10 अगस्त 2026
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कोलकाता वेयरहाउस छत हादसा: 5 मौतें, 3 हिरासत में; मलबे में अब भी फंसे मजदूर

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कोलकाता वेयरहाउस छत हादसा: 5 मौतें, 3 हिरासत में; मलबे में अब भी फंसे मजदूर

सारांश

कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन वेयरहाउस की छत ढहने से 5 मजदूरों की जान गई। पुलिस ने सुपरवाइजर और दो लेबर कॉन्ट्रैक्टरों को हिरासत में लिया है। मलबे में अभी भी मजदूरों के दबे होने की आशंका के बीच सेना, NDRF और दमकल विभाग संयुक्त रेस्क्यू में जुटे हैं।

मुख्य बातें

कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन वेयरहाउस की छत बुधवार रात ढही, 5 लोगों की मौत ।
20 घायल अस्पताल में भर्ती, जिनमें 2 की हालत गंभीर ।
पुलिस ने सुपरवाइजर मोहम्मद गुलजार , कॉन्ट्रैक्टर मोहम्मद अता यूल और सुभाष चौधरी को हिरासत में लिया।
भारतीय सेना , NDRF , कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल दमकल विभाग रेस्क्यू में जुटे।
कोलकाता नगर निगम के पूर्व बोर्ड ने निर्माण डिज़ाइन को 17 जनवरी को मंजूरी दी थी; खामियों की जाँच जारी।

कोलकाता के तारातला इलाके में एक निर्माणाधीन वेयरहाउस की छत बुधवार की रात ढहने से 5 मजदूरों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। कोलकाता पुलिस ने घटना के सिलसिले में तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, जबकि मलबे में अभी भी कुछ ठेका मजदूरों के दबे होने की आशंका बनी हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए तीन लोगों में निर्माणाधीन वेयरहाउस के सुपरवाइजर मोहम्मद गुलजार और दो लेबर कॉन्ट्रैक्टर — मोहम्मद अता यूल तथा सुभाष चौधरी — शामिल हैं। ये दोनों कॉन्ट्रैक्टर निर्माण कार्य के लिए ठेका मजदूरों की आपूर्ति करते थे।

घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ मजदूर गिरी हुई कंक्रीट स्लैब और लोहे के बीम के नीचे दबे हो सकते हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुँचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने 5 मौतों की पुष्टि की और बताया कि 20 घायलों का उपचार जारी है, जिनमें से 2 की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मलबे में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।

बचाव अभियान

राहत और बचाव कार्य में भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल दमकल विभाग की संयुक्त टीमें लगी हुई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं।

डिज़ाइन खामी की जाँच

प्रारंभिक जाँच में वेयरहाउस के निर्माण डिज़ाइन में खामियों की आशंका जताई जा रही है। बताया गया है कि कोलकाता नगर निगम के पूर्व बोर्ड ने इस डिज़ाइन को 17 जनवरी को मंजूरी दी थी। गौरतलब है कि यह घटना पश्चिम बंगाल में निर्माण स्थलों पर हुई दुर्घटनाओं की श्रृंखला में एक और कड़ी है, जिसने प्रशासनिक निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े किए हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस हिरासत में लिए गए तीनों व्यक्तियों से गहन पूछताछ कर रही है। जाँच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि निर्माण में लापरवाही हुई या नक्शे की मंजूरी प्रक्रिया में कोई चूक रही। रेस्क्यू ऑपरेशन के पूरा होने के बाद मृतकों की संख्या बदल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शहरी निर्माण नियमन की व्यापक विफलता का प्रतिबिंब है। कोलकाता नगर निगम ने जिस डिज़ाइन को मंजूरी दी, उसमें खामियों की आशंका अब जाँच के केंद्र में है — यह सवाल उठाता है कि अनुमोदन प्रक्रिया में तकनीकी समीक्षा कितनी गहरी थी। पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ वर्षों में निर्माण स्थल हादसों की पुनरावृत्ति दर्शाती है कि श्रमिक सुरक्षा मानदंड केवल कागज़ों तक सीमित हैं। जब तक ठेकेदारों और अनुमोदन अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होती, ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता तारातला वेयरहाउस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 घायलों का उपचार जारी है, जिनमें 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। मलबे में अभी भी कुछ मजदूरों के फंसे होने की आशंका है, इसलिए यह संख्या बदल सकती है।
पुलिस ने किन लोगों को हिरासत में लिया है?
कोलकाता पुलिस ने वेयरहाउस के सुपरवाइजर मोहम्मद गुलजार और दो लेबर कॉन्ट्रैक्टरों — मोहम्मद अता यूल तथा सुभाष चौधरी — को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। ये तीनों निर्माण कार्य से सीधे जुड़े थे।
तारातला वेयरहाउस की छत क्यों गिरी?
प्रारंभिक जाँच में निर्माण डिज़ाइन में खामियों की आशंका जताई जा रही है। बताया गया है कि कोलकाता नगर निगम के पूर्व बोर्ड ने इस डिज़ाइन को 17 जनवरी को मंजूरी दी थी। जाँच अभी जारी है और अंतिम कारण की पुष्टि होना बाकी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
भारतीय सेना , NDRF , कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल दमकल विभाग संयुक्त रूप से बचाव अभियान में लगी हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री ने हादसे पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुँचकर घायलों का हाल जाना और 5 मौतों की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता मलबे में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालना है और डॉक्टर घायलों को बचाने में पूरी तरह जुटे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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