UNGA 81वें सत्र में बांग्लादेश PM तारिक रहमान बोले: विकास बजट को युद्ध पर खर्च करना विश्व शांति की सबसे बड़ी रुकावट
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश पीपल्स रिपब्लिक के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि विकास बजट को सैन्य खर्च की ओर मोड़ने की वैश्विक प्रवृत्ति विश्व शांति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। उन्होंने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा संकट, बढ़ती महंगाई और मानवीय विस्थापन पर गहरी चिंता व्यक्त की।
वैश्विक संघर्ष और आर्थिक दबाव
प्रधानमंत्री रहमान ने कहा कि आज के वैश्वीकरण के दौर में दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाली घटनाओं का असर हर देश पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य-निर्मित संघर्षों ने अनेक देशों में अशांति फैलाई है और बड़ी संख्या में लोग अपने घर और इलाके छोड़ने के लिए विवश हो रहे हैं, जिससे गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न हो रहे हैं।
उन्होंने रेखांकित किया कि युद्ध और संघर्षों की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था भारी दबाव में है। ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट और बढ़ती महंगाई ने आर्थिक हालात को और जटिल बना दिया है।
कूटनीति और बातचीत पर बल
रहमान ने स्पष्ट कहा कि किसी भी संघर्ष का समाधान बातचीत, कूटनीतिक तरीकों और आपसी सहयोग से ही होना चाहिए। उनके अनुसार, संघर्षरत देशों के बीच संबंधों की बुनियाद समानता, निष्पक्षता, परस्पर हितों की रक्षा, आपसी सम्मान और गरिमा पर आधारित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, 'हम ऐसी शांतिपूर्ण दुनिया चाहते हैं जहाँ बदलाव का जरिया घातक हथियार नहीं, बल्कि तर्क, बातचीत, कूटनीति, शिक्षा और इंसानियत हो।'
निःशस्त्रीकरण और परमाणु अप्रसार पर बांग्लादेश का रुख
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास बजट को सैन्य खर्च की ओर मोड़ने की बढ़ती प्रवृत्ति विश्व शांति की राह में एक बड़ी रुकावट है। उन्होंने घोषणा की कि बांग्लादेश व्यापक निःशस्त्रीकरण, परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने और हथियार नियंत्रण के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में संघर्षों के बीच दुनिया के कई देशों के रक्षा बजट में तेज वृद्धि देखी जा रही है, और विकास सहायता कोषों पर दबाव बढ़ रहा है।
फिलिस्तीन और संयुक्त राष्ट्र के प्रति समर्थन
रहमान ने स्वतंत्रता की माँग कर रहे फिलिस्तीनी लोगों के प्रति बांग्लादेश की गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके आत्मनिर्णय के अधिकार और एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की स्थापना के अधिकार के लिए बांग्लादेश का समर्थन मजबूत और अटूट है।
उन्होंने यह भी कहा कि मानवता और शांति स्थापित करने की दिशा में संयुक्त राष्ट्र की हर पहल को बांग्लादेश का पूर्ण समर्थन प्राप्त है।
सत्र की थीम और बांग्लादेश का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री रहमान ने UNGA के 81वें सत्र की थीम — 'भरोसा फिर से कायम करना, बदलाव को संभालना: ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए नतीजे दे' — को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप अत्यंत प्रासंगिक बताया। बांग्लादेश, संयुक्त राष्ट्र को आपसी समझ और संप्रभु समानता पर आधारित वैश्विक व्यवस्था के केंद्र के रूप में देखता है।
गौरतलब है कि बांग्लादेश संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में शीर्ष योगदान देने वाले देशों में रहा है, जो उसके इस रुख को और अधिक विश्वसनीयता प्रदान करता है। आने वाले दिनों में UNGA के इस सत्र में और कई देश अपना पक्ष रखेंगे, जिनसे वैश्विक कूटनीतिक दिशा का संकेत मिलेगा।