9 हुई, 5 गिरफ्तार; SIT जांच शुरू, 3-4 मजदूर अभी भी मलबे में
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के तारातला स्थित पी2 ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक निर्माणाधीन वेयरहाउस की छत गिरने से हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। 25 जून 2026 को गुरुवार सुबह सरकारी अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और मलबे में अभी भी 3 से 4 मजदूरों के दबे होने की आशंका है।
हादसे का घटनाक्रम
बुधवार दोपहर यह दुर्घटना तब हुई जब निर्माणाधीन वेयरहाउस की छत अचानक भरभराकर गिर गई। उस समय अंदर लगभग 40 मजदूर काम कर रहे थे। स्थानीय निवासियों ने सबसे पहले बचाव कार्य की पहल की, जिसके बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या निर्माण स्थल पर गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसमें कंक्रीट छत के नीचे टिन की शीट्स के इस्तेमाल के आरोप भी शामिल हैं।
घायलों की स्थिति और बचाव अभियान
अधिकारियों के अनुसार, हादसे में 20 घायल मजदूर अभी एसएसकेएम अस्पताल में इलाजरत हैं, जिनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। घटनास्थल पर भारतीय सेना, एनडीआरएफ, कोलकाता पुलिस की डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, राज्य अग्निशमन विभाग और कोलकाता नगर निगम (KMC) के अधिकारी मिलकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए रडार सिस्टम और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है, जो बुधवार से ही तैनात हैं।
पांच गिरफ्तारियां, SIT गठित
पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है — गुलजार हुसैन (एयान ट्रेडर्स के सुपरवाइजर), कमाल समंता (लोहे की संरचना निर्माता), शंभूनाथ बेरा (जमीन लीज पर लेने वाला), दिवाकर भंडारी (लेबर सप्लायर एवं ट्रिमेक्स कॉन्ट्रैक्टर) और अब्दुल हमीद (कोलकाता नगर निगम में निर्माण योजना की मंजूरी से जुड़े कथित मध्यस्थ)।
पूरे मामले की जांच के लिए कोलकाता पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT का नेतृत्व डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डिटेक्टिव डिपार्टमेंट) कर रहे हैं। टीम में जॉयसूर्या मुखर्जी (एसीपी), इंस्पेक्टर देवाशीष दत्ता (होमिसाइड स्क्वाड), इंस्पेक्टर हीरक दलापति (नए जांच अधिकारी), इंस्पेक्टर सरफराज अहमद (एंटी-रॉडी स्क्वाड) तथा तारातला थाने के सब-इंस्पेक्टर मानस भट्टाचार्य और कुशल मंडल शामिल हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच में और नाम सामने आने पर अतिरिक्त गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और बड़ा फैसला
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा किया और एसएसकेएम अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में निर्माण योजना में गंभीर खामियां सामने आई हैं और जिम्मेदार मालिकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कोलकाता नगर निगम (KMC) क्षेत्र में सभी निर्माणाधीन व्यावसायिक परियोजनाओं का कार्य 31 जुलाई तक रोक दिया जाएगा। सभी निर्माण स्थलों की बिल्डिंग प्लान, साइट प्लान और ऑन-स्पॉट जांच होगी; जिन परियोजनाओं के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उन्हें 1 अगस्त से पुनः कार्य की अनुमति दी जाएगी।
आगे क्या होगा
SIT की जांच और बचाव अभियान एक साथ चल रहे हैं। मलबे में दबे शेष मजदूरों को निकालना अभी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गौरतलब है कि यह हादसा ऐसे समय में आया है जब शहरी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। KMC क्षेत्र में व्यापक जांच के नतीजे तय करेंगे कि आने वाले हफ्तों में कितनी परियोजनाओं को हरी झंडी मिलती है।